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IIT मद्रास को अनुसूचित जाति आयोग का नोटिस


मद्रास,(एजेंसी)31 मई। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पूनिया ने आईआईटी-मद्रास को एक छात्र समूह पर प्रतिबंध को लेकर नोटिस जारी किया है । इस मामले में डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दखल की भी मांग की है। पिछले दिनों आईआईटी-मद्रास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की नीतियों की कथित तौर पर आलोचना करने को लेकर दलित छात्रों के समूह ‘आंबेडकर-पेरियार स्टडी सर्किल’ पर प्रतिबंध लगा दिया था।

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इस बैन को लेकर काफी विवाद हो रहा है। संस्थान का कहना है कि इस समूह ने दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है। इस कदम का कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों ने विरोध किया है। बीजेपी का कहना है कि इस प्रतिबंध के पीछे केंद्र सरकार का हाथ नहीं है क्योंकि यह निर्णय संस्थान के प्रबंधन ने विशेषाधिकारों के दुरुपयोग और दिशानिर्देशों के उल्लंघन की बुनियाद पर लिया है।

अनसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पूनिया ने कहा है कि उन्होंने आईआईटी-एम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा, ‘मैंने इस घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए (संस्थान को) नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब मांगा है। हम आगे इस संदर्भ में कार्रवाई करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘यह बहुत ही खतरनाक काम किया गया है। कैंपस में उभरते हुए नौजवानों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। इस तरह से प्रतिबंध लगाना गला घोंटने जैसा कदम है। यह पूरी तरह गलत है।’

पूनिया ने यह भी आरोप लगाया कि इस सरकार के समय दलित विरोधी घटनाओं में इजाफा हुआ है तथा सरकार वंचित वर्ग की जरुरतों को लेकर संवेदनशील नहीं है। उन्होंने कहा, ‘ऐसी घटनाओं में इजाफा हुआ है। ये कोई साधारण घटनाएं नहीं हैं। ये बहुत गंभीर घटनाएं हैं।’

आईआईटी मद्रास में एक छात्र संगठन की मान्यता रद्द करने में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के निरंकुश हस्तक्षेप को जिम्मेदार ठहराते हुए और उनकी आलोचना करते हुए डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि ने इस आदेश को पलटने और इस संस्थान में शांति बहाली के लिए लिए मोदी के सीधे हस्तक्षेप की मांग की।

हालांकि तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण में प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप नहीं लगाया। ईरानी का नाम लिए बगैर ही उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर मोदी के मंत्रियों द्वारा ‘एकपक्षीय’ और ‘निरकुंश’ हस्तक्षेप से देश के युवाओं और राष्ट्र की शांति पर असर पड़ेगा।


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