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केजरीवाल के पुराने साथी ने छोड़ा साथ पार्टियां दल बदल सकते है ये नेता


दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होने में एक महीने से भी कम का वक्त बचा है. 14 जनवरी यानी आज से दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नॉमिनेशन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. दिल्ली विधानसभा चुनाव में वैसे तो सीधी टक्कर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच है, लेकिन लोकसभा चुनाव में दिल्ली में दूसरे नंबर की पार्टी बनने के बाद कांग्रेस को भी वापसी की उम्मीद है. हालांकि तीनों ही पार्टियां दल बदल करने वाले कुछ बड़े चेहरों पर दांव लगाने के लिए तैयार हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो दल बदल करने वाले शोएब इकबाल, कपिल मिश्रा, देवेंद्र शेहरावत, अलका लांबा, प्रहलाद सिंह की किस्मत चमक सकती है.

दल बदल करने वाले इन नेताओं की दावेदारी मजबूत

मटिया महल से पांच बार विधायक रहे शोएब इकबाल हाल ही में कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए हैं. 2015 में मटिया महल से शोएब इकबाल को कांग्रेस के टिकट पर हार का सामना करना पड़ा था. लेकिन 2020 विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी के टिकट के लिए शोएब इकबाल की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है. चांदनी चौक सीट से चार बार के पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह भी आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए नज़र आ सकते हैं. अलका लांबा के कांग्रेस में शामिल होने के बाद पार्टी एक बार फिर कांग्रेस के पूर्व नेता प्रहलाद सिंह पर दांव लगा सकती है. 2015 में प्रहलाद सिंह को चांदनी चौक सीट से हार का सामना करना पड़ा था

वहीं आम आदमी पार्टी से बीजेपी में शामिल हुए कपिल मिश्रा करावल नगर सीट से टिकट के दावेदार हैं. हालांकि ऐसी खबरें हैं कि बीजेपी नई दिल्ली सीट से सीएम केजरीवाल के खिलाफ कपिल मिश्रा को मैदान में उतार सकती है. गांधीनगर ने आप विधायक रहे अनील बाजपेयी और बिजवासन से देवेंद्र शेहरावत भी बीजेपी के टिकट के लिए मजबूत दावेदार हैं. 2015 में इन दोनों नेताओं ने आम आदमी पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की थी. कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए राज कुमार चौहान को पार्टी मंगोलपुरी सीट से उम्मीदवार बना सकती है.

इनकी भी चमक सकती है किस्मत

इस साल ‘घर वापसी’ करने वाली अलका लांबा को कांग्रेस चांदनी चौक से अपना उम्मीदवार बना सकती है. 2015 में अलका लांबा ने आम आदमी पार्टी के टिकट पर इस सीट से जीत दर्ज की थी. इसके अलावा लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल होने वाले पूर्व सांसद उदित राज को भी कांग्रेस मैदान में उतार सकती है. उदित राज को मंगोलपुरी विधानसभा सीट से कांग्रेस का टिकट मिल सकता है.

बता दें कि 2015 के विधानसभा आम आदमी पार्टी ने 70 में से 67 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि तीन सीटें बीजेपी के खाते में आई थी. लगातार 15 साल तक दिल्ली की सियासत पर राज करने वाली कांग्रेस पार्टी का पिछले विधानसभा चुनाव में खाता भी नहीं खुला था. दिल्ली में 8 फरवरी को सभी 70 सीटों पर मतदान होना है. चुनाव के नतीजे 11 फरवरी को घोषित किए जाएंगे.


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