Monday , 21 January 2019
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भारत बंद के दूसरे दिन कई राज्यों में हिंसा, रोकी गईं रेलगाड़ियां


विभिन्न केंद्रीय श्रमिक संगठनों की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का बुधवार को देश भर में मिला-जुला असर देखा गया। पश्चिम बंगाल और केरल में छिटपुट हिंसा हुई तथा रेलगाड़ियां रोकी गईं। देशभर में बैंकिंग और बीमा सेवाएं भी आंशिक तौर पर प्रभावित हुईं।

खनन, सड़क परिवहन तथा बिजली जैसे अन्य क्षेत्रों में भी हड़ताल का असर देखने को मिला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी भारतीय मजदूर संघ को छोड़ 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने सरकार की कथित श्रमिक विरोधी नीतियों तथा श्रम कानूनों में प्रस्तावित बदलावों के खिलाफ हड़ताल का आह्वान किया था। पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों से बुधवार को भी हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आईं। हावड़ा जिले में स्कूल बसों पर पत्थर फेंके गए। राज्य के अन्य हिस्सों में भी पत्थरबाजी की इस तरह की घटनाएं हुईं।

केरल में बुधवार को विभिन्न हिस्सों में ट्रेनें रोकी गईं तथा तिरुवनंतपुरम में भारतीय स्टेट बैंक की एक ट्रेजरी शाखा पर हमला किए जाने की खबरें हैं। तमिलनाडु में भी प्रदर्शनकारियों ने कुछ जगहों पर ट्रेनें रोकी तथा तेलंगाना में कुछ सरकारी बैंकों का कामकाज प्रभावित हुआ। गोवा में निजी बसों तथा पर्यटक टैक्सियों के गायब रहने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। बीईएसटी के अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण मुंबई में भी लाखों यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आंदोलनकारियों ने बेंगलुरु में सेंट्रल बस स्टैंड पर बस सेवाओं को अवरुद्ध किया। ओडिशा में भुवनेश्वर, बालेश्वर और बेरहमपुर समेत विभिन्न स्थानों पर वाम कार्यकर्ताओं द्वारा रेल रोको मुहिम चलाने से रेल सेवाओं पर असर पड़ा।

असम, ओडिशा, मणिपुर, मेघालय, महाराष्ट्र और गोवा में शत प्रतिशत हड़ताल रहा। हमें पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी समर्थन मिला। मंडी हाउस से संसद भवन के जुलूस में करीब चार हजार श्रमिक सड़क पर अपना गुस्सा जाहिर करने उतरे।


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