Monday , 17 June 2019
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कोर्ट ने तीन फरार आरोपितों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया


 बिधनू गांव में 27 साल पहले हुए डकैती मामले मेंं अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट विकास गुप्ता ने पांच डकैतों को दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष की कैद और 20-20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। आरोपित तीन डकैतों के गैरहाजिर रहने पर न्यायालय ने उनके खिलाफ कुर्की नोटिस, गिरफ्तारी वारंट जारी कर फाइल अलग कर दी। साथ ही तीन आरोपितों की मौत होने के चलते मुकदमा समाप्त कर दिया गया था।

बिधनू निवासी सिपाही लाल 3 मार्च 1992 की शाम 7 बजे अपनी राइफल लेकर कोल्हू देखने गए थे। करीब 7:30 बजे घर के पास से फायर की आवाजें सुनायी दीं। टॉर्च लेकर घर की ओर भागे तो देखा पड़ोसी जगमोहन सिंह, कमल सिंह और उसके घर में बदमाश लूटपाट व फायङ्क्षरग कर रहे हैं। गांव वालों को आवाज लगायी तो चारों ओर से ग्रामीण आ गए। पास में रखी पुआल में आग लगाकर रोशनी की और ईंट पत्थर चलाकर बदमाशों से टक्कर ली। बदमाशों ने फायर किया तो सिपाही लाल ने भी जवाबी फायर किया। जिसमे एक बदमाश उनके दरवाजे पर गिर पड़ा। मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। बदमाश कमल सिंह की दोनाली बंदूक, जगमोहन सिंह की एकनाली बंदूक, राम खिलावन का रुपया व जेवर लूटकर भाग गए थे।

11 पर लगी थी चार्जशीट

बिधनू पुलिस ने इस मामले में शमशाद, देवा उर्फ भोला उर्फ सोबरन, मेवालाल, छोटे चमार, सुरेश, ज्ञानेंद्र उर्फ नातेदार, देवीप्रसाद उर्फ मंगे, रामनरेश, सीताराम, रजा हुसैन और उस्मान के खिलाफ डकैती समेत अन्य धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी।

इन्हे मिली सजा : मेवालाल, छोटे चमार, रजा हुसैन, ज्ञानेंद्र उर्फ नातेदार और उस्मान। 

तीन हैैं फरार : देवा उर्फ भोला उर्फ सोबरन, देवी प्रसाद उर्फ मंगे और रामनरेश फरार हैं जिसके चलते इनकी फाइल अलग करते हुए न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट और कुर्की नोटिस जारी की है। जबकि शमशाद, सुरेश और सीताराम की मृत्यु होने से मामला बंद कर दिया गया था।


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