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राज ठाकरे के बेटे की ‘चुपचाप’ पॉलिटिकल एंट्री


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मुंबई,(एजेंसी)11 फरवरी । एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे के पुत्र अमित का राजनीतिक प्रवेश ‘शांति के साथ’ संपन्न हुआ। अमित म्यूनिसिपल कमिश्रनर सीताराम कुंटे को ज्ञापन देने बीएमसी मुख्यलय पहुंचे थे । कमिश्रर के कमरे से निकलकर उन्होंने इस बारे में पत्रकारों से बात करने से इनकार दिया। अमित मीडिया के सामने सिर्फ फोटो सेशन के लिए ही पेश हुए। कमिश्रनर के सामने धड़ल्ले से मुद्दे रख रहे अमित बाहर टीवी कैमरों से मुंह चुराते दिखाई दिए।
बीएमसी ही क्यों?:

राज ठाकरे के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरवरी 2017 के मुंबई महानगरपालिका चुनाव है। अपनी राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए उन्हें शिवसेना से मुकाबला करना होगा। पिछले चुनाव में बीजेपी को समर्थन देने की घोषणा का उनकी पार्टी को कोई खास फायदा नहीं मिला। उलटे शिवसेना वो सभी जगहें छीन ले गई, जहां राज की पार्टी ने बड़ी मुश्किल से राजनीतिक जमीन बनाई थी। मुंबई महानगरपालिका पर दो दशकों से शिवसेना का परचम फहरा रहा है। आगे हमला उसी पर केंद्रित करना होगा। इसी दिशा में तैयारी करते हुए बीएमसी के कामकाज पर सवाल उठाने की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है।
आदित्य बनाम अमित

शिवसेना में उद्धव ठाकरे के पुत्र आदित्य का चमत्कारिक गति से उत्थान हो रहा है। आदित्य मंत्रियों से बैठक लेकर मुंबई के विकास के मामलों पर आदेश दे रहे हैं। उनके दिवंगत दादा बालासाहेब ठाकरे के साथ काम कर चुके पार्टी के वरिष्ठ नेता आदित्य के आगे-पीछे घूमते नजर आ रहे हैं। यह अटकल लगाई जा रही है कि 2017 के आगामी महानगरपालिका चुनाव में आदित्य को पार्टी के चेहरे के तौर पर पेश किया जा सकेगा। पिछले दोनों चुनाव में आदित्य ने घूम-घूम कर रोड शो किए, सभाएं लीं और रणनीति तैयार करने वाली बैठकों में सक्रियता के साथ हिस्सा लिया। वरिष्ठ विधायकों के परास्त होने के बाद राज ठाकरे के पास वक्ताओं की कमी होगी। शिवसेना के मंत्रियों की टीम भी गली-गली घूम रही होगी।
बीजेपी का सहारा

बीजेपी की राज्य सरकार पर हमला टालना राज की सामरिक रणनीति का हिस्सा हो सकती है। विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मुंबई में जैसी अभूतपूर्व सफलता मिली है, उसे देखते हुए बीएमसी में शिवसेना से साथ उसका समझौता होना लगभग नामुमकिन हो गया है। ऐसे में शिवसेना को तू-तू-मैं-मैं में उलझाने के लिए बीजेपी जूनियर पार्टनर के तौर पर राज की पार्टी के साथ हाथ मिला ले, इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


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