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अमन की आस: फिर से शुरू हो रही है भारत-पाक बातचीत


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नई दिल्ली,(एजेंसी) 03 मार्च । सात महीने बाद एक बार फिर से भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत शुरू होने वाली है। भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर आज पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में वहां के विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी से मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर विदेश सचिव एस जयशंकर इन दिनों सार्क देशों के दौरे पर हैं और इसी कड़ी में आज वे इस्लामाबाद पहुंचेंगे और 4 मार्च को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल जाएंगे।

साल 2014 के अगस्त महीने में भारत ने पाकिस्तान के साथ विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द कर दी थी क्योंकि सरकार के एतराज के बावजूद कश्मीर के अलगावादी नेताओं ने दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायुक्त से मुलाकात की थी। विदेश सचिव एस जयशंकर की यात्रा के दौरान मंगलवार को भारत और पाकिस्तान के बीच उच्च स्तरीय बातचीत होगी। यह विदेश नीति की दिशा में एक और बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सार्क यात्रा पहल’ के तहत यह बातचीत होगी।

करीब सात माहीने बाद हो रही इस बातचीत को परमाणु हथियार संपन्न दो पड़ोसियों के बीच द्विपक्षीय संबंध बेहतर होने के रूप में देखा जा रहा है। पिछले साल अगस्त में दोनों सरकारों के बीच होने वाली बातचीत तत्कालीन विदेश सचिव सुजाता सिंह के काल में निरस्त हो गई थी। हालांकि बाद में प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सकारात्मक संकेत दिए थे।

विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द कर दी गई थी, क्योंकि बातचीत होने के पहले पाकिस्तान ने कश्मीरी अलगाववादी नेताओं की राय ली थी। भारत ने उस समय कहा था कि वह पाकिस्तान की ओर से इस तरह की किसी गतिविधि को मंजूर नहीं करेगा। सरकार ने कहा था कि वह पाकिस्तान के साथ कश्मीर, सर क्रीक और सियाचिन से जुड़े सभी विवादों पर बात करने को तैयार है, लेकिन वह हुर्रियत नेताओं की बात नहीं सुनेगी। भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक, शब्बीर शाह और जिलानी सहित कई नेताओं से बातचीत की थी।

ऐसा माना जा रहा है कि बातचीत किसी भी पूर्व शर्त के बगैर और मुक्त माहौल में होगी, जिसके लिए सार्क की बैठक के दौरान माहौल बना था। हालाकि बातचीत सार्क के व्यापक परिप्रेक्ष्य में होगी, लेकिन इस दौरान द्विपक्षीय मसलों पर भी चर्चा होगी। कश्मीर पहला और सबसे बड़ा मसला है जो पाकिस्तान अपनी ओर से उठा सकता है। वहीं भारत नियंत्रण रेखा पर युद्ध विराम के उल्लंघन या सबसे प्रिय देश (एमएफएन) का मसला उठा सकता है।


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