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‘जबरन छूने और चूमने की कोशिश करते थे पचौरी’


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नई दिल्ली,(एजेंसी) 22 फरवरी । जाने-माने पर्यावरणविद और नोबल पुरस्कार विजेता आर के पचौरी पर एक और महिला ने लगाया है बेहद ही संगीन आरोप। आरोप यौन उत्पीडन का। इसके पहले भी एक महिला से यौन उत्पीड़न, अश्लील ईमेल और आपत्तिजनक मैसेज भेजने का आरोप लगाय़ा ।

आर के पचौरी पर यौन उत्पीडन का संगीन आरोप लगाने वाली उस महिला के सामने आने के बाद एक और महिला ने भी पचौरी पर लगाए हैं सगीन इल्जाम। उस महिला का आरोप है कि पचौरी ने उसका भी यौन शोषण किया है।

पीड़िता ने बताया कि मैं और मेरी जैसी बहुत सारी महिलाएं जो संस्थान में काम करती थी। पिछले दस साल में उनका अलग-अलग समय में यौन उत्पीडन हुआ है जो पचौरी ने किया या उनकी जानकारी में था। पचौरी का ये व्यवहार बहुत आम था। वो ऑफिस के बाद मोबाइल पर फोन करते थे। महिलाओं से उनकी निजी जिंदगी के बारे में बातें करते थे। शराब पीने और रात के खाने पर बुलाते थे और जबरन छूने और चूमने की कोशिश करते थे। मैंने ये शिकायत एचआर को करने की कोशिश की तब मुझे पता चला कि एचआर की महिलाओं के साथ भी ऐसा होता था। हैरानी की बात तो ये है कि इसके बाद भी मेरी शिकायतों पर गौर नहीं किया गया और मुझे मामला खत्म करने के लिए कहा गया।

पचौरी पर संगीन आरोप लगाने वाली ये दोनों महिलाएं कौन हैं। पहचान छुपाने के लिए हम आपको ना तो उनका चेहरा दिखायेंगे और ना ही उनका नाम बताएंगे, लेकिन सबसे पहले कहानी उस महिला की। जिसने पुलिस को सुनाई अपनी सनसनीखेज दास्तान, उन मैसेजेज की दास्तान जो बेहद सनसनीखेज है।

मैसेज- मैं आप पर यकीन करती हूं और आप ये जानते हैं लेकिन मुझे लगा कि मेरे साथ गलत हुआ है। प्लीज आप मुझे ऐसे ही पकड़ नहीं सकते और ना ही चूम सकते हैं।

एक नहीं. ऐसे कई आपत्तिजनक मैसेज हैं जिसका खुलासा आरोप लगाने वाली पहली महिला ने किया है और अब इन आरोपों की कहानी ने पूरे देश में फैला दी है सनसनी। आर के पचौरी…..जानमाने पर्यावरणविद वो हस्ती जिन्हें पूरी दुनिया जानती है। द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट यानी टेरी के महानिदेशक पद पर तैनात आर के पचौरी ने कामयाबी की वो कहानी लिखी है जो किसी के लिए भी एक सपना हो सकता है। वो राष्टपति के हाथों पद्म भूषण से भी नवाजे जा चुके हैं लेकिन अब प्रसीद्धि की बुलंदियों को छूने वाले यही आर के पचौरी संगीन आरोपों से घिर गए हैं।

आर के पचौरी ने जिस संस्थान के महानिदेशक पद पर काम करते हुए पूरी दुनिया में नाम कमाया है उसी संस्थान में काम करने वाली एक महिला ने उनपर लगाया है बेहद ही संगीन आरोप। टेरी में बतौर रिसर्च एनालिस्ट काम करने वाली 29 साल की उस महिला का आरोप है कि पचौरी ने उसे ई-मेल और व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक मैसेज भेजे हैं और अपने प्रभुत्व का इस्तेमाल करते हुए उसका यौन उत्पीडन किया है।

मशहूर पर्यावरणविद और नोबल पुरस्कार विजेता आर के पचौरी पर संगीन आरोप लगाने वाली महिला का कहना है कि यौन उत्पीडन की ये कहानी तब शुरु हुई ।जब एक सितंबर 2013 को उसने पचौरी के साथ काम करना शुरु किया और अब उस महिला की शिकायतों के बाद पुलिस ने भी पचौरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है ।

महिला की शिकायतों के बाद बुधवार को दिल्ली की लोधी कॉलोनी पुलिस स्टेशन में आर के पचौरी के खिलाफ जो एफआईआर दर्ज की गई है उसकी कहानी बेहद सनसनीखेज है। पुलिस ने धारा 354 यानी छेडछाड। धारा 354 A यानी पीछा करना और धारा 354 D अर्थात यौन उत्पीडन के तहत ये मामला दर्ज किया है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक आर के पचौरी के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद अब वो इसकी जांच कर रही है जरुरत पडने पर पचौरी से पूछताछ भी की जाएगी लेकिन 23 फरवरी तक पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकती क्योंकि दिल्ली हाई कोर्ट ने निचली अदालत में अंतरिम जमानत के लिए पचौरी को ये मोहलत दी है। यौन उत्पीडन के इस सनसनीखेज आरोप के सामने आने के बाद पचौरी के वकील का कहना है कि मामला अभी कोर्ट में है इसलिए हम कुछ कह नहीं सकते।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक आर के पचौरी पर यौन उत्पीडन का आरोप लगाने वाली महिला ने 13 फरवरी को शिकायत की थी। 33 पन्नों के उस शिकायत पत्र में पचौरी पर महिला ने कई संगीन आरोप लगाए थे और फिर पुलिस ने 18 फरवरी को पचौरी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

अपने शिकायत पत्र में आरोप लगाने वाली महिला ने जिस कहानी का ब्यौरा दिया है वो बेहद चौकाने वाली है। महिला का कहना है कि उसने एक सितंबर 2013 को आर के पचौरी के साथ काम करना शुरु किया था। तब पचौरी का व्यवहार एक दोस्त की तरह था लेकिन थोडे ही दिनों बाद पचौरी ऐसी हरकतों पर उतर आए जिसे बर्दाश्त करना उसके लिए बेहद मुश्किल हो गया।

आरोपों की इस सनसनीखेज कहानी में मेल टूडे के हवाले से जो खबर आई है उसके मुताबिक आर के पचौरी ने अपने संस्थान में रिसर्च एनालिस्ट का काम करने वाली महिला को अलग-अलग तारीखों में कई आपत्तिजनक मैसेज भेजे थे और अब कहानी उन्हीं अलग मैसेजेज की।

मैसेज की पूरी कहानी

7 सितंबर 2013

रात के 9.22 बजे

मेरी जान, तुम्हारी शुभकामनाओं ने मुझे सुरक्षित घर पहुंचा दिया है. क्या कभी तुम्हारा प्यार मुझे मेरे सच्चे घर में सुरक्षित पहुंचाएगा, मेरा सच्चा घर तुम्हारा प्यार भरा दिल है.

8 सितंबर 2013

दोपहर के 2.32 बजे

मैं अपनी भावनाओं को दबा कर रखने की कोशिश करुंगा और अपने शब्दों और हरकतों पर उदास सी रोक लगा कर रहूंगा. कभी अपनी वजह से तुमको परेशान नहीं करना चाहता.

17 सितंबर 2013
रात के 10.28 बजे

मैं तुमको कभी परेशान नहीं करना चाहता भले इसके लिए मुझे खुद को रोकना ही क्यों ना पड़े.

अंग्रेजी अखबार मेल टूडे ने आर के पचौरी के जिन मैसेजेज का खुलासा किया है. उसे पढकर किसी को भी हैरानी हो सकती है. पचौरी के इन मैसेज के बाद आरोप लगानी वाली महिला क्या जवाब दिया था. मेल टूडे ने इसका भी खुलासा किया है.

17 सितंबर 2013

रात के 10.30 बजे

डॉ. पचौरी, मैं थोड़ा शर्मिंदा हो जाती हूं और घबरा जाती हूं.

1 अक्टूबर 2013
रात के 9.33 बजे

एक 21सवीं सदी की महिला होने के नाते मुझे ये कहने का हक है कि आप कृपा करके मुझे करीब से पकड़ने या चूमने की कोशिश ना करें. मैं अभी मेट्रो स्टेशन पर पहुंची हूं.

1 अक्टूबर 2013

रात के 10.01 बजे

मैं आपके ऑफिस में सिर्फ एक खूबसूरत चेहरा बन कर नहीं रहना चाहती. इससे मुझे तकलीफ होती है और ये बहुत हतोत्साहित करता है. मेरा अनुभव बहुत कम है और आप जहां हैं उससे मैं बहुत दूर हूं. मैं कभी ऐसा कुछ नहीं करुंगी जिसके लिए मेरी अंतरात्मा तैयार ना हो और ना ही मैं किसी तरह का गलत फायदा लूंगी.

अंग्रेजी अखबार मेल टूडे के मुताबिक अपने मैसेज के जरिए महिला ने आर के पचौरी के सामने ये साफ कर दिया था कि उसे उनकी हरकतें पसंद नहीं. लेकिन पचौरी इसके बाद भी नहीं माने. वो बदस्तूर उसे मैसेज पर मैसेज भेजते रहे

1 अक्टूबर 2013

रात के 10.06 बजे

ये बहुत ही कठोर चोट है. और तुमको घर पहुंच कर मुझे मैसेज करके बताने की कोई जरूरत नहीं है. मैं अपनी हरकतों के लिए माफी चाहता हूं. अब मैं खुद को रोक कर रखूंगा. मैं कोई आवारा नहीं हूं जैसा कि तुम कहने की कोशिश कर रही हो.

1 अक्टूबर 2013
रात के 10.12 बजे

तुमको ये साबित करने के लिए कि मैं तुमसे कितना प्यार करता हूं, मैं कल के क्रिकेट मैच के बाद उपवास करुंगा. मैं उपवास तभी खत्म करुंगा जब तुम मुझे कहोगी कि तुमको इस बात का यकीन हो गया है कि मैं तुमको सच्चा और हद से ज्यादा प्यार करता हूं.

1 अक्टूबर 2013
रात के 10.21 बजे

ठीक है हम दोनों के सोचने का नजरिया अलग अलग है, हम वैसे ही जी सकते हैं और जीने दे सकते हैं. हो सकता है किसी दिन तुमको पता चले कि तुम्हारे लिए मेरी भावनाएं कितनी प्यारी और सच्ची हैं. मैं तब तक अपना उपवास नहीं खोलूंगा जब तक कि तुमको इस पवित्र सच पर यकीन ना आ जाए.

मेल टूडे के मुताबिक पचौरी के इस मैसेज का आरोप लगाने वाली महिला ने फौरन ही जवाब दिया था और लिखा था.

1 अक्टूबर 2013

रात के 10.22 बजे

मैं आप पर यकीन करती हूं और आप ये जानते हैं. लेकिन मुझे लगा कि मेरे साथ गलत हुआ है. प्लीज आप मुझे ऐसे ही पकड़ नहीं सकते और ना ही चूम सकते हैं.

मेल टूडे के मुताबिक महिला के इस मैसेज के बाद आर के पचौरी ने एक बार फिर उसे मैसेज किया.

1 अक्टूबर 2013

रात के 10.28 बजे

ठीक है, मैं तुम्हारी बात समझ गया. काश तुम किसी प्यारी और नाजुक और किसी घटिया और अश्लील हरकत में फर्क देख पातीं. जाहिर है तुम नहीं देख पाईं. मैं चुपचाप तुमसे दूर हो जाऊंगा. अलविदा मेरी प्रिय (नाम). मैं फिर भी उपवास रखना चाहता हूं ताकि तुमसे सुन सकूं कि तुमको यकीन है कि मैं तुमसे वाकई प्यार करता हूं.

2 अक्टूबर 2013
शाम के 4.57 बजे

मैं उम्मीद करता हूं कि तुम ठीक हो और बहुत ज्यादा परेशान नहीं हो. अगर तुमको किसी भी तरह की असहजता महसूस हो रही है तो मैं तुमको यकीन दिलाना चाहता हूं कि मैं तुमको बहुत ज्यादा और सच्चा प्यार करता हूं. मैं कभी भी तुम्हारे साथ या तुम्हारे लिए ऐसा कुछ नहीं करुंगा जो तुमको पसंद ना हो.

मेल टूडे के मुताबिक पचौरी के इस मैसेज के बाद महिला ने जो जवाब दिया था . उससे यही लगता है कि वो राहत महसूस कर रही थी…लेकिन इसके बाद भी उसकी परेशानी कम नहीं हुई.

2 अक्टूबर 2013

शाम के 5 बजे

मैं अब थोड़ा कम परेशान हूं और मैं उम्मीद करती हूं कि आप जल्दी कुछ खा लेंगे. आशा करती हूं आपका पॉलैंड का सफर अच्छा रहे और मैं आपसे अगले हफ्ते मिलूंगी.

एक महिला के आरोपों की इस कहानी में मेल टूडे ने आर के पचौरी के कई मैसेजेज के अलावा उनके कई ईमेल्स का भी ब्यौरा दिया है.

आर के पचौरी…जाने माने पर्यावरणविद और नोबल पुरस्कार विजेता…वो हस्ती जो अब सवालों के घेरे में हैं…क्योंकि उनके साथ काम करने वाली एक महिला ने उनपर लगाया है यौन उत्पीडन का बेहद ही संगीन आरोप….और अब आरोपों की इस कहानी के बाद अंग्रेजी अखबार मेल टूडे ने पचौरी के ऐसे कई ईमेल्स का खुलासा किया है.जिसकी कहानी बेहद ही सनसनीखेज है…आर के पचौरी ने अपने ईमेल्स में आरोप लगाने वाली महिला को क्या लिखा था अब आप ये भी देख लीजिए.

10 अक्टूबर 2013

प्रिय (नाम), मैं रात के 2 बजे से जाग रहा हूं. एक बात जो मुझे परेशान कर रही है, और जो कि तुमको सुकून और आराम देगी वो ये है कि मेरे लिए तुमको अब गले लगाना बहुत मुश्किल है. पिछली बार जो तुमने मुझे कहा था कि मैंने तुम्हारे ‘शरीर’ को ‘पकड़’ लिया था, ये बात मुझे परेशान कर रही है. ऐसी बातें उनके लिए होती हैं जो आपका शोषण करना चाहते हों. मैंने तुम्हें आत्मा से, दिमाग से और दिल से प्यार किया है. हां मैं तुमको शारीरिक रूप से प्यार करता हूं क्योंकि मैं तुम्हारे हर पहलू से प्यार करता हूं. इसलिए तुमको छूना मेरे लिए मुश्किल है, अब मैं सिर्फ तुम्हारे हाथ को चूम सकता हूं. लेकिन हो सकता है तुम यही चाहती हो. अब भी तुमसे प्यार करता हूं लेकिन दूर से.

कहनी यही खत्म नहीं होती है. मेल टुडे के मुताबिक आर के पचौरी अपने महत्वपूर्ण मीटिंग के दौरान भी आरोप लगानी वाली महिला के ख्यालो में डूबे रहते थे. और उनका ये ईमेल इसी बात की तस्दीक करता है.

15 अक्टूबर 2013

मैं यहां IPCC की मीटिंग में बैठा हूं और छुप छुप कर तुमको मैसेज भेज रहा हूं. उम्मीद है इससे तुम्हारे लिए मेरी भावनाओं का पता तुमको चल जाएगा.

14 नवंबर 2013

मेरी प्यारी जान, तुम मेरे पास जब आई थीं तब तुम अपनी पिछली नौकरी जाने पर निराश थीं. अपने नुकसान के एवज में तुमने मुझ पर कितना भरोसा किया? मेरी साफ हिदायत के बावजूद तुम जिम जाती रही. तुमको ये पता होना चाहिए कि अगर मैं तुमसे शादी नहीं करूंगा तो भी मैं जिंदगी भर तुम्हारा रहूंगा.

14 नवंबर को लिखे आर के पचौरी के इस मेल के जवाब में महिला ने उन्हें किया लिखा था. मेल टूडे ने इसका भी खुलासा किया है. और ये कहानी भी यही बताती है कि महिला बेहद परेशान थी.

24 नवंबर 2013
दोपहर 3.22 बजे

अगर आप किसी की तरफ बेहद आकर्षित होकर कुछ करते हैं तो इसका मतलब ये नहीं हैं कि आप उससे प्यार करते हैं. प्यार अलग चीज है. शारीरिक संबंध तभी अच्छा होता है जब आप उसे सही व्यक्ति के साथ बनाएं. मैं हर किसी से प्यार नहीं कर सकती. आपके दो बार अनजान महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध बनें हैं. मैंने उनके साथ संबंध बनाएं हैं जिससे मैंने प्यार किया है ना कि किसी भी ऐसे के साथ जिसके साथ मैंने सिर्फ एक रात खाना खाया हो.

मेल टूडे ने यौन उत्पीडन का आरोप लगाने वाली महिला और नोबल पुरस्कार विजेता आर के पचौरी के जिन मैसेजेज और ईमेल्स का खुलासा किया है. उसकी कहानी बहुत कुछ कहती है. और अब महिला की शिकायतों के बाद पुलिस इसी बात की तहकीकात कर रही है कि आरोपों की इस कहानी का पूरा सच क्या है. इससे मामले में शिकायतकर्ता महिला का कहना है कि उसने नौ फरवरी को द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट यानी टेरी में आर के पचौरी के खिलाफ शिकायत की थी. लेकिन वहां कोई कार्रवाई नहीं हुई. आखिरकार इंसाफ के लिए उसे पचौरी के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करना पडा. और अब हर किसी की नजर पुलिस की जांच पर टिकी है. क्योंकि जांच के बाद ही ये साफ होगा कि महिला ने आर के पचौरी पर जो आरोप लगाए हैं. उसमें कितनी सच्चाई है.


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