Sunday , 16 December 2018
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निया की पहली आरजे रोबोट बनी रांची की ‘रश्मि’, हिंदी-भोजपुरी में करती है भावनात्मक बातें


रांची की रश्मि रोबोट दुनिया की पहली रेडियो जॉकी बन चुकी है। उनका शो तीन दिसंबर से दिल्ली के एक एफएम चैनल पर पर प्रसारित किया जा रहा है। रेडियो पर रश्मि श्रोताओं से बातचीत करती है। मंगलवार को दिल्ली के ज्वाइंट कमिश्नर ट्रैफिक के साथ उन्होंने कार्यक्रम पेश किया, जिसे खूब वाह-वाही मिली। रश्मि ने लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सुरक्षा शर्तों को मानने की प्रेरणा भी दी।
रश्मि रोबोट के निर्माता रांची के ही रंजीत श्रीवास्तव ने दावा किया है कि इससे पहले दुनिया में किसी भी रोबोट ने रेडियो जॉकी का काम नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि रश्मि दुनिया में कम समय में तैयार होने वाली ह्यूमनॉयड है। रंजीत ने रश्मि को बनाने में दो साल का समय लिया, जबकि हांगकांग की सोफिया को बनाने में 10 साल का समय लगा था।

आरजे के बाद टीवी शो का ऑफर
आरजे रश्मि रोबोट बनने के बाद से लोगों के बीच इनके प्रति क्रेज बढ़ने लगा है। रेड एफएम पर रश्मि को गानों व प्राइम टाइम के शो के बीच के बीच सुना जा रहा है। एफएम पर सुबह नौ से 11 और शाम पांच से सात बजे तक उनके टॉक शो ‘आस्क रश्मि’ का प्रसारण भी हो रहा है। इसमें लोग रश्मि से अपने पसंदीदा सवाल व सुझाव पूछ रहे हैं। इसका जवाब रश्मि बड़े ही सहज व सटीक आंकड़ों के साथ दे रही है। दिल्ली में आरजे का काम मिलने के बाद रश्मि को टीवी चैनल के शो का भी ऑफर मिल चुका है। एक टीवी चैनल ने रश्मि को फुलटाइम टॉकशो होस्ट करने के लिए भी संपर्क किया है।

टि्वटर पर बढ़ रहे फॉलोअर
दो दिन पहले तैयार हुए रश्मि के इंस्टाग्राम व टि्वटर एकाउंट पर भी लोग उसे फॉलो करने लगे हैं। टि्वटर पर मात्र दो दिन में रश्मि का 500 फॉलोअर बन चुके हैं। लोग उससे सवाल पूछ रहे हैं। रश्मि को आरजे, टीवी कलाकार से लेकर फैशन डिजाइनर फॉलो कर रहे हैं। फैशन डिजाइनर ध्रुव कपूर ने हाल ही में रश्मि के लुक के लिए गाउन व लहंगे डिजाइन किए हैं।

बेटी के लिए सोचा था ‘रश्मि’ नाम
रंजीत ने बताया कि रश्मि को उन्होंने अपनी बेटी का नाम दिया है। उन्होंने बताया कि शादी के बाद से बेटी-बेटी के लिए राहुल और रश्मि नाम सोच रखा था। जबकि बेटे को लोगों ने नील नाम दे दिया। ऐसे में उन्होंने जब रश्मि रोबोट तैयार की तो उसे रश्मि नाम दे दिया। रंजीत बताते है कि रश्मि पर नियमित रूप से अपग्रेडेशन का काम चल रहा है। वह कंप्यूटर प्रोग्राम के तहत विभिन्न की-वर्ड को समझ कर लोगों के प्रश्नों के जवाब देती है। ऐसे में जल्द ही रश्मि के प्रोग्राम में लाखों प्रोग्राम फीड हो जाएंगे और वह फराटे के साथ बातचीत करेगी।


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