Thursday , 23 September 2021
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आज राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती के अवसर पर MP के CM शिवराज सिंह चौहान ने किया नमन


आज राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती हैं। ऐसे में इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें नमन किया है। जी दरअसल MP के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक ट्वीट किया है जिसमे उन्होंने लिखा है- ”राष्ट्रीयता के उन्नायक और आधुनिक भारत के सच्चे राष्ट्रकवि श्री मैथिलीशरण गुप्त जी की जयंती पर सादर नमन। देशवासियों के ह्रदय में देश-प्रेम की अलख जगाने में आपके काव्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पंचवटी, यशोधरा, साकेत जैसी कालजयी रचनाएं साहित्य जगत को सदैव सुशोभित करती रहेंगी।”

वहीँ उनके अलावा मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी एक ट्वीट किया है। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा है- ”राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती पर उन्हें सादर नमन। कुछ काम करो, कुछ काम करो, जग में रह कर कुछ नाम करो। यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो, समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो। कुछ तो उपयुक्त करो तन को, नर हो, न निराश करो मन को। – मैथिलीशरण गुप्त”।

आप सभी को हम यह भी बता दें कि हिंदी साहित्य में खड़ी बोली की शुरुआत करने वाले कवि मैथिलीशरण गुप्त को महात्मा गांधी ने ‘राष्ट्रकवि’ की उपमा दी थी। मैथिलीशरण गुप्त जी का जन्म 3 अगस्त 1886 को उत्तर प्रदेश के झांसी में हुआ था, और उनका ध्यान शुरू से ही पढ़ने में नहीं लगता था। इस वजह से उनकी पढ़ाई भी पूरी न हो सकी। उन्होंने घर में ही हिंदी, बंगला, संस्कृत साहित्य का अध्ययन किया, और कम उम्र में ही उन्होंने ब्रजभाषा में कविता लिखना शुरू कर दिया था। आप सभी को बता दें कि मैथिलीशरण गुप्त को हिन्दी साहित्य-सम्मेलन ने इनकी रचना ‘साकेत’ पर ‘मंगलाप्रसाद पारितोषिक पुरस्कार’ प्रदान किया। वहीँ साल 1945 ई। में भारत सरकार द्वारा मैथिलीशरण गुप्त को ‘पदम्-भूषण’ पुरस्कार से अलंकृत किया गया था।

 


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