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लो आ गए अच्छे दिन! सर्विस टैक्स बढ़कर 14 फीसदी, अब घर से निकलते ही कटेगी आपकी जेब


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नई दिल्ली,(एजेंसी) 28 फरवरी । पूरे देश की निगाहें इस वक्त मोदी सरकार के पहले आम बजट पर टिकी हुई हैं। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में साल 2015-16 का आम बजट पेश कर दिया। बजट की अहम बातें इस तरह हैं..

आम बजट की एक खास बात यह है कि इनकम टैक्स स्लैब में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। टैक्स चोरी करने पर 10 साल तक की जेल हो सकती है। टैक्स में चोरी पर कालेधन से जुड़े नियमों के तहत सजा का प्रावधान किया जाएगा। कालेधन को लेकर नया कानून लाया जाएगा।

अरुण जेटली ने कहा कि कालेधन पर रोक के लिए रुपयों के नकद लेन-देने को सीमित करने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि हमने भ्रष्टाचार राज को पीछे छोड़ दिया है। सरकारी खरीद में भ्रष्टाचार रोकने का सिस्टम बनाया जाएगा। आम बजट 2015-16: ये हुआ हमारे लिए सस्ता

बजट में कुछ राज्यों पर खास ध्यान

राज्यों के विकास पर पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ बिहार और पश्चि‍म बंगाल के विकास पर भी फोकस करने का लक्ष्य रखा गया है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में AIIMS बनाने का प्रस्ताव है। अरुणाचल प्रदेश में फिल्म इंस्टीट्यूट बनाया जाएगा।
कर्नाटक में IIT बनाया जाएगा और ISM, धनबाद को IIT का दर्जा मिलेगा।
आम बजट 2015-16: ये हुआ हमारे लिए महंगा

अरुण जेटली ने कहा कि केंद्रीय कर्मचारियों को अगले साल से 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ मिलेगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1 हजार करोड़ अतिरि‍क्त धन का प्रावधान किया गया है।

अरुण जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत 12 रुपये के प्रीमियम पर 2 लाख का कवर मिलेगा। 2022 तक हर परिवार को घर और परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।

डायरेक्ट टैक्स से 14.49 लाख करोड़ रुपये की उगाही
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि वित्त वर्ष 2015-16 में डायरेक्ट टैक्स के जरिए 14.49 लाख करोड़ रुपये की उगाही होने का अनुमान है। जेटली ने कहा कि एक करोड़ रुपये से अधिक की कमाई पर अधिभार देना होगा।

तेजी से विकास कर रही देश की अर्थव्यवस्था: जेटली
अरुण जेटली ने वित्त वर्ष 2015-16 का आम बजट पेश किया और कहा कि उनकी सरकार द्वारा उठाए गए सुधारवादी कदमों के कारण देश की साख दोबारा मजबूत होने से आज अर्थव्यवस्था बेहतर स्थिति में पहुंच गई है। जेटली ने लोकसभा में अपने बजट भाषण की शुरुआत में कहा, ‘मैं एक ऐसे आर्थिक परिवेश में यह आम बजट पेश कर रहा हूं, जो पिछले समय की तुलना में अधिक पॉजिटिव है। दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं मुश्किलों का सामना कर रही हैं। भारत उच्च विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।’

GDP विकास दर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान
अरुण जेटली ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2014-15 में वास्तविक GDP विकास दर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इससे भारत को दुनिया की तेजी से बढ़ रही बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में मदद मिलेगी.. वित्तमंत्री ने कहा, ‘हमें बर्बादी और निराशा विरासत में मिली है। हमने उचित कदमों के द्वारा इससे उबरने में एक लंबा रास्ता तय किया है। हमारा उद्देश्य जीवन की गुणवत्ता में सुधार और देश के आम आदमी तक सुविधाएं पहुंचाना है।’

‘सब्स‍िडी बंद करना सरकार की मंशा नहीं’
वित्तमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की मंशा सब्सिडी बंद करना नहीं है, बल्कि उद्देश्यों को हासिल करने के लिए इन्हें बेहतर तरीके से लागू करना है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को ऋण के रूप में लगभग 8.5 लाख करोड़ रुपये मुहैया कराए जाएंगे। इसके साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए 5,300 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।

आम बजट: संपत्ति कर खत्म करने का ऐलान
केंद्रीय मंत्री वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को अपने बजट भाषण में संपत्ति कर के प्रावधान को समाप्त करने की घोषणा की।

2015-16 में वित्तीय घाटा 3.9 फीसदी लाने का लक्ष्य: जेटली
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2014-15 में वित्तीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.1 फीसदी तक लाने का लक्ष्य रखा है. अगले तीन सालों में इसे और घटाकर 3 फीसदी तक लाए जाने का लक्ष्य है। जेटली ने बजट पेश करते हुए कहा, ‘वित्त वर्ष 2014-15 में वित्तीय घाटा 4.1 फीसदी लाने का लक्ष्य है।’ जेटली ने कहा, ‘हमारी योजना अगले 3 सालों में इसे तीन फीसदी करना है। 2015-16 में 3.9 फीसदी, 2016-17 में 3.5 फीसदी और 2017-18 में तीन फीसदी का लक्ष्य है।’

रेल, सड़क और बुनियादी ढांचे के लिए टैक्स फ्री बॉन्ड का प्रस्ताव है। 150 करोड़ रुपये से रिसर्च और डिवलेपमेंट फंड की शुरुआत की गई है। बजट में बाल विकास के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नी‍ति आयोग को 1 हजार करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव है।

बजट भाषण में अरुण जेटली ने ‘मेक इन इंडिया’ से रोजगार पैदा करने की बात कही है। जेटली ने कहा कि सरकार ने साफ-सफाई को आंदोलन का रूप दिया है। उन्होंने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष में 6 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

वित्तमंत्री ने अपील की कि उच्च आयवर्ग के लोग स्वेच्छा से एलपीजी सब्स‍िडी छोड़ देंगे। सरकार ने देशभर में डाक नेटवर्क के विस्तार की बात कही है। उन्होंने जनधन योजना को भी डाकघरों से जोड़ने के प्लान का जिक्र किया।

अटल पेंशन योजना के तहत सरकार 1 हजार रुपये प्रतिमाह देगी। पेंशन का पैसा 60 साल की अवस्था के बाद मिलेगा। गरीबी रेखा से नीचे रह रहे लोगों के लिए सीनियर सिटिजन वेलफेयर फंड का प्रस्ताव रखा गया है।

LIVE: आम बजट की खास बात- 1 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन पर PAN का ब्योरा देना होगा।

बजट भाषण की शुरुआत करते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि भारत दुनिया में तेजी से विकास कर रही अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में हाल के दिनों में आमूलचूल और शानदार बदलाव आए हैं।

अरुण जेटली ने कहा कि केंद्र सरकार ने हर क्षेत्र में विकास का माहौल बनाया है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में ज्यादा विकास का लक्ष्य रखा गया है, ताकि वे मुख्यधारा में शामिल हो सकें। चालू खाते का घाटाा 1.3 फीसदी से कम रहने का अनुमान है। 9 महीने में कई योजनाएं शुरू की गई हैं। साथ ही दो अंकों का विकास दर हासिल करने का लक्ष्य दूर नहीं है।

बजट में 1 लाख किलोमीटर सड़के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। सबसे पहली चुनौती कृष‍ि क्षेत्र में विकास बताया गया है। साल 2022 तक 2 करोड़ अतिर‍िक्त‍ आवास की जरूरत बताई गई। बजट में गांवों और शहरों में एक जैसी संचार व्यवस्था की जरूरत बताई गई है।

इससे पहले अरुण जेटली ने संसद भवन पहुंचकर कैबिनेट की बैठक की। इस बैठक में बजट को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. संसद भवन आने से पहले जेटली ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की।

आम बजट से शेयर बाजार को बड़ी उम्मीदें हैं। शनिवार सुबह 9.54 बजे सेंसेक्स ने करीब 241 अंकों की छलांग लगाई। निफ्टी में भी 73 अंकों की बढ़त देखी गई।

पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने उम्मीद जताई कि आम बजट में श‍िक्षा और स्वास्थ्य पर ज्यादा जोर होगा। उन्होंने कहा कि देश को इन दोनों ही मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है।

आम जनता को महंगाई से राहत और टैक्स में रियायत का ब्रेसब्री से इंतजार है। मोदी सरकार के बजट से मध्यम वर्ग को भी बड़ी उम्मीदें हैं। लोग सस्ते कर्ज की उम्मीद भी लगाए बैठे हैं।

चाहे कामकाजी वर्ग हो या छात्र, सरकारी अधिकारी हों या फिर घर संभालने वाली गृहिणी, सबको राहत के बजट का इंतजार है। यह उम्मीद बेमानी नहीं है। प्रत्यक्ष कर यानी डाइरेक्ट टैक्स का छठा हिस्सा वेतनभोगी कर्मचारियों से आता है और बजट में यही वर्ग सबसे ज्यादा उपेक्षित रह जाता है।
आम बजट में होनी चाहिए ये 8 बातें

आम टैक्सपेयर को वित्तमंत्री से किसी बड़ी राहत की उम्मीद तो नहीं है, क्योंकि पिछले साल ही इनकम टैक्स स्लैब्स में बदलाव किया गया था। लेकिन देश में सेविंग्स को बढ़ावा देने वाले और सरकार को और पैसा मुहैया कराने में कारगर इनकम टैक्स के सेक्शन 80 C का दायरा और उसकी छूट सीमा, जो फिलहाल डेढ़ लाख रुपये है, उसे बढ़ाया जा सकता है। इसे 2 लाख रुपये किया जा सकता है। रिजर्व बैंक और सरकार दोनों ही चाहते हैं कि की देश में सेविंग्स रेट बढ़े। आम बजट में नहीं होनी चाहिए ये 7 बातें

इसके अलावा होम लोन पर टैक्स छूट, जो मूलधन के लिए फिलहाल डेढ़ लाख सालाना है, उसे बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया जा सकता है. So Sorry: जनता की जेटली से यही मांग है…

छात्र चाहते हैं कि पढ़ाई के लिए मिलने वाले कर्ज के ब्याज को भी थोड़ा कम किया जाए। छात्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साक्षर भारत और उच्च शिक्षा पर जोर देते हैं, लिहाजा एजुकेशन लोन की दरो को घटाना चाहिए।

लोगों को बीजेपी का घोषणापत्र और आम चुनाव में किए गए वायदे, दोनों याद आ रहे हैं। अब देखना होगा कि यह आम बजट आम लोगों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।


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