Monday , 17 June 2019
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लामार्टीनियर के छात्र की मौत का मामला अब नए विवेचक से आस


लामार्टीनियर के कक्षा नौ के छात्र राहुल श्रीधरन की अप्रैल 2015 में संदिग्ध हालात में मौत के मामले में विवेचकों की लचर तफ्तीश से अब तक पर्दा नहीं उठ सका है। अब तक सात विवेचक बदल गए, लेकिन राहुल की मौत का राज सामने नहीं आया। अब राहुल के घरवालों को नए विवेचक इंस्पेक्टर गौतमपल्ली परशुराम सिंह से आस है।

इंस्पेक्टर का कहना है कि संबंधित मामले में स्कूल प्रशासन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज है, केस का अवलोकन कर रहे हैं, जल्द ही इस मामले में साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। राहुल के पिता वी श्रीधरन ने बताया कि उनके बेटे को साठ फीट ऊंचाई से नीचे फेंका गया था, वह स्वयं नहीं गिरा था। ऐसा संभव है कि कोई इतनी ऊंचाई से नीचे गिरे और घटनास्थल पर खून की एक बूंद तक न मिले।

उन्होंने कहा कि कॉलेज के सीनियर छात्रों ने रैगिंग करके उनके बेटे को साठ फीट ऊंचाई से नीचे फेंक दिया था, स्कूल प्रशासन बदनामी के चलते इस बात पर पर्दा डाल रहा है और खून के धब्बों समेत सारे साक्ष्य भी मौके से नष्ट कर दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस भी हत्यारोपियों से मिल चुकी है। सात विवेचक बदल गए, लेकिन अभी तक मौत के राज से पर्दा नहीं उठ सका है। राहुल की मौत का राज खुलेगा तो कई बड़े चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं, इसीलिए पुलिस सच को सामने नहीं लाना चाहती।

वी. श्रीधरन ने कहा कि पूरे मामले की सीबीआइ जांच हो, तभी परिवार को इंसाफ मिल सकता है। उन्होंने कहा सीबीआइ जांच के लिए मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक को पत्र लिखा है। साथ ही न्यायालय में भी याचिका दायर की है। साथ ही पूरे मामले में केरल के डीजीपी के साथ उत्तर प्रदेश के डीजीपी से भी पत्राचार किया है। उधर स्कूल प्रशासन शुरू से ही राहुल की मौत को आत्महत्या बता रहा है।

विदेशी दोस्त का भी नहीं पता चल सका

राहुल का लेरी कॉनर्स नामक विदेशी दोस्त उससे फेसबुक पर घंटो चैटिंग करता था। केरल के सीएम और डीजीपी के हस्तक्षेप के बाद गौतमपल्ली थाने की पुलिस ने फेसबुक कंपनी को ई मेल भेजकर डिटेल मांगी थी। इंस्पेक्टर गौतमपल्ली का कहना है कि अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है।

ये महत्वपूर्ण साक्ष्य हत्या की ओर कर रहे इशारा

  • राहुल के साठ फीट ऊंचाई से गिरने के बाद घटनास्थल पर खून का न मिलना।
  • आज तक राहुल की स्कूल यूनिफॉर्म का न मिलना, पुलिस पर गायब करने का आरोप।
  • राहुल के मोबाइल फोन से सारा डाटा डिलीट करके एक दिन बाद फोन वापस करना।
  • सिर्फ तीन ऑडियो क्लिप जो पुलिस के पक्ष में थी, उन्हें सुरक्षित रखा गया।
  • स्कूल प्रशासन द्वारा उस बेड सीट को जलवाना, जिसपर राहुल के खून के निशान थे।
  • सिविल अस्पताल में शव पड़ा रहा, लेकिन उसकी मां अनम्मा से बताया गया कि घायल राहुल को ट्रॉमा ले जाया गया।
  • राहुल असेंबली में मौजूद था, लेकिन स्कूल प्रशासन ने किया था इंकार, जबकि उसके साथियों ने मौजूदगी बताई थी।

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