Home >> Breaking News >> निर्भया के रेपिस्ट के इंटरव्यू पर बवाल, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

निर्भया के रेपिस्ट के इंटरव्यू पर बवाल, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर


nirbhaya-rapists-interview-row-delhi-police-register-fir

नई दिल्ली,(एजेंसी) 04 मार्च । एक ब्रिटिश फिल्ममेकर द्वारा डॉक्युमेंट्री के लिए निर्भया गैंगरेप ऐंड मर्डर केस के एक दोषी का इंटरव्यू लेने का मामला विवाद में फंस गया है। केंद्र सरकार ने मामले पर गंभीर रुख अपनाते हुए तिहाड़ जेल प्रशासन से जवाब मांगा है। दिल्ली पुलिस ने भी रेपिस्ट का इंटरव्यू शूट करने पर गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।

दिल्ली पुलिस चीफ बीएस बस्सी ने कहा, ‘हम भारतीय मीडिया से अपील करते हैं कि इस डॉक्युमेंट्री को न दिखाया जाए। पुलिस इस शो का प्रसारण रोकने के लिए चीफ मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट के कोर्ट में जा रही है।’ पुलिस ने आईपीसी के सेक्शन 509 (औरत के शील या सम्मान को चोट पहुंचाना) और 504 (जानबूझकर बेइज्जत कर अपराध के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया है।

16 दिसंबर, 2012 को हुए गैंगरेप की विक्टिम के पैरंट्स ने दोषी मुकेश सिंह द्वारा कही गई बात पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। मुकेश ने विक्टिम को ही घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया था। विक्टिम के पैरंट्स ने इसे शर्मनाक बताते हुए उसे तुरंत फांसी देने की मांग की थी। फिल्ममेकर लेसली अडविन का कहना है कि वह तो महिलाओं के प्रति पुरुषों के ऐटिट्यूड को समझना चाहती थीं और उन्होंने इसे सनसनीखेज बनाने जैसा कुछ नहीं किया है।

सूत्रों के मुताबिक, जेल में बंद दोषी का इंटरव्यू लिए जाने के मामले में राजनाथ सिंह ने गंभीर रुख अपनाते हुए तिहाड़ जेल के डीजी आलोक कुमार वर्मा से बात की और तुरंत जवाब देने को कहा। बताया जा रहा है कि डीजी ने गृहमंत्री को फोन पर अब तक के डिवेलपमेंट की जानकारी दी है।

केस में फांसी की सजा पाने वाले मुकेश कुमार ने इंटरव्यू में कहा था कि अगर कोई महिला देर रात को बाहर जाती है तो वही अपने साथ होने वाली घटना के लिए जिम्मेदार होती है। उसने कहा था, ‘रेप के लिए लड़के के मुकाबले लड़की ज्यादा जिम्मेदार होती है।’ मुकेश ने यह भी कहा था कि अगर लड़की ने प्रतिरोध नहीं किया होता वे उसकी पिटाई नहीं करते और उसकी मौत नहीं होती।

इस बीच फिल्ममेकर ने लोगों से अपील की है कि वे फिल्म को लेकर कोई पूर्वाग्रह न रखें। यह फिल्म 8 मार्च को एनडीटीवी पर दिखाई जानी है। फिल्ममेकर का दावा है कि उन्होंने तिहाड़ जेल की डायरेक्टर जनरल विमला मेहरा से बीबीसी के लिए मुकेश का इंटरव्यू लेने की इजाजत ले ली थी। फिल्ममेकर का कहना है, ‘मैंने तिहाड़ के डीजी को लेटर लिखा, तो उन्होंने गृह मंत्रालय से बात की। मैंने मई 2013 में लेटर लिखा था और 2 हफ्तों में मुझे इजाजत मिल गई थी।’


Check Also

दुखद : MDH ग्रुप के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी का निधन

एमडीएच ग्रुप के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी का निधन हो गया है. उन्होंने माता चन्नन देवी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *