Sunday , 25 August 2019
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59 पोलिंग पार्टी मतदान कराने के 24 घंटे बाद दून पहुंचीं, वहीं स्ट्रांग रूप में डबल लॉक में रखी गई EVM


लोकसभा चुनाव में चकराता क्षेत्र की 59 पोलिंग पार्टी मतदान कराने के चौबीस घंटे बाद दून पहुंचीं। सबसे आखिर में कांवाखेड़ा, अणु और चांजोई की पार्टी शाम पांच बजे तक पहुंची। इससे पहले 16 सौ पार्टियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी थीं। पैदल चलने वाली 59 पार्टियों को एक किमी का सफर तय करने में दो घंटे से ज्यादा का समय लग गया।

देहरादून जनपद के चकराता क्षेत्र के 59 बूथ सड़क मार्ग से एक से 15 किमी की पैदल दूरी पर स्थित हैं। इन बूथों पर मतदान कराने के लिए पोलिंग पार्टी दो दिन पहले यानि नौ अप्रैल को रवाना हो गई थी। यहां मतदान कराने के बाद पोलिंग पार्टी देर रात को ही मशीनों के साथ वापसी को रवाना हो गई थी।

सड़क मार्ग से एक से 15 किमी की दूरी तय करने में कई घंटे लग गए। पैदल दूरी तय करने के बाद पोलिंग पार्टी सड़क तक पहुंची तो यहां से करीब सवा 200 किमी सड़क का सफर कर स्पोर्टस कॉलेज पहुंची। त्यूणी क्षेत्र के जोनल मजिस्ट्रेट बीडी भट्ट ने बताया कि सबसे देरी से कांवाखेड़ा, अटाल, बुनियाला, अणु, चांजोई, आसोई, जखथान, बुराइला, बायला की पोलिंग पार्टी शुक्रवार शाम पांच बजे पहुंची। इन पार्टियों में शामिल जोनल मजिस्ट्रेट नवीन कंडपाल ने बताया कि उदावां के रास्ते में कई जगह बर्फ भी देखने को मिली।

ये पार्टी पहुंचीं सबसे लेट-

त्यूणी का राजकीय प्राथमिक विद्यालय खाटुवा 15, बनियाना 13, उदांवा 11, सारनी छह, सैंज कनैन पांच, पनुवा चार, मटियाणा पांच, जगयान पांच किमी पैदल है। इसी तरह डिसाड, भटाड़ 240, बृनाड 220, सैंज 191,प्यूनल 190, अणु 186, चांजोई 183, हटाल व कांवाखेड़ा 176 किमी सड़क मार्ग दूर हैं। अधिक दूरी के चलते पोलिंग पार्टियों को आने में देरी हुई है।

डबल लॉक में रखी गई 1797 ईवीएम

मतदान के बाद जनपद की सभी 1797 ईवीएम रायपुर स्पो‌र्ट्स कॉलेज के छात्रावास में बने स्ट्रांग रूम में जमा कर दी गई हैं। डबल लॉक सिस्टम में बनाए गए 17 कमरों के स्ट्रांग रूम में विधानसभावार मशीनें रखी गई हैं। इनकी सुरक्षा में पैरा मिलिट्री, पीएसी और पुलिस की दो कंपनी सुरक्षा बल तैनात की गई हैं। सुरक्षा बल दो शिफ्टों में स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। 

जनपद की दस विधानसभाओं में मतदान कराने के बाद सभी पोलिंग पार्टियां शुक्रवार शाम पांच बजे तक दून पहुंच गई। पोलिंग पार्टियों ने चुनाव से जुड़ी सामग्री रायपुर में बनाए गए काउंटर में जमा कराई। इस दौरान अपने-अपने रिटर्निग ऑफिसर के पास ईवीएम जमा कराई गई। 

सबसे आखिर में चकराता क्षेत्र की 59 पोलिंग पार्टियां पहुंचीं। इस दौरान ईवीएम, वीवीपैट, सीयू और बीयू मशीनें छात्रावास में बनाए गए स्ट्रांग रूम में रखी गई। इस पूरी प्रक्रिया पर 48 सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी गई। साथ ही स्ट्रांग रूम के चारों तरफ एक कंपनी आइटीबीपी को तैनात किया गया है। 

इसके बाद पीएसी और पुलिस को जिम्मेदारी दी गई। इधर, सभी विधानसभा क्षेत्र पोलिंग पार्टियों के लौटने और ईवीएम जमा कराने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने पर्यवेक्षक राजीव रंजन और राजनीतिक पार्टी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में स्ट्रांग रूम को सील किया। 

सीलिंग से पहले प्रत्येक कमरे में रखी गई ईवीएम का निरीक्षण भी राजनीतिक पार्टी के प्रतिनिधियों ने किया। इस मौके पर जिला निर्वाचन अधिकारी एसए मुरूगेशन, एसएसपी निवेदिता कुकरेती, एडीएम प्रशासन रामजीशरण शर्मा, एडीएम वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल, एसपी सिटी श्वेता चौबे, सीओ जया बलूनी समेत अन्य मौजूद रहे। एसपी सिटी को बनाया नोडल अधिकारी कंट्रोल रूम की पूरी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी एसपी सिटी श्वेता चौबे को सौंपी गई है। 

श्वेता के नेतृत्व में सीओ डालनवाला जया बलूनी, एसओ रायपुर को भी स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। एसपी सिटी स्ट्रांग रूम की हर दिन की अपडेट रिपोर्ट लेंगी। इसके अलावा एसएसपी और जिलाधिकारी भी स्ट्रांग रूम का निरीक्षण कर कंट्रोल रूम के रजिस्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। 

स्ट्रांग रूम के बाहर कंट्रोल रूम स्ट्रांग रूम के अंदर की सभी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों में कैद होंगीं। इसके लिए हर कोने में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। स्ट्रांग रूम के मुख्य द्वार पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां आइटीबीपी के सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा विजिटर रजिस्टर भी रखा गया है। स्ट्रांग रूम के आस-पास आने वाले हर व्यक्ति की जानकारी रजिस्टर में दर्ज होगी। अंधेरे में रखी गई मशीनें स्ट्रांग रूम के हर कमरे की बिजली को ऑफ किया गया। बिजली की आपूर्ति भी पूरी तरह से बंद की गई है। सुरक्षा कारणों के चलते यह निर्णय लिया गया है। शॉर्ट सर्किट न हो ऐसे में स्ट्रांग रूम में बिजली की आपूर्ति को पूरी तरह से बाधित कर दी गई है। बाहर परिसर में जनरेटर के माध्यम से रोशनी रखने का निर्णय लिया गया है।

चुनावी डाटा के लिए भटकते रहे कंट्रोल रूम अधिकारी

चुनाव संबंधी तमाम जानकारियों, डाटा एकत्रित करने के लिए कचहरी परिसर में जिले का कंट्रोल रूम बनाया गया था, लेकिन लोगों को सूचना देने की बात तो दूर कंट्रोल रूम के कर्मचारी सूचना पाने के लिए खुद ही परेशान रहे। मतदान में हुए पोल आदि की जानकारी के लिए कर्मचारी सुबह से शाम तक इधर-से उधर भटकते रहे और आरओ, एआरओ के फोन घनघनाते रहे, लेकिन उन्हें पूरी सूचना नहीं मिल पाई।

कंट्रोल रूम में कई कर्मचारियों, अधिकारियों की तैनाती की गई थी और मतदान की पल-पल जानकारी, सूचनाओं के आदान-प्रदान, डाटा ऑनलाइन करने के लिए कंट्रोल रूप को पूरा हाईटेक बनाया गया था, लेकिन मतदान के दिन ही कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। न तो यहां से मतदान के दिन सटीक जानकारी मिल पाई और न ही शुक्रवार को। 

मतगणना की डाटा एकत्रित करने के कंट्रोल रूम के कर्मचारी सुबह से ही संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेट, आरओ, एआरओ के फोन घनघनाते रहे, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। यहां तक कि कंट्रोल रूम के अधिकारी रायपुर स्पोर्टस कॉलेज तक सूचना एकत्रित करने के लिए पहुंच गए, लेकिन उन्हें वहां से भी निराशा ही हाथ लगी। जिसके कारण देर शाम तक भी कंट्रोल रूम में जिले का मतदान संबंधित डाटा उपलब्ध नहीं हो पाया।

पोलिंग पार्टियों में तैनात कर्मियों को नहीं मिला पैसा

सेक्टर सात ऋषिकेश में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट ने चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को अभी पैसा नहीं दिया है। मतदान संपन्न होने के बाद भी पैसे न मिलने पर कर्मचारियों ने इसकी शिकायत चुनाव कंट्रोल रू म को की है। कंट्रोल रूम ने इसकी सूचना निर्वाचन कार्यालय को दे दी है। 

चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को तय मानकों के अनुसार पैसे दिए जाते हैं। कायदे से जिस समय पोलिंग पार्टियां रवाना होती हैं, उसी समय पोलिंग पार्टियों में शामिल कर्मचारियों को संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेट पैसे बांट देते हैं। यह पैसे कर्मचारियों के खाने-पीने के लिए दिए जाते हैं। वहीं सेक्टर सात के सेक्टर मजिस्ट्रेट एसके ध्यानी ने जिला निर्वाचन से कर्मचारियों के पैसे ले तो लिए, लेकिन बांटा नहीं। 

इस बात का पता तब चला जब शुक्रवार को चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के पैसे के लिए फोन चुनाव कंट्रोल रूम में घनघनाने लगे। शिकायत पर जब कंट्रोल रूम में मौजूद अधिकारियों ने सेक्टर में तैनात अन्य कर्मचारियों को फोन कर भुगतान के बारे में पूछा तो उन्होंने भी भुगतान होने से मना किया। 

इसके बाद सेक्टर मजिस्ट्रेट को फोन किया गया तो उनका फोन स्विच ऑफ पाया गया। जिस पर कंट्रोल रूम के कर्मचारियों ने इसकी सूचना जिला निर्वाचन कार्यालय को दे दी। बताया जा रहा है कि उनके पास कर्मचारियों का करीब नब्बे हजार से अधिक पैसा है। उनके सेक्टर में 15 पोलिंग पार्टियां शामिल थी। 

उधर, इस मामले में सहायक निर्वाचन अधिकारी और एडीएम वित्त बीर सिंह बुदियाल ने कहा कि हो सकता है कि पोलिंग पार्टियों के रवानगी के दिन सेक्टर मजिस्ट्रेट को टाइम नहीं मिला हो। सभी कर्मचारियों को पैसे का भुगतान कर दिया जाएगा।

दून में 10 टेबल पर 16 राउंड में होगी मतगणना

लोकसभा चुनाव में मतदान कराने के बाद सवा माह का वक्त मतगणना के लिए मिला है। ऐसे में अधिकारियों ने मतदान की थकान उतारने के बाद ही मतगणना की तैयारी शुरू होगी। मतदान के बाद दो दिन का अवकाश मिलने से अधिकारी सुकून महसूस कर रहे हैं। 

इस बार लोकसभा चुनाव आचार संहिता 10 मार्च के बाद लगी। ऐसे में मतदान तक सिर्फ एक माह का समय था। दिनरात मेहनत करने के बाद मतदान संपन्न हुआ। अब 23 मई को मतगणना होनी है। इसके लिए करीब 42 दिन शेष हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी एसए मुरूगेशन का कहना है कि अभी तक दस विधानसभाओं के लिए 10 टेबल में 16 राउंड में मतगणना का प्लान बनाया गया है। 160 बूथों पर राउंड बढ़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि चकराता, सहसपुर, धर्मपुर में ज्यादा बूथ हैं। ऐसे में यहां राउंड बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि मतगणना के लिए पर्याप्त समय है। ऐसे में फिलहाल मतदान की थकान उतारने का मौका मिल गया। इसके बाद ही मतगणना की तैयारी की जाएगी।

इधर, मतदान के बाद दूसरा शनिवार और रविवार की छुट्टी मिलने से मतदान कार्य में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों ने राहत की सांस ली हैं। अब सोमवार से ही अपने-अपने दफ्तरों में रूटीन के काम संभालने की तैयारी होगी। मुख्य विकास अधिकारी जीएस रावत ने बताया कि मतगणना के लिए प्राथमिक प्लान बनाया गया है। प्लान को लागू करने से पहले कार्मिकों की बैठक ली जाएगी। 15 मई के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय होगा।


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