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संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त नहीं किया जा सकता: उमर


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जम्मू,(एजेंसी) 20 मार्च । जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने आज जोर देकर कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त नहीं किया जा सकता और राज्य को दिया गया विशेष दर्जा खत्म नहीं किया जा सकता ।

उमर ने आज यहां विधानसभा को बताया, ‘जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा, जिसे अतीत में कमजोर किया गया था, अब कमजोर नहीं किया जा सकता । आप (भाजपा और पीडीपी) जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म नहीं कर सकते ।’ राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपने संबोधन में उमर ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के बाबत राज्यपाल के अभिभाषण का हवाला देते हुए कहा, ‘लगता है कि अनुच्छेद 370 पर भाजपा की चुप्पी से आपको उनकी तरफ से कोई तोहफा मिला है । यह हमें स्वीकार्य नहीं है । यह (अनुच्छेद 370 पर चुप्पी) उनकी मजबूरी है ।’

उमर ने कहा, ‘पर अनुच्छेद 370 पर चुप्पी क्या है ? यहां तक कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटलजी भी इस पर चुप थे । आप जब उनके साथ गठबंधन में नहीं थे, तो भी उन्हें अनुच्छेद 370 पर चुप ही रहना था । वे अनुच्छेद 370 निरस्त नहीं कर सकते ।’ मुफ्ती मोहम्मद सईद सरकार को कैबिनेट के जरिए राज्य से अफ्सपा हटाने की चुनौती देते हुए उमर ने कहा, ‘यदि पहले की फारूक अब्दुल्ला सरकार ने कैबिनेट में फैसला किया, राज्यपाल के पास उसे भेजा और उन्होंने मंजूरी दी और फिर अफ्सपा लागू किया गया । आपके पास संख्याबल है और भाजपा का समर्थन है जिससे प्रक्रिया को पलट दें और कुछ इलाकों से अफ्सपा हटा दें ।’ उमर ने कहा, ‘मैंने अफ्सपा को हटाने को लेकर बहुत कोशिशें की और सोचा कि इसकी शुरूआत मेरे कार्यकाल के दौरान होगी । पर ऐसा हुआ नहीं । मुझे दुख है कि मैं यह नहीं कर सका । पर आप एजेंडा फॉर कॉमन अलायंस में केंद्र से क्या लेकर आए ?’

उमर ने मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के उस दावे के लिए उन्हें आड़े हाथ लिया जिसमें उन्होंने उनके पिता फारूक अब्दुल्ला को विवादित अफ्सपा लागू करने के लिए जिम्मेदार ठहराया था । आंशिक तौर पर अफ्सपा हटाने की मांग करने वाले पहले कश्मीरी नेता उमर ने कहा, ‘मैंने अफ्सपा को हटाने को लेकर बहुत कोशिशें की और सोचा कि इसकी शुरूआत मेरे कार्यकाल के दौरान होगी । पर ऐसा हुआ नहीं । मुझे दुख है कि मैं यह नहीं कर सका । पर आप एजेंडा फॉर कॉमन अलायंस में केंद्र से क्या लेकर आए ?’ मुफ्ती मोहम्मद सईद सरकार को कैबिनेट के जरिए राज्य से अफ्सपा हटाने की चुनौती देते हुए उमर ने कहा, ‘यदि पहले की फारूक अब्दुल्ला सरकार ने कैबिनेट में फैसला किया, राज्यपाल के पास उसे भेजा और उन्होंने मंजूरी दी और फिर अफ्सपा लागू किया गया । आपके पास संख्याबल है और भाजपा का समर्थन है जिससे प्रक्रिया को पलट दें और कुछ इलाकों से अफ्सपा हटा दें ।’


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