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पहले बेमौसम बारिश ने किया बेहाल, अब किसान बीमा कंपनी के बने शिकार


आजमगढ़,(एजेंसी)30 मई। प्राकृतिक आपदाओं का शिकार किसान सरकारी व्यवस्था में भी लूट और धोखेधड़ी के शिकार है। बेमौसम बारिश में बर्बाद फसलों से बेहाल हुए किसान को बड़ा झटका तब लगा जब बैंक से कृषि लोन लिए किसानों को बीमा कम्पनी यूनिवर्सल सोम्पों की धोखाधडी का शिकार होना पड़ा। इस बीमा कम्पनी ने प्रदेश के लाखों किसानों से 88 करोड़ से अधिक की बीमा प्रीमियम की राशि लेने के बाद भी इस आपदा में बीमा की राशि नही दी।

Insurance-Company

आजमगढ़ के जिलाधिकारी ने इस कम्पनी को ब्लैकलिस्ट करने लिए पत्र लिखा, लेकिन शासन के अधिकारी डीएम के पत्र को बीमा कम्पनी के प्रभाव में ठंडे बस्ते में डाल दिये। ना तो कंपनी से बीमा प्रीमियम की राशि वापस ली गई और ना ही कंपनी के खिलाफ किसानों से धोखा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।

पूरे देश का किसान जब कालाबाजारी और प्राकृतिक आपदाओं से टूटकर आत्महत्या कर रहा है। ऐसे में भगवान के रुठने के बाद धरती के भगवानों ने असहाय किसानों को लूटने का पूरा जाल बिछाकर किसानों को मौत के मुंह में धकेलने का पूरी योजना तैयार कर ली है और किसानों के कृषि लोन के बीमे का प्रीमियम का 88 करोड़ रुपया लेकर बीमा कंपनी यूनिवर्सल सोम्पो फरार हो गई। प्रदेश के लाखों किसान ठगा महसूस कर रहे हैं और कर्ज से दबा कराह रहा है, लेकिन शासन के अधिकारियों पर जू नही रेंग रही है।

अब जिला ही नहीं प्रदेश के लाखों किसानों के सामने कर्ज चुकाने की बड़ी चुनौती बीमा कम्पनियों की धोखाधड़ी से हुई है। जिससे बर्बाद किसान अब जमीन बेचने और आत्महत्या करने के सिवाय कोई चारा नही बचा है। आपदाओं से ठगा गया किसान बीमा कम्पनी की लूट से पूरी तरीके से बर्बाद हो गया है तो सरकारी रवैया पूरी तरीके से ढुलमुल है अब बड़ा सवाल उठता है कि क्या देश भर के लाखों किसानों को न्याय मिलेगा और बीमा कम्पनियों के खिलाफ बड़ी कार्यवाई होगी या किसान आत्महत्या करेगे और लोग किसानो की मौत पर घडि़याली आंसू बहाएंगे।


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