Saturday , 20 April 2019
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दिल्ली में बनने वाले नए मकानों में दो पाइपलाइन बिछाना अनिवार्य है


 पेयजल की बर्बादी रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नया मकान बनाने वालों को अब पानी के लिए दो पाइपलाइन बिछानी होगी। एक पाइपलाइन पेयजल के लिए होगी, जबकि दूसरी अन्य घरेलू कार्यों के लिए। किसी भी फ्लैट, मकान व इमारत का नक्शा तभी पास होगा, जब उसमें पानी की दो पाइपलाइन का प्रावधान होगा।

दिल्ली सरकार के निर्देश पर दिल्ली जल बोर्ड ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। कुछ समय पहले जारी आदेश में सभी स्थानीय निकायों को इसे अनिवार्य रूप से लागू करने के लिए कहा गया है। निर्माण कार्य के पूरा होने पर कंप्लीशन सर्टिफिकेट में भी इस बात की जांच की जाएगी कि पानी की दो पाइपलाइन बिछाई गई है या नहीं।

मास्टर प्लान 2021 के अनुसार, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा अगले कुछ सालों में दिल्ली में करीब 12 लाख फ्लैट बनाए जाने हैं। लैंडपूलिंग पॉलिसी के तहत बिल्डरों द्वारा भी बड़ी संख्या में फ्लैट बनाए जाने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार कई माह से ऐसी व्यवस्था लागू करने का प्रयास कर रही थी जिससे कि पेयजल को अन्य घरेलू जरूरतों के लिए खर्च न किया जाए। इसकी बर्बादी रोकी जा सके।

दिनेश मोहनिया (उपाध्यक्ष-दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली सरकार) के मुताबिक,  दो पाइपलाइन डालने से पेयजल के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी। इसे देखते हुए जल बोर्ड ने आदेश जारी कर सभी स्थानीय निकायों को भेज दिया है। अब नए फ्लैट, मकान व इमारत का नक्शा पानी की दो पाइपलाइन बिछाने के प्रावधान के बाद ही पास होगा।

दिल्ली सरकार की सराहनीय पहल

राजधानी दिल्ली में बनने वाले नए मकानों में दो पाइपलाइन बिछाना अनिवार्य होगा। दिल्ली सरकार ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए यह कदम उठाया है जो कि सर्वथा सही है। निश्चित रूप से इससे पेयजल की बर्बादी रुकेगी। राजधानी के कई इलाके में लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा है। वहीं, दूसरी ओर इसकी बर्बादी हो रही है। काफी मात्र में पीने का पानी शौचालय व अन्य कामों में प्रयोग किया जा रहा है। यदि मकान में पीने व अन्य कार्यो के लिए अलग-अलग पानी की आपूर्ति होगी तो पेयजल की किल्लत को दूर करने में मदद मिलेगी। इसे लेकर दिल्ली जल बोर्ड ने आदेश जारी कर दिया है। दो पाइपलाइन का प्रावधान करने के बाद ही मकान का नक्शा पास हो सकेगा।

अब जरूरी है कि इस नियम का सख्ती से पालन किया जाए। साथ ही पानी की बर्बादी रोकने व जल संरक्षण के लिए अन्य कदम उठाए जाने की जरूरत है। वर्षा जल संचयन को लेकर नियम भी बनाए गए हैं, लेकिन इसे सख्ती से पालन नहीं किया जा रहा है जिससे भारी मात्र में पानी बर्बाद हो जाता है। यदि वर्षा जल संचयन के नियम को सख्ती के साथ लागू किया जाए तो दिल्ली में पानी की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

मास्टर प्लान 2021 के अनुसार करीब 12 लाख फ्लैट यहां बनने हैं। लैंडपूलिंग पॉलिसी से निर्माण कार्य में तेजी आएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में पानी की मांग और बढ़ जाएगी, इसलिए उपलब्ध जल का सही इस्तेमाल के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना होगा। साथ ही पानी की बर्बादी करने और जल संरक्षण के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।


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