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‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने लैंड बिल पर रखा सरकार का पक्ष


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नई दिल्ली ,(एजेंसी) 22 मार्च । रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों और गांव में रहने वाले लोगों को संबोधित किया । पीएम ने बेमौसम बरसात से हुए नुकसान से बात शुरू की और फिर जमीन अधिग्रहण बिल को लेकर सरकार का पक्ष रखा। पीएम ने यह समझाने की कोशिश की सरकार जो लैंड बिल लेकर आई है, वह किसानों के लिए फायदेमंद है।

कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम ने कहा, ‘किसानों ने मुझे खेती से लेकर उन तमाम समस्याओं के बारे में मुझे लिखा है, जिनका उन्हें सामना करना पड़ता है। मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज देश के दूर गांव में रहने वाले किसान भाइयों-बहनों से बात करने का मौका मिला है।’ इसके बाद पीएम ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की वजह से फसलों को पहुंचे नुकसान पर बात की। पीएम ने कहा, ‘मैं इस दुख की घड़ी में आपके साथ खड़ा हूं। मैं वादा करता हूं कि सरकार इस जरूरत के मौके पर पूरी संवेदनशीलता बरतते हुए आपकी मदद करेगी।’

इसके बाद पीएम मोदी ने पूरा भाषण लैंड बिल पर फोकस रखा। पीएम ने कहा, ‘जमीन अधिग्रहण कानून 120 साल पुराना था। जो लोग आज नए लैंड बिल का विरोध कर रहे हैं, उन्होंने पुराने कानून के तहत ही काम किया है। मगर हमें लगा कि इस कानून में कुछ बदलाव करने की जरूरत है, ताकि लोगों और गांववासियों का भला हो सके।’

पीएम ने कहा कि नया बिल लाने का मकसद सिर्फ पुराने कानून की कमियों को दूर करना है। उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि गांवों, किसानों और उनके बच्चों का भला हो। इस बिल के बारे में जो भ्रम फैलाए जा रहे हैं, वे किसान को गरीब बनाए रखने की साजिश के तहत फैलाए जा रहे हैं। यह किसान हितैषी बिल है, किसान विरोधी नहीं।’

अध्यादेश लाए जाने को लेकर पीएम ने कहा, ’13 विभिन्न कामों के लिए ली जाने वाली जमीन को पिछले अधिग्रहण कानून से बाहर रखा गया था। इस कारण किसानों को नुकसान हो रहा था। इसीलिए हमें अध्यादेश लाना पड़ा। हम चाहते थे कि इन कामों के लिए अगर जमीन ली जाती है, तब भी लोगों को अच्छा मुआवजा मिले।’

पीएम ने कहा कि किसानों को विपक्षी दलों द्वारा राजनीतिक फायदे के लिए की जा रही बयानबाजी पर यकीन करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि इस कानून के लागू होने पर आपको कानून की मदद लेने का हक नहीं मिलेगा। यह सरासर झूठ है। आप देश में किसी भी मामले को लेकर कोर्ट में जा सकते हैं, यह आपका संवैधानिक हक है।’ उन्होंने कहा कि समस्याओं और शिकायतों को सुलझाने के लिए एक अथॉरिटी भी बनेगी।

पीएम ने कहा कि सबसे पहले सरकारी, फिर बंजर और आखिर में उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रॉजेक्ट के लिए जमीन ली जाएगी, उसे पूरा करने की डेडलाइन भी तय होगी। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट्स के लिए होने वाले अधिग्रहण के लिए 2013 के कानून का प्रावधान जारी रहेगी।

पीएम ने कहा कि अगर राज्य सरकारों को किसी तरह की आपत्ति है तो वे पुराने कानून को जारी रख रख सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने संसद में भी कहा है कि अगर किसी को लगता है कि इसमें बदलाव होना चाहिए, तो हम सुझाव का स्वागत करते है।’

आखिर में पीएम ने कहा कि उनकी सरकार सब लोगों को साथ लेकर विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और ग्रामीणों को फायदा पहुंचाने और विकास की राह पर लाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। पीएम ने कहा कि इस मकसद से कई योजनाएं लागू की गई हैं और आगे भी यह काम जारी रहेगा।


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