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मसरत आलम की रिहाई संसद में हंगामा, पीएम मोदी बोले- अलगाववाद, आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं करेंगे


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नई दिल्‍ली/श्रीनगर ,(एजेंसी) 09 मार्च । केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर सरकार से उन परिस्थितियों के संबंध में रिपोर्ट मांगी है, जिसके तहत कट्टरपंथी अलगाववादी नेता मसरत आलम को रिहा किया गया। उधर, जम्‍मू कश्‍मीर में सोमवार से 48 घंटे के बंद का ऐलान किया गया है। पैंथर्स पार्टी ने बंद का आह्वान किया है। संसद में मसरत की रिहाई को लेकर आज विपक्षी दलों ने हंगामा किया।

लाइव अपडेट इस प्रकार हैं –

– कांग्रेस ने कहा कि मुफ्ती सरकार से समर्थन वापस ले बीजेपी।

– मसरत के मुद्दे पर पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार को बिना बताए मसरत की रिहाई हुई।

-अलगाववाद को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे, आतंकवाद के मुद्दे पर दलबंदी नहीं होनी चाहिए।

-जेएंडके सरकार का कोई फैसला केंद्र से पूछकर नहीं, देश की एकता और अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं होगा। मुफ्ती सरकार ने अपनी मर्जी से पूछकर फैसला किया।

– सदन के आक्रोश के साथ मैं भी हूं। देश का गुस्‍सा जायज। मगर आतंकवाद पर दुनिया में गलत संदेश नहीं जाए। हम गठबंधन में हैं, इसलिए विपक्ष को आलोचना का अधिकार है। लेकिन विपक्ष हमें देशभक्ति नहीं सिखाए।

– ये देश अलगाववाद, आतंकवाद के मुद्दे पर कभी नहीं समझौता नहीं करेगा। इस पर दलबंदी न हो। पीएम ने सांसदों से कहा कि इस तरह की किसी हरकत के प्रति अपना आक्रोश जरूर रखें, सरकार बनने के बाद जो भी गतिविधियों हो रही हैं, वह भारत सरकार के साथ बिना मशविरा के हो रही हैं। इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है।

-मसरत आलम की रिहाई मामले पर राजनाथ सिंह ने कहा कि जेएंडके सरकार ने रिपोर्ट सौंप दी है, देश की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं।

– हम देश बनाने के लिए राजनीति करते हैं। मसरत पर धोखाधड़ी, देशद्रोह के केस दर्ज हैं। मसरत पर अब तक 27 केस दर्ज हैं।

– जरूरत पड़ी और यदि विपक्ष चाहेगा तो पीएम बयान देंगे: गृह मंत्री।

– अलगाववादी नेता मसरत आलम की रिहाई के मसले पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में आज अपने बयान में कहा कि कई सांसदों ने अपनी चिंता व्‍यक्‍त की है। इस घटना को लेकर जेएंडके सरकार से रिपोर्ट मांगी गई है।

– राजनाथ सिंह के बयान के दौरान लोकसभा में हंगामा।

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-सरकार सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगी: राजनाथ सिंह।

– बयान देने से पहले राजनाथ सिंह और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात।

– जरूरत पड़ी तो पीएम भी हस्‍तक्षेप करेंगे : वैंकेया नायडू

– संसद के दोनों सदनों में मसरत आलम की रिहाई को लेकर हंगामा।

– राजनाथ सिंह थोड़ी देर में लोकसभा में मसरत की रिहाई पर बयान देंगे।

– अरुण जेटली ने आज राज्‍यसभा में कहा कि केंद्र सरकार ने रिहाई को लेकर जम्‍मू कश्‍मीर से रिपोर्ट मांगी है। अभी कुछ प्राथमिक तथ्‍य वहां से आए हैं।

– लोकसभा में हंगामा बढ़ता देख कार्यवाही दोपहर तक स्‍थगित।

– जम्मू कश्मीर में अलगाववादी मसरत आलम को जेल से रिहा किये जाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जवाब की मांग कर रहे कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक आज करीब 20 मिनट के लिए दोपहर 12 बजे तक स्थगित।

– कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष ने नारेबाजी की।

– विपक्ष ने पीएम जवाब दो संबंधी नारे लगाए।

– वैंकेया नायडू ने कहा कि मसरत का मामला बेहद गंभीर है। राजनाथ सिंह सदन में बयान देंगे।

– केंद्र सरकार ने कहा कि इस मसले पर जम्‍मू कश्‍मीर सरकार ने हमसे संपर्क नहीं किया। इस मसले पर हमसे सलाह नहीं ली गई।

– लोकसभा में आलम की रिहाई को लेकर बहस।

– आलम की रिहाई देश हित में नहीं है। बीजेपी को अलगाववादी तत्‍वों के साथ समझौता नहीं करना चाहिए : मायावती।

– कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा कहा कि पीएम इस मुद्दे पर जवाब दें।

– खड़गे ने कहा कि ऐसे देशद्रोही की रिहाई देश के लिए खतरा है। सरकार ने देशद्रोही को क्‍यों छोड़ा।

– केंद्र सरकार अपनी जिम्‍मेदारियों से बच नहीं सकती है। मसरत की रिहाई को लेकर राज्‍य सरकार ने इस मसले पर केंद्र से सलाह ली होगी। मसरत की रिहाई से पूरा देश चिंतित है।

– कांग्रेस ने मसरत की रिहाई मसले को लोकसभा में उठाया।

– जेडीयू के केसी त्‍यागी ने इस मसले को काफी गंभीर बताया।

– लोकसभा में मसरत की रिहाई को लेकर गृह मंत्री राजनाथ सिंह जवाब देंगे।

– मसरत आलम की रिहाई को लेकर जेएंडके सरकार ने रिपोर्ट सौंपी।

गौर हो कि आलम के खिलाफ 15 से अधिक मामले लंबित हैं। उधर, जम्‍मू कश्‍मीर में सोमवार से 48 घंटे के बंद का ऐलान किया गया है। पैंथर्स पार्टी ने बंद का आह्वान किया है। इसके अलावा, जेएंडके के भाजपा विधायकों ने अलगाववादी नेता मुसर्रत आलम की रिहाई को लेकर मुफ्ती मोहम्मद सईद की अगुवाई वाली सरकार की यह कहते हुए आलोचना की कि उन लोगों को गठबंधन सरकार की परवाह नहीं है जिसका भाजपा हिस्सा है और उन्होंने मांग की कि इस दुर्दांत आतंकवादी को फिर गिरफ्तार किया जाए। इस मुद्दे पर रविवार को भाजपा की बैठक में कई नेताओं ने सख्त विचार व्यक्त किये और पीडीपी से गठबंधन तोड़ने तक की मांग की।

जम्मू कश्मीर की पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार द्वारा अलगावादी नेता मसरत आलम की रिहाई के मुद्दे पर सोमवार को लोकसभा में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राकांपा, राजद और जदयू सदस्यों ने प्रधानमंत्री के बयान की मांग करते हुए भारी हंगामा किया जिसके कारण लोकसभा की बैठक करीब सवा 11 बजे 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। राजग सरकार ने इसे गंभीर मसला बताया लेकिन इस मामले से दूरी बनाने का प्रयास करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से सलाह नहीं की।

आसन के समक्ष सदस्यों की नारेबाजी के बीच संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। और पूरे देश से संबद्ध है। यह किसी एक पार्टी से जुड़ा मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां तक सरकार का सवाल है , केंद्र सरकार से सलाह नहीं की गई। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह 12 बजे सदन में आकर बयान देंगे और वस्तुस्थिति से सदस्यों को अवगत कराएंगे।

अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी इस मसले पर कार्य स्थगन प्रस्ताव पेश करने वाले कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, दीपेन्द्र सिंह हुड्डा और तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय को आश्वासन दिया कि वह 12 बजे सदस्यों को अपनी बात रखने का मौका देंगी। लेकिन अध्यक्ष और नायडू के आश्वासन के बावजूद सदस्यों का हंगामा जारी रहा और अध्यक्ष ने करीब सवा 11 बजे सदन की बैठक 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

सुबह सदन की बैठक शुरू होने पर कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मसरत की रिहाई का मुद्दा उठाया और कहा कि एक राष्ट्रविरोधी आतंकवादी को जेल से रिहा करना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मुफ्ती मोहम्मद सरकार ने कहा है कि वह लोकतांत्रिक व्यवस्था बनाए रखने और शांति कायम करने के लिए मसरत को छोड़ रही है। खड़गे ने कहा कि देश यह जानना चाहता है कि क्या मसरत की रिहाई पर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के बीच कोई अंदरूनी चर्चा हुई है? उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि क्या प्रदेश सरकार ने मिलकर यह काम किया है जहां भाजपा के गठबंधन वाली सरकार है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मुफ्ती अकेले आतंकवादी को नहीं छोड़ सकते। उन्होंने इस मसले पर प्रधानमंत्री के बयान की मांग की जिसका कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राकांपा, जनता दल यू और राजद सदस्यों ने पुरजोर समर्थन किया। अध्यक्ष ने इससे पूर्व कहा कि उन्हें इस मसले पर खड़गे, दीपेन्द्र हुड्डा और तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय के कार्य स्थगन प्रस्ताव के नोटिस मिले हैं और वह 12 बजे उन्हें अपनी बात रखने का मौका देंगी। उन्होंने सदस्यों से शांति बनाए रखने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की लेकिन हंगामा और नारेबाजी जारी रही जिसके बाद अध्यक्ष ने कार्यवाही सवा 11 बजे 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। साढ़े 11 बजे सदन की बैठक फिर से शुरू होने पर विपक्षी सदस्य प्रधानमंत्री के बयान की मांग करने लगे। नायडू ने एक बार फिर से सदस्यों को आश्वस्त किया कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह 12 बजे सदन में आकर बयान देंगे और प्रधानमंत्री भी सदन में मौजूद रहेंगे तथा जरूरत पड़ी तो वह हस्तक्षेप करेंगे। इसके बाद विपक्षी सदस्य शांत हुए और प्रश्नकाल की कार्यवाही सुचारू रूप से चली।


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