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विदेश सचिव स्‍तरीय वार्ता आज फिर शुरू करेंगे भारत-पाक, विश्वास बहाली उपायों की पेशकश की संभावना


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इस्‍लामाबाद,(एजेंसी) 03 मार्च । भारत और पाकिस्‍तान के बीच विदेश सचिव स्‍तरीय वार्ता मंगलवार को एक बार फिर शुरू होगी। भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर मंगलवार को पाकिस्तान में अपने समकक्ष (पाकिस्तान के विदेश सचिव) ऐजाज अहमद चौधरी से मुलाकात कर बातचीत की शुरुआत करेंगे। जानकारी के अनुसार, जयशंकर इसके बाद पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से भी मुलाकात करेंगे।

भारत की ओर से विदेश सचिव स्तरीय वार्ता रद्द किए जाने के सात महीने बाद मंगलवार को विदेश सचिव एस. जयशंकर अपने पाकिस्तानी समकक्ष एजाज अहमद चौधरी से बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचे। ढाका से उड़ान भरकर जयशंकर इस्लामाबाद पहुंचे। वहां हवाईअड्डे पर उनकी अगवानी भारतीय उच्चायुक्त टीसीए राघवन ने की। भारतीय उच्चायुक्त ने ट्विट किया, विदेश सचिव स्तरीय वार्ता के लिए भारतीय विदेश सचिव डा. एस. जयशंकर इस्लामाबाद पहुंच गए। जयशंकर ने रविवार को भूटान यात्रा के साथ ‘सार्क यात्रा’ की शुरुआत की और कल वह बांग्लादेश की यात्रा पर थे। बाद में वह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात करेंगे इसके बाद कल अफगानिस्तान यात्रा के लिए रवाना होंगे।

पाकिस्तान ने पहले ही यह उम्मीद जताई है कि यह बातचीत भारत-पाक वार्ता के बहाल होने की दिशा में अहम साबित होगी। उधर, भारत यह कहता रहा है कि वह दोनों देशों के बीच ‘स्थिति को सामान्य करने की प्रक्रिया’ को आगे बढ़ाने की दिशा में चर्चा करेंगे। पाकिस्तान उच्चायुक्त के नई दिल्ली में कश्मीरी अलगावादियों से मुलाकात करने के बाद भारत ने विदेश सचिव स्तरीय वार्ता रद्द कर दी थी। पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रिकेट कूटनीति का इस्तेमाल कर शरीफ से बात की थी और उनसे जयशंकर की ‘सार्क यात्रा’ का भी जिक्र किया था। दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ (दक्षेस) दक्षिण एशिया के आठ देशों का एक आर्थिक और भू-राजनैतिक समूह है। इसके सदस्य देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं।

गौर हो कि पिछले साल पाकिस्तान दूत ने मना करने के बावजूद नई दिल्ली में अलगाववादियों से मुलाकात की थी जिसके बाद भारत ने इसे अपने अंदरुनी मामलों में दखल करार देते हुए विदेश सचिव स्तरीय वार्ता निलंबित कर दी थी। समझा जाता है कि जयशंकर राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज से और प्रधानमंत्री के विशेष सहायक तारिक फातेमी से मुलाकात करेंगे।

हालांकि, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने हालांकि बातचीत के एजेंडा के बारे में कुछ नहीं बताया लेकिन प्रवक्ता तस्नीम असलम ने बृहस्पतिवार को कहा था कि कश्मीर सहित सभी प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। जिन अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा किए जाने की उम्मीद है उनमें सुरक्षा, सियाचिन, पानी, विश्वास बहाली उपाय, जनसंपर्क और व्यापार संबंधी मुद्दे हैं। समझा जाता है कि भारत मुंबई हमलों के मास्टर माइंड जकीउर रहमान लखवी सहित सभी षड्यंत्रकारियों के खिलाफ सुनवाई का मुद्दा भी उठाएगा।

एक वरिष्ठ राजनयिक के अनुसार, बातचीत में किसी बड़ी सफलता की उम्मीद नहीं है लेकिन यह पाकिस्तान के प्रति मोदी सरकार के रुख को समझाने का एक अवसर मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा कि साफ कहूं तो हमें कोई आइडिया नहीं है कि यह भारत सरकार क्या चाहती है। हम उनकी नीति समझने की कोशिश करेंगे। निजी मीडिया की खबर में कहा गया है कि पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर वर्ष 2003 में हुए संघर्ष विराम समझौते का सम्मान करने के प्रस्ताव सहित कुछ नए विश्वास बहाली उपायों की पेशकश कर सकता है। विदेश सचिव एस जयशंकर की इस पाक यात्रा को विदेश नीति की दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है।

सचिव स्तर की बातचीत में लश्कर कमांडर लखवी को जेल में मिल रही सुविधा का मुद्दा भी उठ सकता है। आतंकवादी लखवी को जेल में मिल रही सुविधाओं पर भारत अपना विरोध भी दर्ज करा सकता है। इस्लामाबाद को उम्मीद है कि जयशंकर की इस दो दिन यात्रा से दोनों देशों के बीच नियमित बातचीत की जमीन तैयार होगी और ये सिलसिला भी फिर शुरू हो सकेगा। इस मौके पर पाकिस्तान विश्वास बहाली के उपाय भी सुझाएगा।


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