Home >> Face of the Moment >> यूनिवर्सिटी के फाइनल एग्जाम रद्द नहीं होंगे उनकी परीक्षाएं सितंबर -2020 के अंत में होगी: केन्द्रीय मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक

यूनिवर्सिटी के फाइनल एग्जाम रद्द नहीं होंगे उनकी परीक्षाएं सितंबर -2020 के अंत में होगी: केन्द्रीय मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक


मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट के जरिये एकेडमिक गाइडलाइन जारी की. उन्होंने स्पष्ट किया कि यूजीसी की नई गाइडलाइन के अनुसार इंटरमीडिएट सेमेस्टर के छात्रों का मूल्यांकन आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा.

यूजीसी की नई गाइडलाइन के मुताबिक टर्मिनल सेमेस्टर के छात्रों का मूल्यांकन जो जुलाई के महीने में परीक्षाओं के माध्यम से किया जाना था, अब उनकी परीक्षाएं सितंबर -2020 के अंत तक आयोजित की जाएंगी. इससे स्पष्ट है कि यूनिवर्सिटी के फाइनल एग्जाम रद्द नहीं होंगे.

इससे पहले कहा जा रहा था कि यूजीसी की एक कमेटी ने फाइनल इयर के एग्जाम को भी रद्द करने की सिफारिश की है. तब ये कयास भी लगाए जा रहे थे कि अन्य सेमेस्टर/टर्म की तर्ज पर ही फाइनल इयर का रिजल्ट भी पहले हो चुके एग्जाम और इंटर्नल असेसमेंट के आधार पर तैयार किया जाएगा. लेकिन अब यूजीसी ने ये स्थ‍िति स्पष्ट कर दी है.

वहीं इंटरमीडियट सेमेस्टर की बात करें तो यूजीसी की नई गाइडलाइन के अनुसार इंटरमीडिएट सेमेस्टर के छात्रों का मूल्यांकन आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा.इसका मतलब ये है कि इन्हें बिना एग्जाम आगे बढ़ाया जाएगा.

फाइनल इयर या टर्मिनल सेमेस्टर के एग्जाम की बात करें तो यूजीसी ने अब पूरी स्थि‍ति साफ कर दी है. अब ये एग्जाम ऑनलाइन मोड या ऑफलाइन मोड या दोनों के माध्यम से हो सकते हैं, लेकिन ये एग्जाम किसी भी हाल में रद्द नहीं होंगे.

बता दें, यूजीसी ने पहले निर्णय लिया था कि विश्वविद्यालयों की फाइल ईयर की परीक्षाओं का आयोजन होना चाहिए. वहीं फर्स्ट ईयर के छात्रों को सेकंड ईयर में प्रमोट कर दिया जाएगा. उन्हें नंबर इंटरनल असेसमेंट के आधार पर दिए जाएंगे.

यूजीसी की ओर से पहले जारी किए गए दिशानिर्देशों के अनुसार यह भी बताया गया था कि विश्वविद्यालय और कॉलेज एक बार फिर से कैसे काम करेंगे. नए बैच के लिए सितंबर से कॉलेजों को फिर से खोलने की उम्मीद थी और अगस्त से छात्रों को दाखिला मिलना शुरू होना था.

यूजीसी ने पहले के दिशानिर्देशों में, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को ऑनलाइन शिक्षा जारी रखने के लिए सुझाव दिया था. साथ ही कहा था कि यदि स्थिति में सुधार होता है तो कम से कम 25 प्रतिशत सिलेबस ऑनलाइन कवर किया जाए.

बता दें कि वहीं डीयू ने ऑनलाइन ओपन एग्जाम बुक कराने की तैयारी पूरी कर ली है. इसे लेकर विश्वविद्यालय बीते तीन दिनों से मॉक टेस्ट भी आयोजित कर रहा है. जिसमें तमाम तरह की खामियां सामने आ रही हैं. स्टूडेंट्स का बड़ा वर्ग इसका विरोध कर रहा है. डीयू ने घोषणा की थी कि विवि ऑनलाइन मोड से 10 जुलाई से यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं आयोजित कर रहा है.


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