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गुर्जर आंदोलन पर राजस्थान हाईकोर्ट ने डीजीपी-मुख्य सचिव को लगाई फटकार


नई दिल्ली,(एजेंसी)28 मई। गुर्जर आंदोलन पर राजस्थान हाईकोर्ट ने डीजीपी-मुख्य सचिव को लगाई फटकार है। हाईकोर्ट ने कहा है कि गुर्जर आंदोलन की वजह से लोग इतने परेशान हो रहे हैं और आप सचिवालय में बैठकर मामले की समीक्षा कर रहे हैं। कोर्ट ने पूछा कि रेलवे का प्रोटेक्शन फ़ोर्स आखिर क्या कर रहा है। कोर्ट ने अधिकारियों से अबतक हुए नुकसान के बारे में जानकारी मांगी है।

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रेलवे को हुआ 100 करोड़ रूपये का नुकसान

मौजूदा गुर्जर आंदोलन के कारण रेलवे को करीब 100 करोड़ रूपये का नुकसान झेलना पड़ा है। आंदोलन के चलते अभी तक कोटा-मथुरा मार्ग पर 326 मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने या मार्ग प्रवर्तित करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

इसके अलावा 21 मई से आईआरसीटीसी पर करीब 1.9 लाख टिकट रद्द किये गये हैं। इससे साइट पर जाने वाले ग्राहकों को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।

कोटा.मथुरा मार्ग पर दक्षिण एवं उत्तर तथा उत्तर एवं पश्चिम के बीच प्रमुख रेल यातायात चलता है तथा आंदोलन के कारण यह मार्ग बाधित हो गया है।

रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,‘‘यात्री सेवा के अलावा आंदोलन के कारण माल गाड़ियों के आवागमन पर भी प्रतिकूल प्रभाव है। इसके चलते कई मालगाड़ियों का मार्ग बदला गया है।’’

गुर्जर नेताओं और सरकार के बीच चौथे दौर की बातचीत विफल
पचास प्रतिशत आरक्षण के दायरे में गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर गुर्जर नेताओं और सरकार के बीच कल हुए चौथे दौर की बातचीत में भी समाधान नहीं निकला।

संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने चौथे दौर की बातचीत के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि गुर्जर आंदोलनकारियों की इस मांग को मानने से सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि आंदोलनकारी एक बार पुन:वार्ता के लिये आयेंगे, हालांकि गुर्जर नेताओं ने इसके बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहा है।

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता हिम्मत सिंह ने कहा, ‘‘गुर्जरों को आरक्षण देने के मुद्दे पर सरकार के प्रयासों का हमें आज एक मसौदा प्रस्ताव मिला है, उससे हम सहमत नहीं है। सरकार ने पचास प्रतिशत के दायरे में पांच प्रतिशत आरक्षण देने के मामले में सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचने के मद्देनजर अपनी असर्मथता जताई है।’

उन्होंने कहा, ‘‘बैठक विफल हो गई है, हम पीलूपूरा के रेलवे ट्रेक पर आज रात अपने समाज के लोगों साथ इस पर चर्चा करेंगे। जहां तक राष्ट्रीय राज मार्ग और रेलवे ट्रेक को खुलवाने की बात है, यह हम स्वयं नहीं करेंगे और यह राज्य सरकार पर निर्भर है कि वह किस तरह से उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करती है।’’

आज बातचीत में नया मसौदा पेश करेगी सरकार
गुर्जरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण के मुददे पर सरकार और गुर्जर आन्दोलनकारियों की चौथे दौर की बातचीत कल बेनतीजा रही। संभवत: आज अगले दौर की बातचीत फिर होगी जिसमें सरकार समस्या का समाधान करने के लिए नया मसौदा पेश करेगी।

फाइल फोटो
दूसरी तरफ, राजस्थान उच्च न्यायालय ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय राजमार्गो को आंदोलनकारियों से खाली करवाकर अनुपालन रिपोर्ट के साथ कल तलब किया है।

हालांकि अभी तक पीलूपुरा के निकट दिल्ली मुम्बई रेल मार्ग और दौसा जिले के सिकंदरा के पास गुर्जर आन्दोलनकारियों ने जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर रखा है। राज्य के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने संबंधित जिला प्रशासन को आन्दोलनकारियों को हटाने के निर्देश दे दिये हैं।

तीन सदस्यीय मंत्रिमंडल की उपसमिति और राजस्थान गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल के बीच आज दो दौर की बातचीत बिना किसी निर्णय के समाप्त हो गयी।

तीन सदस्यीय मंत्रिमंडल उप समिति के सदस्य संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड ने चौथे दौर की बातचीत समाप्त होने के बाद गुर्जर आन्दोलनकारियों की मांग को सिरे से खारिज करते हुए दो टूक में कहा ‘‘पचास फीसद के भीतर गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने से सामाजिक समरसता को नुकसान पंहुच सकता है। सरकार को उम्मीद है कि गुर्जर आन्दोलनकारी मसौदे पर विचार करने के बाद अगले दौर की बातचीत करेंगे।’’

तीन सदस्यीय मंत्रिमंडलीय उप समिति में संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड ,सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा अरूण चतुर्वेदी और खाद्य एंव नागरिक आपूर्ति मंत्री हेम सिंह भडाना शामिल है।


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