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अमित शाह यूपी में सदस्यता अभियान की सुस्ती से खफा


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लखनऊ,(एजेंसी) 14 मार्च । देश को सबसे अधिक सांसद देने वाले उत्तर प्रदेश में भाजपा के सदस्यता अभियान की सुस्ती से राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह काफी खफा हैं। प्रदेश भाजपा संगठन के पेंच कसने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह दो दिनी प्रवास पर रहेंगे।

सदस्यता अभियान में बड़े नेताओं के उदासीन रवैये से खफा क्षेत्रवार बैठक करेंगे और 31 मार्च तक डेढ़ करोड़ सदस्य बनाने के लक्ष्य को पूरा करने का मंत्र देंगे। शुरूआत 20 मार्च को बुलंदशहर में तीन क्षेत्रों की बैठक से होगी। वहीं 22 मार्च को वाराणसी में प्रस्तावित राजभर सम्मेलन में शामिल होंगे और पूर्वांचल के कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगे। शाह का प्रदेश संगठन को कसने का ध्यान यूं ही नहीं गया। दरअसल डेढ़ करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य कार्यकर्ता और नेताओं की सुस्ती के चलते पूरा होना आसान नहीं दिख रहा। सूत्रों के मुताबिक अभी एक करोड़ 26 लाख सदस्य बनने का आंकडा ही पूरा हो सका है लेकिन प्रतिदिन नए सदस्य बनने की र$फ्तार सिमट कर 20 से 30 हजार ही रह गयी है। विशेष मुहिम चलाने का कार्यक्रम कई बार जारी करने का कोई सार्थक परिणाम सामने नही आ सका। माना जा रहा है कि मौजूदा सदस्यता के सत्यापन में पांच से दस प्रतिशत छंटनी अवश्य ही हो जाएगी। ऐसे में डेढ़ करोड सदस्यता का लक्ष्य और दूर हो जाएगा।

दिल्ली विधानसभा चुनाव नतीजों और कश्मीर में पीडीपी से गठजोड़ में सरकार बनने के बाद से भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह कम हुआ है। चित्रकूट चिंतन बैठक में जिस तरह सवाल उठे उससे नेतृत्व की चिंता और बढ़ी है। जनसमस्याओं को लेकर भी भाजपा सड़कों से दूर होती दिख रही है जबकि कांग्रेस के रेल व हाईवे रोको आंदोलन से नेतृत्व बेचैन है।

उपचुनाव का जिम्मा प्रदेश अध्यक्ष को
दो विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव की तैयारी बैठक में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा करने के बाद प्रदेश अध्यक्ष को केंद्रीय नेताओं से सम्पर्क साधने और अंतिम फैसला लेने को अधिकृत कर दिया गया है। पार्टी दफ्तर कल में चरखारी व फरेंदा विधानसभा सीटों के उपचुनाव पर विचार विमर्श किया गया। दोनों सीटें भाजपा के लिए अति महत्व की है क्योंकि फरेंदा भाजपा के कब्जे थी जबकि चरखारी क्षेत्र से उमा भारती वर्ष 2012 में चुनाव जीत चुकी है। सांसद बनने के बाद हुए उपचुनाव में चरखारी भाजपा के हाथ से फिसल गया। दोनों सीटों को भाजपा फिर से कब्जाने में एडीचोटी के जोर लगाएगी। फरेंदा से बजरंग बहादुर को फिर से आजमाने की चर्चा है तो चरखारी पर संभावित आधा दर्जन दावेदारों में से पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत के पुत्र ब्रजभूषण का नाम भी शामिल है।


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