Saturday , 20 April 2019
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लोकसभा चुनाव 2019: मोहनलालगंज में आखिरी चरण तक दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की धड़कनें बढ़ी


मोहनलालगंज लोकसभा सीट पर वैसे तो 18 लाख से अधिक मतदाता और पांच बड़ी विधानसभा आती हैं। यहां पर पिछले कुछ चुनावों में विजयी उम्मीदवार और उपविजेता के बीच हार जीत का अंतर इतना कम रहा कि परिणाम के आखिरी दौर तक लोगों की धड़कनें बढ़ी रहीं। पिछले साल मोहनलालगंज सीट पर 4708 मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया था। आरके चौधरी के पाला बदलने से इस बार यहां मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।

मोहनलालगंज लोकसभा क्षेत्र में सरोजनीनगर, मोहनलालगंज, मलिहाबाद, सिधौली और बीकेटी विधानसभा सीट आती हैं। वर्ष 2014 के चुनाव में सपा और बसपा अलग लड़ी थी, जबकि भाजपा के कौशल किशोर ने यह सीट 145416 वोटों के अंतर से जीती थी। हालांकि वर्ष 2009 के चुनाव का परिणाम बहुत रोचक रहा। इस चुनाव में मोहनलालगंज में कुल 12 लाख 78 हजार 376 मतदाता थे। इसके बावजूद सपा के जयप्रकाश बसपा के राधेलाल से 2,568 वोटों से चुनाव जीते थे। सपा को 1,48,578 और बसपा को 1,46,010 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर रही भाजपा के मस्तराम को 1,15,989 वोट हासिल हुए थे। इसी तरह 1998 के लोकसभा चुनाव में सपा और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली।

सपा की रीना चौधरी ने भले ही यह सीट जीत ली लेकिन आखिरी चरण तक दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की धड़कनें बढ़ी रहीं। वर्ष 1998 में मोहनलालगंज में 11,29,438 मतदाता पंजीकृत थे, जबकि 5,94,616 मतदाताओं ने वोट डाला था। सपा की रीना चौधरी को दो लाख 108 वोट मिले थे। वहीं भाजपा की पूर्णिमा वर्मा को 1,88,944 वोट प्राप्त हुए थे। इसी तरह सपा इस सीट पर 11,164 वोटों से जीत दर्ज कर सकी थी। विजेता और उपविजेता के बीच कांटे की टक्कर 1991 के लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिली थी। उस समय भाजपा ने करीबी मुकाबले में पहली बार मोहनलालगंज सीट पर जीत दर्ज कर अपना खाता खोला था।

भाजपा के छोटेलाल को 1,04,516 वोट मिले थे, जबकि जनता पार्टी के दिनेश कुमार को 94,304 वोट प्राप्त हुए थे। यहां 8.92 लाख मतदाताओं में से 4.01 लाख मतदाताओं ने वोट डाला था। भाजपा ने यह सीट 10,212 वोटों से जीती थी। केवल 2.69 प्रतिशत वोट ने हार जीत का अंतर तय किया था। हालांकि 1989 में भी 18,176 वोटों ने हार-जीत का अंतर तय हुआ था। जब जनता दल के सरजू प्रसाद ने कांग्रेस के सांसद जगन्नाथ प्रसाद को हराया था।


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