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सुनवाई हुई पूरी, जानिए फैसला आने तक और क्या कुछ होगा


अयोध्या राम जन्मभूमि को लेकर विवाद यहां पर विवादित ढांचे के निर्माण से ही चला आ रहा है। साल 1992 में विवादित ढांचे को गिराए जाने के बाद इस विवाद ने एक नई करवट ली। पिछले 40 दिनों से सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर रोजाना सुनवाई हो रही थी। हिंदू और मुस्लिम पक्षकारों की तरफ से इन चालीस दिनों में अपनी-अपनी दलीलें दी गईं। अदालत में कई बार तीखी बहस भी हुई। आखिरकार बुधवार शाम इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली गई और सर्वोच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अब हर किसी की नजर इसी बात पर लगी है कि फैसला कब आएगा और किसके पक्ष में आएगा।

ऐतिहासिक फैसले की नींव

बुधवार शाम जब सभी पक्षों की तरफ से दलीलें पूरी हुईं तो कदम एक ऐतिहासिक फैसले की तरफ बढ़ गए। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में पांच जजों की पीठ ने इस मसले को 40 दिन तक गौर से सुना और अब उनकी कलम से इस मामले का ऐतिहासिक फैसला लिखा जाएगा। अब उम्मीद जतायी जा रही है कि एक महीने के अंदर फैसला भी सुनाया जा सकता है। हालांकि, अदालत की तरफ से ऐसी कोई तारीख नहीं दी गई है, लेकिन माना जा रहा है कि मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के 17 नवंबर को रिटायरमेंट से पहले यह फैसला आ सकता है।

SC में अब क्या होगा?

बुधवार शाम Ayodhya Land Dispute मामले में सुनवाई पूरी हुई। सभी पक्ष अपनी-अपनी ओर से दलीलें पूरी कर चुके हैं। अब अदालत ने सभी पक्षों को मोल्डिंग ऑफ रिलीफ के लिए तीन दिन का समय दिया है। इन दिन दिनों के अंदर सभी पक्षकारों को अदालत में लिखित हलफनामा दाखिल करना होगा। यही नहीं सुनवाई करने वाली पांच जजों की बेंच मुद्दों पर विचार के लिए आज यानि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट चैंबर में बैठकर मामले पर विचार करेगी।

जस्टिस गोगोई का पास सिर्फ एक महीना

Ayodhya Land Dispute मामले की सुनवाई कर रही सविंधान पीठ की अगुवाई खुद मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई कर रहे हैं। अब उनके पास इस मामले में फैसला सुनाने के लिए सिर्फ एक महीने का वक्त है, इस दौरान भी कई त्योहारों की वजह से छुट्टियां रहेंगी, जिससे कार्यदिवस और भी कम हो जाते हैं। जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। तमाम जानकारों का मानना है कि जस्टिस गोगोई ही इस ऐतिहासिक फैसले को सुनाएंगे। वे खुद भी कह चुके हैं कि फैसला लिखने के लिए एक महीने का वक्त चाहिए और उनके रिटायरमेंट से ठीक एक महीने पहले इस मामले की सुनवाई पूरी कर ली गई है।


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