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हरियाणा में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर सरकार ने और एहतियाती कदम उठाए


हरियाणा में कोरोना वायरस से ग्रस्त मरीजों की संख्या पांच हो गई है। वहीं हालातों को देखते हुए सरकार ने लोगों से घरों में ही रहने की अपील की है।

पहला, 22 साल की एक युवती 14 मार्च को लंदन से दिल्ली लौटी थी। वह खांसी व गला दर्द से पीड़ित थी। सिविल अस्पताल में 16 मार्च को उसके सैंपल लिए गए थे, जबकि उसके परिजनों को भी विशेष निगरानी में रखा गया था। अब इस महिला का सैंपल पॉजिटिव आ गया है। महिला को एकांतवास में रखा गया है।

दूसरी 42 वर्षीय महिला भी लंदन से 7 मार्च को दिल्ली लौटी थी। उसे भी एकांतवास में रखा गया। महिला समेत उसके निकटतम 8 लोगों के भी सैंपल लिए गए। महिला का सैंपल पॉजिटिव आ गया है। अभी तक चारों कोरोना वायरस ग्रस्त के मामले गुरुग्राम निवासी लोगों में ही चिह्नित हुए हैं।

तीसरा मरीज पानीपत जिले में मॉडल टाउस निवाा 21 वर्षीय युवक है, जो 15 मार्च को इंग्लैंड से लौटा था। 16 मार्च को उसके गले में खराश और बुखार की शिकायत हुई तो वह सिविल अस्पताल में जांच के लिए पहुंचा। डॉक्टरों ने उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। उसके परिजनों पर भी नजर रखी जा रही है।

हरियाणा में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर सरकार ने और एहतियाती कदम उठाए हैं। प्रदेश के सभी सरकारी, निजी स्कूलों को 31 मार्च तक बंद करने के साथ ही शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टाफ को भी छुट्टी दे दी गई है।

स्टाफ को मूल्यांकन और अन्य कार्य घर से ही निपटाने होंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव महावीर सिंह के अनुसार अब स्कूलों का स्टाफ घर से ही काम निपटाएगा। कोई स्कूल नहीं खुलेगा। स्कूल खोलने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। अभी तक स्टाफ को स्कूल आने के निर्देश थे, लेकिन कोरोना से बचाव के मद्देनजर उन्हें भी छुट्टी दे दी गई है।

प्रदेश में लगने वाले सभी किसान बाजार व अपनी सब्जी मंडियां 31 मार्च तक बंद कर दी गई हैं। सरकारी सब्जी मंडियां पहले की तरह चलती रहेंगी, उनमें रेहड़ी-फड़ी नहीं लगा सकेंगे।

हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक ने सभी मार्केट कमेटी के सचिवों व कार्यकारी अधिकारियों को किसान बाजार व अपनी सब्जी मंडियां 31 मार्च तक बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन मंडियों में भीड़ जुटती है। इसलिए कोरोना से बचाव के मद्देनजर मंडियां न लगाने दी जाएं।

हरियाणा की सरकारी सब्जी व फल मंडियों में कोरोना से बचाव के लिए थर्मल स्कैनर व हैंड सैनिटाइजर रखे जाएंगे। सरकार ने मंडियों में नियमित स्प्रे करने के साथ ही साफ सफाई रखने के भी निर्देश दिए हैं। सरकारी मंडियों में आने वाले किसानों को उचित दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया है। किसान की अपनी सब्जी मंडियां इसलिए बंद की गई हैं, क्योंकि उनमें काफी भीड़ रहती है।

रोडवेज बसें जम्मू व कटड़ा के लिए सेवाएं नहीं दे पाएंगी। पुलिस कर्मियों, श्रमिकों को पुलिस व श्रम विभाग ने विशेष दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्हें एक-दूसरे व लोगों से एक मीटर की दूरी बनाए रखने व खुद को सेनिटाइज करने के लिए कहा गया है।

हरियाणा सिविल सचिवालय कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया है। प्रवेश करने वाले सभी कर्मचारियों का तापमान जांचा जा रहा है। 99 डिग्री तापमान वाले व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

उन्हें डॉक्टर से जांच कराने जी सलाह देकर वापस भेजा जा रहा है। सेनिटाइजर से हाथ साफ कराने के बाद ही सचिवालय में प्रवेश दिया जा रहा है। अधिकारियों, कर्मचारियों समेत सभी आगंतुकों के तापमान की आगामी आदेशों तक रोजाना जांच होगी।

हरियाणा में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए सरकार ने एक और फैसला लिया है। अब राशन डिपो पर बिना बायोमेट्रिक मशीन के ही लोगों को राशन वितरित किया जाएगा। अभी तक राशन बायोमेट्रिक मशीन पर लाभार्थी केअंगूठे व अंगुली के निशान मैच करवाने के बाद ही दिया जाता था।

सरकार ने सभी जिलों के खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को आदेश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के  डिपो संचालकों को आदेश दें कि वे लोगों को राशन बायोमेट्रिक का इस्तेमाल किए बिना वितरित करें। ताकि इस संक्रमण के खतरे से बचा जा सके। हरियाणा के गांवों व शहरों में 5345 राशन डिपो हैं, जहां लोगों को हर माह राशन उपलब्ध करवाया जाता है।

राशन डिपो संचालकों को ये भी निर्देश दिए हैं कि बिना बायोमेट्रिक राशन वितरण के दौरान इस बात का ध्यान रखें कि किसी भी फर्जी व्यक्ति का राशन वितरित न किए जाए। इसलिए लाभार्थी की व्यक्तिगत तस्दीक  के बाद ही लाभार्थियों को राशन वितरित किया जाए। डिपो संचालकों को राशन वितरण के दौरान डिपो पर ज्यादा भीड़ एकत्रित न करने और लाभार्थियों से उचित दूरी बनाए रखने की भी निर्देश दिए हैं।

कोरोना वायरस सैन्य जवानों से दूर रहे, इसे लेकर आर्मी व एयरफोर्स पूरी तरह से अलर्ट है। इसके मद्देनजर सेना ने जहां एहतियातन जवानों की पीटी परेड बंद करवा दी है। वहीं छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।

अफसरों व जवानों की यात्रा पर भी अगले आदेश तक पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। जवानों की नियमित स्वास्थ्य जांच व यूनिटों में व्यापक सफाई अभियान के भी आदेश दिए गए हैं। इंडियन एयरफोर्स ने भी वीरवार से अपने जवानों-अफसरों की छुट्टियां बंद कर दी हैं।

वहीं छुट्टी पर गए वायु सेना के जवानों को तीन मई तक घर पर ही रहने के आदेश जारी हो गए हैं। वैसे तो देशभर में कोरोना से निपटने के लिए सरकार समुचित प्रयासों में जुटी है। लेकिन आर्म्ड फोर्सिस भी इस वायरस से दूर रहे, इसे लेकर आर्मी और एयरफोर्स दोनों ने एडवाइजरी जारी की है।

इसके तहत अब कोई भी जवान और अफसर छुट्टी पर नहीं जाएगा। सेना के जो अफसर व जवान छुट्टी पर गए हुए हैं और उनका अवकाश खत्म हो रहा है, उन्हें अपनी छुट्टियां कुछ और दिन बढ़ाने को कह दिया गया है।

सैन्य जवान नियमित रूप से आर्मी एवं कमांड अस्पतालों में अपनी स्वास्थ्य जांच कराएंगे। इस जांच के दौरान अस्पतालों में जवानों की भीड़ न हो। इसलिए जिन जवानों को खांसी, बुखार, गला दर्द, जुकाम इत्यादि के हलके से भी लक्षण दिखते हैं, वे प्रति यूनिट सिर्फ पांच से छह जवानों के ग्रुप में जांच के लिए जाएंगे।

सभी बैरकों में व्यापक सफाई अभियान के भी निर्देश दिए गए हैं। जबकि जवानों की मैस में भी और अच्छी तरह सफाई इंतजाम करने को कहा गया है। जो जवान अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात हैं, उन्हें अपने स्वस्थ को लेकर ज्यादा जागरूक रहने को कहा गया है।
आर्मी हेडक्वार्टर ने तुरंत प्रभाव से सैन्य अफसरों व जवानों के देशी और विदेशी दौरे बंद कर दिए हैं। विभिन्न सैन्य अफसरों को कई कार्यों की वजह से विदेशों में भी जाना पड़ता है।

लेकिन उनके हर तरह के दौरों पर आगामी आदेशों तक बैन लगा दिया गया है। विभिन्न प्रोजेक्ट व अन्य ऑफिशियल कामों के तहत भी कोई विदेश नहीं जाएगा और तमाम वीजा 15 अप्रैल तक सस्पेंड माने जाएंगे। इतना ही नहीं अफसरों की प्राइवेट विदेशी विजिट पर भी बैन रहेगा।

सेना ने अपने सभी जवानों और अफसरों को सोशल मीडिया पर चल रहे फैक आडियो, वीडियो मैसेज से भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्हें कहा गया है कि सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस को लेकर कई फर्जी मैसेज भी वायरल हो रहे हैं। इस जवानों-अफसरों को ‘से नो टू पैनिक, से यस टू प्रिकॉशंस’ पर कायम रहते हुए सिर्फ और सिर्फ मिनीस्ट्री ऑफ हेल्थ की ही गाइडलाइंस फॉलो करने को निर्देश दिए गए हैं।

एमडीयू में 20 से 29 मार्च तक शट डाउन घोषित कर दिया गया है। इसके लिए कुलपति ने विश्वविद्यालय समुदाय को कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए कार्यालय व विभाग बंद करने का निर्देश जारी किया है।

विश्वविद्यालय कुलसचिव प्रो. गुलशन लाल तनेजा ने बताया कि विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं कर्मी 29 मार्च तक अपने घरों में रहेंगे। विश्वविद्यालय कर्मी बगैर विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।

विश्वविद्यालय से संबंधित आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी। इसमें स्वच्छता व्यवस्था, बिजली, पानी आपूर्ति, प्लंबिंग, इंजीनियरिंग रख-रखाव, सुरक्षा कार्य मुख्य हैं।

गैर शिक्षक कर्मी इस शट डाउन अवधि की प्रतिपूर्ति के लिए अगले पांच शनिवार को कार्य करेंगे। इसके लिए शनिवार के दिन कार्यालय खुले रहेंगे। विश्वविद्यालय के शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश में से सात दिन कम किए जाएंगे, ताकि किसी प्रकार का शैक्षणिक नुकसान विद्यार्थियों को न हो। विश्वविद्यालय शैक्षणिक विभागों से शैक्षणिक कार्य डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा।

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