Friday , 20 September 2019
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अश्विन शर्मा का बयान- आपकी सोच से ज्यादा मेरी दौलत, लेकिन तरीका गलत


बीते दिनों आयकर विभाग की टीम ने मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ और उनके करीबी अश्विन शर्मा के यहां छापेमारी की, उसके बाद से राजनीति गरमा गई थी. बता दें कि अश्विन के भोपाल स्थित प्लैटिनम प्लाजा के फ्लैट पर भी आयकर अधिकारियों की टीम ने रेड मारी थी. 2 दिन की कार्रवाई के बाद टीम तो चली गई और अब छापों पर खुद अश्विन शर्मा का बयान भी सामने आया है. ‘आजतक’ से एक्सक्लूसिव बातचीत में अश्विन शर्मा ने आरोप लगाया है कि आयकर की टीम ने जिस तरीके से कार्रवाई की वो ठीक नहीं थी. हालांकि, अपने इंटरव्यू में अश्विन ने कबूल किया कि उसके पास अकूत दौलत है. पेश है अश्विन से हुई एक्सक्लूसिव बातचीत के अंश:-

सवाल: आमतौर पर जिसके घर छापा पड़ता है वे सामने नहीं आते लेकिन आप आए, ऐसा क्यो?

अश्विन: देखिए, इनकम टैक्स की कार्रवाई से मुझे शिकायत नहीं और ना ही मुझे कोई आपत्ति है, लेकिन उनके कार्रवाई करने का तरीका गलत था. जिस तरीके से उन्होंने हमारे घर में तोड़फोड़ की और तो और उन्होंने हमारी अलमारियां भी तोड़ दीं. जबकि उनको मैंने सभी चाबियां उपलब्ध कराई थीं. यहां तक कि मैंने उन्हें घर से लेकर ऑफिस तक की सभी चीजें उपलब्ध करा दी थीं. 72 घंटे की रेड के बाद भी उनको मेरे घर से सीमित मात्रा में नगद, सीमित मात्रा में ज्वेलरी मिली. हालांकि, बाद में उन्होंने ज्वेलरी लौटा भी दी फिर भी कार्रवाई करने का तरीका गलत था. जिस तरीके से उन्होंने हमें बंधक बनाया और हमारे परिवार को परेशान किया, वह गलत था.

सवाल: अगर कुछ नहीं मिला तो पांच-पांच बक्से में टीम अपने साथ क्या ले गई?

अश्विन: मेरे छोटे भाई के यहां से जो भी नगद बरामद हुआ हम उसकी विधिवत जानकारी शासन को देंगे, आय का जरिया भी उनको बताएंगे और उसके बाद जो होगा वह हम भरेंगे.

सवाल: किस तरह की कार्रवाई थी?

अश्विन: दरवाजा खोलने में 3 से 4 मिनट देरी हो गई, तो उन्होंने हमारे घर के दरवाजे तोड़ दिए, उससे पहले उन्होंने जाली वाला गेट तोड़ा. घर के अंदर आने के बाद मोबाइल बंद करा दिए. जिस तरीके से कार्रवाई की गई उसससे हमारे घर वाले डर गए और घर में उस वक्त सभी महिलाएं थीं, इसलिए भी नाराजगी है.

सवाल: कितने लोगों की टीम थी?

अश्विन: छापेमारी के लिए लगभग 50 लोगों की टीम थी.

सवाल: आपके घर से जानवरों की खाल से बनी ट्रॉफियां, खाल और हथियार मिले, उसके बारे में क्या कहेंगे?

अश्विन: अगर जानवरों की खाल से संबंधित ट्रॉफियों की बात है तो उसके बिल मेरे पास है, वक्त आने पर उसे भी दिखा दूंगा. रही बात हथियारों की तो सबका लाइसेंस मेरे पास है. सभी हथियारों की जानकारी मैंने शासन को मुहैया करा दी है, इसके बावजूद उन्होंने मेरे खिलाफ कार्रवाई की. इसके अलावा मेरी गाड़ी को लेकर जो विवाद चल रहा है, बता दूं कि सभी गाड़िया मेरे नाम से रजिस्टर हैं, मेरे पास बकायदा उनकी रसीदें भी हैं.

सवाल: यहां कई लग्ज़री और विंटेज कार खड़ीं हैं, क्या वो सब आपकी हैं?

अश्विन: सभी विंटेज गाड़ियां-लग्जरी गाड़ियां जो नीचे खड़ी हैं वह मेरी है. जब आप कहेंगे इनसे जुड़े दस्तावेज दिखाने को तो मैं आपको उपलब्ध करा सकता हूं. इनके रजिस्ट्रेशन पेपर, रखरखाव के पेपर, सब आपको दिखा सकता हूं.

सवाल: आरोप है कि आपकी सरकारों में काफी रसूख है, तबादले में आपका हाथ होता है?

अश्विन: यह तो मैंने मीडिया में ही पढ़ा है कि मैं पिछले 15 सालों से बहुत रसूख वाला हूं, बहुत ताकतवर आदमी हूं. इसका मतलब ये है कि या तो मैं पिछले 15 सालों में ताकतवर हो सकता था या इन 3 महीनों में ताकतवर हो गया हूं. मतलब या तो मैं बहुत बड़ा आदमी बन गया हूं या रातों-रात करोड़पति बन गया हूं, यह दोनों बातें एक साथ संभव नहीं हैं.

सवाल: क्या आप बीजेपी से जुड़े हैं?

अश्विन: न तो मैं बीजेपी से जुड़ा हूं और न ही कांग्रेस से, अगर मेरी मानसिकता बीजेपी वाली थी, तो अब मुझे उसके बारे में सोचना होगा.

सवाल: तो क्या आपने बीजेपी की सरकार में खुद को इतना बड़ा व्यवसायी बनाया?

अश्विन: व्यवसाय के फलने फूलने की बात की जाए तो मुझे लगता है कि 15 साल अच्छा समय था. मैंने भाजपा के शासनकाल में अच्छा काम किया और मेरे समृद्ध व्यवसाय को मैंने और डिवेलप किया.

सवाल: बीजेपी के किस नेता से आपकी नज़दीकी है?

अश्विन: बीजेपी में किसी भी नेता से मेरा कभी कोई संबंध नहीं रहा, लेकिन उनकी जो विचारधारा है उसको मैं पसंद करता हूं.

सवाल: प्रवीण कक्कड़ से कैसे सम्पर्क हुआ?

अश्विन: प्रवीण कक्कड़ से मेरी पारिवारिक मित्रता है. हमारा कहीं कोई व्यावसायिक संबंध नहीं है और ना ही हमने कभी बनने दिया.

सवाल: छापे के बाद अब आगे क्या करेंगे?

अश्विन: अभी कोर्ट जाने के बारे में मैं सोच रहा हूं. बहुत जल्द कोई कार्रवाई करूंगा. मुझसे जो भी मांगा जाएगा समय सीमा में उसके दस्तावेज दूंगा, जो भी कागज मांगा जाएगा वह उपलब्ध करा दिया जाएगा. मेरी तरफ से ऐसा कुछ भी नहीं है कि मैं शासन की मदद नहीं करूंगा या मैं सपोर्ट नहीं करूंगा, शासन जो भी मांगेगा मैं दूंगा.

सवाल: कितनी दौलत है आपके पास?

अश्विन: आप जितना सोच रहे हैं उससे कहीं ज्यादा.


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