Saturday , 14 December 2019
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टीम इंडिया का वर्ल्ड कप प्लान, ‘अब इनकी बारी’


दोनों टीमों के कप्तानों के चेहरे सबकुछ बयां कर रहे हैं। जहां विराट कोहली की मुस्कुराहट बता रही है कि उन्होंने विश्व कप में जो सफर शुरू किया था वह सही तरीके से अंतिम पड़ाव तक पहुंच गया है तो वहीं केन विलियम्सन पिछली तीन हार को परिस्थितियों में बदलाव से जोड़कर आगे की राह तय करना चाह रहे हैं। भारत के ही नहीं, दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसक और सटोरिये भी विराट की टीम को विश्व कप का सशक्त दावेदार मान रहे हैं और इसके पीछे अगर कोई लॉजिक है तो वह है टीम का प्रदर्शन। शिखर धवन और विजय शंकर जैसे खिलाडि़यों के चोटिल होने का प्रभाव अभी तक नहीं दिखा है। इस विश्व कप में भारत की तरफ से 70 फीसद गेंदों को खेलने वाले शुरुआती तीन बल्लेबाजों ने मध्यक्रम की कमजोरियों को अभी तक ढक रखा है।

केन विलियम्सन की टीम मंगलवार को बादलों से घिरे ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में पहले सेमीफाइनल में इस कमजोरी पर हमला करना चाहेगी, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ इस विश्व कप का पांचवां शतक ठोकने वाले रोहित शर्मा ने फॉर्म में आए केएल राहुल के साथ अगर भारत को जीत दिलाने की ठान ली तो फिर हमें फाइनल में जगह बनाने से कोई नहीं रोक सकता है। भारत के लिए रोहित (647), राहुल (360) और कोहली (442) मिलकर 1347 रन बना चुके हैं। कुल मिलाकर यह भारत के आत्मविश्वास और न्यूजीलैंड के भाग्य के बीच में जंग है जिसमें टुकड़ों में होने वाली बारिश की भी संभावना है। हालांकि, इस मैच के लिए एक रिजर्व डे भी रखा गया है। आइसीसी का कहना है कि हम एक दिन में ही मैच पूरा करने की कोशिश करेंगे। उसके लिए 25-25 ओवर का भी मैच कराया जा सकता है। अगर ऐसा नहीं हो सका तो बुधवार को मैच पूरा कराया जाएगा। गुरुवार को बर्मिघम में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा सेमीफाइनल है।

नॉकआउट का दबाव : न्यूजीलैंड की टीम नॉकआउट दौर में आते ही पिघल जाती है। वह आठवीं बार सेमीफाइनल में पहुंची है, जबकि भारत ने सातवीं बार विश्व कप के अंतिम-4 में जगह बनाई है, लेकिन जहां टीम इंडिया ने तीन बार जीत हासिल कर फाइनल में दस्तक दी और दो बार उसे जीता भी तो वहीं, कीवी पिछले विश्व कप में ही खिताबी मुकाबले तक पहुंच पाए। दबाव में जीतने का हुनर टीम इंडिया को बखूबी आता है। भारत के पास रोहित शर्मा, विराट कोहली तुरुप के इक्के हैं। अगर इन्होंने अपनी बल्लेबाजी से रनों की थाली को अच्छी तरह से सजा दिया तो हार्दिक पांड्या की चटनी जैसी चटक पारी टीम को जीत दिलाने के लिए काफी होगी। हालांकि, हमें यह देखना होगा कि इस मुकाबले में भारत के रन मशीन रोहित शर्मा न्यूजीलैंड के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन की बाउंसर का सामना कैसे करते हैं। देखना तो यह भी होगा कि ट्रेंट बोल्ट की फर्राटेदार गेंदों के सामने केएल राहुल थरथराएंगे या हुंकारेंगे। अब तक पांच अर्धशतक ठोक चुके विराट से भी एक शतक की दरकार है और अगर यह इस मुकाबले में आया तो कीवियों की खैर नहीं। यह भी देखना होगा कि महेंद्र सिंह धौनी मैच मिशेल सेंटनर की बायें हाथ की धीमी गेंदबाजी का कैसे सामना करते हैं। उन्होंने 90 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 293 बनाए हैं, लेकिन फिर भी उनसे ज्यादा की उम्मीद की जा रही है। प्रशंसक उनके आखिरी विश्व कप में हेलिकॉप्टर शॉट देखने को तरस रहे हैं।

विलियम्सन के भरोसे कीवी : न्यूजीलैंड की टीम अपने कप्तान केन विलियम्सन (488 रन) के भरोसे है। इस भरोसे को तोड़ने का काम जसप्रीत बुमराह को करना होगा। अभी तक 17 विकेट ले चुके बुमराह अगर अपनी यॉर्कर से रॉस टेलर को आउट कर देते हैं तो फिर बाकी के गेंदबाजों के लिए चीजें आसान हो जाएंगीं। न्यूजीलैंड की टीम आखिरी तीन लीग मैच हार गई लेकिन शुरुआती मैचों के अच्छे प्रदर्शन से मिले अंकों के दम पर पाकिस्तान को रन रेट के आधार पर पछाड़कर अंतिम चार में पहुंची। न्यूजीलैंड के लिए फर्ग्यूसन (17 विकेट), बोल्ट (15) और मैट हेनरी (10) मिलकर 42 विकेट ले चुके हैं। जिम्मी नीशम ने 11 और कोलिन डे ग्रांडहोम ने पांच विकेट लिए हैं। जहां भारत की कमजोरी मध्यक्रम है तो न्यूजीलैंड की कमजोरी उसका शीर्षक्रम है। बुमराह ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछली द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली थी लिहाजा मार्टिन गुप्टिल (166 रन) और कोलिन मुनरो (125) के लिए उन्हें खेलना आसान नहीं होगा। विलियम्सन के बाद न्यूजीलैंड के लिये सर्वाधिक रन टेलर (261) ने बनाए हैं।

टीम संयोजन होगा अहम : भारतीय टीम ने इस दौरे पर मयंक अग्रवाल को छोड़कर बाकी सभी को आजमा लिया है। रोहित, राहुल, विराट, धौनी, पांड्या, बुमराह की जगह पक्की है। उम्मीद है कि भारतीय टीम ने जिस संयोजन के साथ इस विश्व कप की शुरुआत की थी, उसी के साथ वह इस मैच में भी उतरेगा, यानी मध्यक्रम में फिर केदार जाधव की वापसी हो सकती है जो शुरुआती एकादश का हिस्सा थे। इससे भारत को एक अतिरिक्त गेंदबाज मिल जाएगा। हालांकि, टीम ने अभी तक उनकी गेंदबाजी का ज्यादा प्रयोग नहीं किया है। शिखर धवन की जगह रिषभ पंत अंतिम एकादश में पहले ही आ गए हैं। मसला सिर्फ गेंदबाजों के चयन का है। हालांकि, टीम प्रबंधन और विराट ने अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं। अब देखना होगा कि भुवनेश्वर, मुहम्मद शमी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और युजवेंद्र सिंह चहल में से किन तीन को शामिल किया जाता है।

अब इनकी बारी

विराट कोहली : ऐसा माना जाता है कि विराट जब 50 का स्कोर पार करते हैं तो उसे शतक तक ले जाते हैं लेकिन इस बार वह पांच बार ऐसा नहीं कर पाए। वह जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहे हैं, उससे लग रहा है कि वह इस विश्व कप में अपने पहले शतक के काफी पास हैं।

ट्रेंट बोल्ट : 2015 विश्व कप की तरह यह तेज गेंदबाज न्यूजीलैंड के गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई कर रहे हैं। उनके खाते में आठ मैचों में 15 विकेट हैं। भारत के खिलाफ वॉर्म-अप मैच में बोल्ट ने 33 रन देकर 4 विकेट लिए थे, जिसके चलते न्यूजीलैंड ने इस मैच को 6 विकेट से जीता। बोल्ट चाहेंगे कि वह वॉर्मअप मैच जैसा प्रदर्शन दोहराएं, ताकि इस मुकाबले में न्यूज़ीलैंड का दबदबा बना रहे।

भारत बनाम न्यूजीलैंड सेमीफाइनल मैच की मौसम रिपोर्ट

दिन भर आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है। बीच बीच में बारिश की छींटे पड़ सकती हैं। ऐसे में तेज गेंदबाजों को हल्की मदद मिल सकती है।

भारत बनाम न्यूजीलैंड सेमीफाइनल मैच की मैदान रिपोर्ट

ओल्ड ट्रैफर्ड क्रिकेट स्टेडियम की दर्शक क्षमता लगभग 24000 है। यह यहां पर इस विश्व कप का छठा और आखिरी मैच है। भारत यहां पर पाकिस्तान और वेस्टइंडीज को पहले खेलते हुए हरा चुका है। यह ऐसा स्टेडियम है जहां पर हर स्टैंड से शानदार क्रिकेट दिखाई देता है।

भारत बनाम न्यूजीलैंड सेमीफाइनल मैच की पिच रिपोर्ट 

अभी तक यहां हुए इस विश्व कप के पांच मैचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है। यह मैच सेंट्रल पिच पर हो रहा है। यह नई पिच है और उसमें घास नहीं है, लेकिन इसमें गेंदबाजों और बल्लेबाजों दोनों को मदद मिलेगी। सेमीफाइनल जैसे बड़े मैच और टूर्नामेंट के रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए दोनों कप्तान पहले बल्लेबाजी करना चाहेंगे।

टीमें : भारत-विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, केएल राहुल, रिषभ पंत, एमएस धौनी, हार्दिक पांड्या, दिनेश कार्तिक, युजवेंद्र सिंह चहल, कुलदीप यादव, भुवनेश्वर कुमार, मुहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, मयंक अग्रवाल, रवींद्र जडेजा, केदार जाधव।

न्यूजीलैंड : केन विलियम्सन (कप्तान), मार्टिन गुप्टिल, कोलिन मुनरो, रॉस टेलर, टॉम लाथम, टॉम ब्लंडेल, कोलिन डि ग्रैंडहोम, जेम्स नीशाम, ट्रेंट बोल्ट, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, मिशेल सेंटनर, हेनरी निकोल्स, टिम साउथी, ईश सोढ़ी।

भारत

भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में मेजबान इंग्लैंड और न्यूजीलैंड को छोड़कर सभी को मात दे चुकी है। उसने नौ में से सात मैच जीते। इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में उसे 31 रनों से हार का सामना करना पड़ा था और एक मैच बारिश में धुल गया था। भारत के साथ अच्छी बात यह है कि उसने ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम को भी जोरदार शिकस्त दी थी। पूरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम कहीं जीत के करीब नहीं दिखी थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ अब तक भारत का मैच नहीं हुआ है, क्योंकि लीग मैच बारिश के कारण धुल गया था। इन दोनों के बीच न्यूजीलैंड में जो पांच वनडे की सीरीज हुई थी उसे भारत ने 4-1 से जीता था। टीम के तेज गेंदबाजों ने 23.50 के सर्वश्रेष्ठ औसत से 51 विकेट लिए हैं।

न्यूजीलैंड

न्यूजीलैंड ने अपने पहले ही मैच में श्रीलंका को 10 विकेट से परास्त कर धमाकेदार शुरुआत की थी। आठ मैचों में से कुल पांच जीतने वाली न्यूजीलैंड को ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और इंग्लैंड जैसी टीमों के खिलाफ हार के चलते कमजोर माना जा रहा है। यह टीम इस विश्व कप में एक बार भी 300 का आंकड़ा नहीं पार कर पाई है।

दोनों टीमों का विश्व कप 2019 का सफर

भारत

– दक्षिण अफ्रीका को छह विकेट से हराया

– ऑस्ट्रेलिया को 36 रनों से हराया

– न्यूजीलैंड से बारिश के कारण मैच रद

– पाकिस्तान को 89 रनों से हराया (डकवर्थ लुइस)

– अफगानिस्तान को 11 रनों से हराया

– वेस्टइंडीज को 125 रनों से हराया

– इंग्लैंड ने 31 रनों से हराया

– बांग्लादेश को 28 रन से हराया

– श्रीलंका को सात विकेट से हराया

न्यूजीलैंड का सफर

– श्रीलंका को 10 विकेट से हराया

– बांग्लादेश को दो विकेट से हराया

– अफगानिस्तान को सात विकेट से हराया

– भारत से मैच बारिश के कारण रद

– दक्षिण अफ्रीका को चार विकेट से हराया

– वेस्टइंडीज को पांच रनों से हराया

– पाकिस्तान ने छह विकेट से हराया

– ऑस्ट्रेलिया ने 86 रनों से हराया

– इंग्लैंड ने 119 रनों से हराया

नंबर गेम :::

-04 विकेट ही शुरुआती 10 ओवरों में टीम इंडिया ने गंवाए हैं। हालांकि, उसका पहले पावरप्ले में रन रेट (4.65) टूर्नामेंट के औसत रन रेट (4.93) से कम है। भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले पावरप्ले में 28 तो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 32 रन बनाए थे।

-2015 विश्व कप के बाद से इस विश्व कप में खेल रही 10 टीमों में से भारत के निचले क्रम (8 से 11 नंबर के बल्लेबाज) का प्रदर्शन ही खराब रहा है। इन्होंने 4.71 के रन रेट से स्कोर किया है।

-13 विकेट शुरुआती पावरप्ले में कीवियों ने गंवाए हैं जो सबसे खराब प्रदर्शन है। कोलिन मुनरो ओर हेनरी निकोलस फेल साबित हुए हैं।

-28.73 फीसद रन विलियम्सन ने अपनी टीम के लिए बनाए हैं। 71.27 फीसद रन बाकी बल्लेबाजों ने मिलकर बनाए हैं।

-11 से 40 ओवर के बीच कीवी गेंदबाज सबसे सस्ते साबित हुए हैं। उन्होंने सिर्फ 4.74 के रन रेट से रन खर्चे हैं।

-101 मैच दोनों के बीच हुए हैं। इसमें 55 भारत ने तो 45 न्यूजीलैंड ने जीते हैं। एक मैच टाई रहा है।


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