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अमेरिका के दो बड़े अखबार, वॉशिंगटन पोस्ट और न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारत बायोटेक की Covaxin पर सवाल खड़े किए


भारत में कोरोना टीकाकरण आज यानी 16 जनवरी 2021 से शुरू हो रहा है. इसको लेकर अमेरिकी मीडिया ने भी प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की हैं. लेकिन अमेरिका के दो बड़े अखबार, वॉशिंगटन पोस्ट और न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारत की एक कोरोना वैक्सीन पर सवाल खड़े किए हैं. वॉशिंगटन पोस्ट ने भारत की एक कोरोना वैक्सीन Covaxin के बारे में लिखा है कि यह साफ नहीं है कि यह वैक्सीन काम करेगी या नहीं.

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी भारत में कोरोना टीकाककरण लॉन्च कर रहे हैं, यह गर्व और संदेह का मिलाजुला समय है. रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि कोरोना की एक वैक्सीन Covaxin के डेटा को लेकर कई सवाल मौजूद हैं और लोगों को दो में से एक वैक्सीन चुनने का विकल्प भी नहीं दिया जाएगा.

बता दें कि भारत में दो वैक्सीन को सीमित आपातकालीन इस्तेमल के लिए मंजूरी मिली है. इनमें से एक है भारत बायोटेक की Covaxin और दूसरी है सीरम इंस्टीट्यूट की Covishield.  Covishield ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनका की ओर से तैयार की गई वैक्सीन का भारतीय संस्करण है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत बायोटेक की वैक्सीन Covaxin के फेज-3 ट्रायल पूरे नहीं हुए हैं. शुरुआती स्टेज के ट्रायल हुए हैं, लेकिन उससे जुड़ा डेटा मुहैया नहीं कराया गया है जिससे पता चल सके कि वैक्सीन काम करती है या नहीं. भारतीय अधिकारियों ने इससे पहले यह भी कहा था कि Covaxin ‘क्लिनिकल ट्रायल मोड’ में लोगों को दी जाएगी. भारत की प्रसिद्ध वैक्सीन एक्सपर्ट गगनदीप कांग ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उन्हें नहीं पता इस बात का क्या मतलब है.

पब्लिक हेल्थ और बायोएथिक्स एक्सपर्ट अनंत भान कहते हैं कि डेटा के बिना ही रेग्यूलेटर्स ने भारत बायोटेक की वैक्सीन को मंजूरी कैसे दी, इसको लेकर काफी अटकलें चल रही हैं. वॉशिंगटन पोस्ट ने यह भी कहा है कि वैक्सीन के प्रभावी होने को लेकर जताई जा रही चिंताओं पर जब भारत बायोटेक से सवाल पूछा गया तो उन्होंने जवाब देने से मना कर दिया. लेकिन कंपनी ने कहा कि शुरुआती स्टेज के ट्रायल में इम्यून रेस्पॉन्स हुआ था जिससे भविष्य के परिणामों के संकेत मिलते हैं.

वैक्सीन एक्सपर्ट गगनदीप कांग कहती हैं कि वैक्सीन को लेकर भरोसे की कमी नहीं है. लेकिन जिस तरीके से और जिस प्रक्रिया के तहत वैक्सीन को मंजूरी दी गई है उसमें भरोसे की कमी है. अगर मैं वैक्सीन लगवाती हूं और इससे अन्य लोग वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार होते हैं, तो यह ठीक तरीका नहीं है.

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है कि शुरुआत में भारतीय अधिकारियों ने कहा था कि Covaxin बैकअप के रूप में उपलब्ध रहेगी. लेकिन बाद में सरकार ने कहा कि दोनों वैक्सीन (Covishield और Covaxin) का इस्तेमाल एक साथ ही शुरू किया जाएगा और लोगों को पसंदीदा वैक्सीन चुनने का विकल्प नहीं दिया जाएगा.

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत बायोटेक कंपनी और सरकार ने Covaxin के सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए पहले दो फेज के ट्रायल के अंतरिम डेटा का इस्तेमाल किया. इस दौरान 800 लोगों को वैक्सीन दी गई थी.


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