Wednesday , 21 October 2020
Home >> Exclusive News >> मध्‍य प्रदेश के राज्यपाल के बेटे की ब्रेन हैमरेज से नहीं बल्कि जहर से हुई मौत?

मध्‍य प्रदेश के राज्यपाल के बेटे की ब्रेन हैमरेज से नहीं बल्कि जहर से हुई मौत?


images
लखनऊ,(एजेंसी) 26 मार्च । मध्य प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र शैलेश की मौत के मामले में गुरुवार को नया मोड़ सामने आया। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शैलेश यादव की मौत जहर के कारण हुई है। गौर हो कि शैलेस को लखनऊ स्थित अपने पिता के सरकारी आवास पर संदिग्ध परिस्थितियों में बुधवार को मृत पाया गया था। शैलेश का नाम करोड़ों रुपये के ‘व्यापम घोटाले’ में सामने आया था।

इन रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि शैलेश के शरीर में जहर पाया गया है। बिसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हत्या है या आत्महत्या। मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

इससे पहले, पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक शैलेश की मौत ब्रेन हैमरेज से हुई हालांकि इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। सुबह सात बजे के करीब सफाई कर्मचारी कमरे में गया, तो उसने शैलेश को बेड के नीचे पडा देखा। उनके सिर से खून निकल रहा था। उसने तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों को यह जानकारी दी। परिजनों ने डाक्टर को बुलाया। डाक्टर ने जांच के बाद शैलेश को मृत घोषित कर दिया। सूत्रों के अनुसार रात में शैलेश अपने कमरे में अकेला था। वह हाइपर टेंशन, डिप्रेशन और शुगर के मरीज थे।

वहीं, पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे शैलेश (52) अपने कमरे में मृत पाये गये। प्रथम दृष्ट्या ऐसा लगता है कि उनकी मौत दिमाग की नस फटने या दिल का दौरा पड़ने से हुई है। उन्होंने कहा कि शैलेष मधुमेह के मरीज थे और अक्सर अपने कमरे में अकेले ही सोते थे। उनका शव कमरे के फर्श पर पाया गया। सम्भवत: मधुमेह की परेशानी बढ़ने के कारण उनकी मौत हुई। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता लगेगा।

सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शैलेश की मृत्यु पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने रामनरेश यादव के घर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। शैलेश पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र होने के नाते उनके पिता रामनरेश यादव को आबंटित मॉल एवेन्यू स्थित बंगले में रहते थे। उनका नाम मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले में आया था। शैलेष पर तृतीय ग्रेड के शिक्षक पदों पर नियुक्ति के लिये 10 अभ्‍यथियों से धन लेने का आरोप था। इसकी आंच उनके पिता रामनरेश यादव तक भी पहुंची थी।


Check Also

हाथरस कांड : CBI जांच के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज के दो डॉक्टरों को पद से हटाया गया

हाथरस कांड की जांच करते हुए सीबीआई की टीम लगातार मामले की तह तक जाने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *