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बुलेट प्रूफ VVIP घेरे पर नहीं था अमेरिकी खुफिया सेवा को भरोसा


obama-security नई दिल्ली,(एजेंसी) 27 जनवरी । अमेरिकी खुफिया विभाग आखिरकार गणतंत्र दिवस समारोह के दिन अपने राष्ट्रपति बराक ओबामा को सुरक्षा कवच से लैस लीमोजिन से यात्रा कराने में सफल रही। परंपरा के अनुसार, उन्हें भारत के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के साथ आना चाहिए था। पहली बार हुए एक और घटनाक्रम में अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स को बुलेट प्रूफ वीवीआईपी घेरे के अंदर बैठने की इजाजत भी दी गई।

मामले से वाकिफ एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि हालांकि, भारतीय पक्ष की तरफ से एक गड़बड़ी ने सरकार के टॉप लेवल के अधिकारियों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया। दरअसल, इस वीवीआईपी घेरे में छत नहीं थी और गणतंत्र दिवस समारोह के पहले हॉफ में ओबामा, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हल्की बारिश का सामना करना पड़ा।

ऐसे घेरे में कभी भी छत नहीं बनाई जाती रही है। सीनियर सरकारी अधिकारियों ने बताया कि इसके पीछे मकसद यह है कि इसके अंदर बैठे लोगों को कार्यक्रम देखने, मसलन भारतीय एयर फोर्स के करतब के नजारे में किसी तरह की दिक्कत नहीं हो। हालांकि, सोमवार को यह मामला काफी परेशान करने वाला रहा। मिशेल ओबामा खुद छाता पकड़े नजर आईं, जबकि अटेंडेंट्स राष्ट्रपति ओबामा, मुखर्जी और मोदी को छाता कवर देने के लिए जल्द पहुंचे। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति पोडियम पर छाता पकड़े नजर आए। इस दौरान ओबामा भारत के राष्ट्रपति मुखर्जी का कार्यक्रम के लिए इंतजार कर रहे थे।

एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने बताया, ‘अगले साल से हमारे पास ग्लास रूफ का कवर हो सकता है। जिस तरह पिछले कुछ वर्षों में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस तरह की छत का इंतजाम किया जा रहा है, उसी तरह से गणतंत्र दिवस पर ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। सीपीडब्ल्यूडी (सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट) और डिफेंस मिनिस्ट्री को भी इस बात का ख्याल रखने को कहा गया है।’

दिलचस्प बात यह है कि सोमवार सुबह के मौसम के मद्देनजर फ्लाई-पास्ट को लेकर भी संदेह था। होम मिनिस्ट्री ने 19 जनवरी को जारी सर्कुलर में कहा था कि फ्लाई-पास्ट मौसम के मिजाज पर निर्भर करता है। दिन के चढ़ने के साथ ही मौसम के मिजाज में सुधार आया और विजिबलिटी बेहतर होने से फ्लाई-पास्ट की इजाजत मिल सकी।

इससे पहले अमेरिकी खुफिया विभाग अपनी दोनों अहम मांगों को मनवाने में कामयाब रही। पहला यह है कि ओबामा ‘द बीस्ट’ में सफर करेंगे और उनके एजेंट्स वीवीआईपी घेरे में उनके बगल में खड़े होंगे। इस वीवीआईपी घेरे के अंदर कम से कम तीन एजेंट्स नजर आए। इन एजेंट्स ने ईयर-फोन पहन रखा था और लगातार बात कर रहे थे। एक अधिकारी ने बताया कि यह बात पहले से तय थी कि ओबामा अपनी गाड़ी में चलेंगे। राजपथ पर तकरीबन 500 सीक्रिट सर्विस एजेंट्स वीवीआईपी घेरे के आसपास मौजूद थे। ऊंची इमारतों पर स्नाइपर्स की तैनाती की गई थी।


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