Wednesday , 19 June 2019
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बीरेंद्र के इस्‍तीफे की पेशकश के बाद – बेटे बृजेंद्र को हिसार से टिकट


केंद्रीय बीरेंद्र सिंह द्वारा आइएएस बेटे बृजेंद्र सिंह से भाजपा टिकट के लिए केंद्रीय मंत्री पद से इस्‍तीफा देने की पेशकश किए जाने के बाद प्रत्‍याशी घोषित कर दिए गए।लोकसभा चुनाव में भाजपा ने हिसार और रोहतक सीटों से अपने प्रत्‍याशियों की घोषणा कर दी है। हरियाणा की राजनीति में नया मोड़ आया है।

 

 

इससे पहले बीरेंद्र सिंह ने रविवार को भाजपा के संगठन महामंत्री रामलाल से मिलकर केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्‍तीफा देने की पेशकश की। बताया जाता है कि उन्‍होंने राज्‍यसभा की सदस्‍यता से भी इस्‍तीफा देने की पेशकश की है। केंद्रीय इस्‍पात मंत्री बीरेंद्र सिंह ने एक बातचीत में बताया कि उन्‍होंने केंद्रीय मंत्री पद से इस्‍तीफा देने की पेशकश की है।

रोहतक से अर‍विंद शर्मा और हिसार से बृजेंद्र सिंह को प्रत्‍याशी बनाया गया है। इस तरह से भाजपा हरियाणा की सभी दस सीटों से अपने प्रत्‍याशियों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने पहले आठ उम्‍मीदवारों की घोषणा की थी।

उन्‍होंने कहा, मैं परिवारवाद के विरोध में रहा हूं। इसलिए बेटे को चुनाव लड़ने के लिए टिकट देेने पर मंत्रीपद से इस्‍तीफा देने की पेशकश की है। उन्‍होंने कहा, उनके पुत्र बृजेंद्र सिंह ने नौकरी से स्‍वैच्छिक सेवानिवृति (VRS) के लिए आवेदन दे दिया है।

इस्‍तीफे की पेशकश के बाद पत्रकारों से बातचीत में बीरेंद्र सिंह ने कहा कि परिवार वाद की राजनीति से फायदा जगह नुकसान हुआ है। ऐसे में जब मेरे आइएस बेटे ने परिवार की विरासत को आगे बढ़ाने की इच्‍छा जाहिर की तो मैंने मंत्री पद से इस्‍तीफा देना तय किया।

अभी बृजेंद्र की 14 साल की नौकरी बची हुई है, लेकिन वह राजनीति में आकर परिवार की विरासत संभालना और लोगों की सेवा करना चाहता है।

इससे पहले बीरेंद्र सिंह अपने बेटे की टिकट घोषणा होने से पहले मंत्री पद से इस्तीफ़ा तैयार कर लिया था। बीरेंद्र सिंह के करीबी सूत्रों का कहना है कि रविवार दोपहर बीरेंद्र सिंह ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्‍तीफा देने की पेशकश करने रामलाल से मिलने गए। बता दें कि बीरेंद्र सिंह के पुत्र के हिसार लोेकसभा सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है।

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने हरियाणा के 10 में से आठ सीटों के लिए अपने उम्‍मीदवारों की घोषणा  की थी। भाजपा ने अश्विनी चोपड़ा को छोड़कर सभी मौजूदा सांसदों पर फिर भरोसा जताया था। अंबाला से रतन लाल कटारिया को टिकट दिया गया था।

वहीं कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी के बागी होने के बाद मनोहरलाल सरकार के मंत्री नायब सिंह सैनी पर दांव खेला। सिरसा से सुनीता दुग्गल भाजपा की प्रत्‍याशी बनाया गया।


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