Home >> Exclusive News >> मेरठ: जेल की दीवार फांद कर 91 बाल बंदी फरार, दो सिपाही सस्‍पेंड

मेरठ: जेल की दीवार फांद कर 91 बाल बंदी फरार, दो सिपाही सस्‍पेंड


मेरठ,(एजेंसी) 1 फरवरी । सूरजकुंड स्थित मंडलीय बाल संप्रेक्षण गृह (बच्‍चा जेल) से रविवार की देर रात 91 बाल बंदी दीवार फांद कर फरार हो गए। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। इन बाल बंदियों ने भागने के लिए अपने कंबल और चादर का इस्‍तेमाल किया। इन कपड़ों की रस्‍सी बनाकर छत से नीचे उतरकर भाग निकले। इसकी जानकारी होते ही पुलिस के अधिकारियों ने पूरे शहर की नाकेबंदी कर चेकिंग कराई गई। इस दौरान 33 बाल बंदियों को अलग-अलग स्थानों से पकड़ लिया गया है, जबकि 58 बंदियों की अभी भी तलाश जारी है। दूसरी ओर, फरार बाल कैदियों को पकड़ने के लिए एक-एक रुपए का इनाम रखा गया है, वही इस मामले में दो सिपाहियों को सस्‍पेंड कर दिया गया है।
bal-kaidi_1422853688 (1)
पुलिस गिरफ्त में फरार हुए बाल कैदी।

बाल बंदियों के फरार होने की सूचना मिलते ही डीआईजी रमित शर्मा सोमवार तड़के करीब छह बजे जेल पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी ली। बताया जा रहा है बाल बंदी आधी रात के बाद रसोई की ओर से दीवार फांद कर भागे हैं। दीवार से नीचे उतरने के लिए उन्होंने कंबल और चादर की रस्सी बनाई, क्‍योंकि मौके से पुलिस ने रस्‍सी बरामद की है। एसपी सिटी ओमप्रकाश ने बताया कि फरार बंदियों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीम लगाई गई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

43 बंदियों को शनिवार को शिफ्ट किया गया था बुलंदशहर
मेरठ के बाल संप्रेक्षण गृह से 43 बाल बंदियों को शनिवार को ही बुलंदशहर शिफ्ट किया गया था। शिफ्ट किए गए बाल बंदियों में हापुड़ के 16 और बुलंदशहर के 27 बाल बंदी थे। शिफ्ट किए जाने से पहले यहां बाल बंदियों की संख्या 186 थी, जो अब 143 रह गई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी के अनुसार, मेरठ के बाल बंदियों की संख्या 34 है। इसके अलावा करीब इतने ही बाल बंदी बागपत जिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अब गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर के बाल बंदियों को उनके जिलों में शिफ्ट किया जाएगा।

पहले भी फरार हो चुके हैं बाल बंदी
बाल संप्रेक्षण गृह से बंदियों के फरार होने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी यहां से बाल बंदी फरार हो चुके हैं, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में पहली बार फरार हुए हैं। बाल संप्रेक्षण गृह में कई बार बाल बंदी हंगामा और तोड़फोड़ भी कर चुके हैं। बीते माह पेशी से लौटते समय बाल बंदियों ने बाल संप्रेक्षण गृह के अंदर ही एक सिपाही पर हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज के दौरान ही कुछ ही देर बाद मौत हो गई थी।


Check Also

बिहार : ज्वेलरी व्यवसायी के बेटे का अपहरण, अपराधियों ने फिरौती के तौर पर एक करोड़ रुपये की मांग की

बिहार में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *