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यूपी के शिक्षा मंत्री ने कहा- राम नाम से हो जाएगा काम तमाम


लखनऊ,(एजेंसी)05 जून। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कल जिस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा कर रहे थे, उसी में उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल ने लोगों को केंद्र सरकार के कामों से सर्तक रहने की सलाह दी।
राज्य के मेधावी बच्चों को लैपटॉप वितरण कार्यक्रम में मंत्री पाल ने भाजपा पर जमकर तीर चलाया।

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उन्होंने समारोह में मौजूद बच्चों के सामने इशारों में भाजपा पर निशाना साधा। बच्चों से कहा कि जो तुम लो राम नाम, तो हो जाएगा काम तमाम। न आंख में धूल झोंको, न आंख में धूल झोंकवाओं। इसके बाद भी विजय बहादुर पाल धारा प्रवाह बोलते रहे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सुनो कम, समझो ज्यादा। उन लोगों को पहचानो जो चाहते हैं आप भूलभुलैया और अंधविश्वास में भटको, जो ‘मन की बात’ करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में तो लोग वोटों, नोटों और गोटों के लिए परेशान रहते हैं लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए चिंतित रहते हैं। कन्नौज के तिर्वा से विधायक पाल ने कहा कि हर मां-बाप अपने बच्चे को आइएएस अफसर, डाक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर तो बनाना चाहते हैं लेकिन समाजसेवी नहीं। छात्रों को पढ़ाई में रमने और अंधविश्वास से दूर रहने की नसीहत देने के साथ शिक्षक की शैली में डपटते हुए कहा कि ऐसे शौक मत पालो जिससे कि परिवार और समाज का सत्यानाश हो।

इससे पहले भी विजय बहादुर पाल के बयान मुख्यमंत्री की मौजूदगी में भी चर्चा में रहे हैं। लखनऊ में अप्रैल माह में प्रधानाचार्यों के सम्मेलन में पाल ने प्रधानाचार्यों को उनके ही सम्मेलन में खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा आप अगर ताज पहनेंगे तो कांटे भी झेलने पड़ेंगे। आप एसएसपी और डीएम नहीं हैं। इस पर प्रधानाचार्यों ने खड़े होकर आपत्ति जताई तो वे समाज की आलोचना करने लगे। वे यहां तक कह गए कि लोग हमारे शिक्षकों में कमियां गिनाते हैं, लेकिन कमियां तो मम्मी-पापा में भी होती हैं। इस दौरान उन्होंने कई अपशब्द भी कहे। मंत्री ने कहा कि मैं बहुत कुछ नहीं कहूंगा। डरता हूं कि आपमान न हो जाए। फिर बोले कि मैं आपकी समस्या समझता हूं और पद की गरिमा भी। लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि आप प्रिंसिपल की कुर्सी पर बैठे लोग ये ताज पहने हैं तो इसके कांटे कौन झेलेगा।

मुझे मालूम है आपको भी झेलना पड़ता है। लेकिन आप कोई डीएम और एसएसपी नहीं हैं। शिक्षक व कर्मचारी भी दरोगा या कांस्टेबल की तरह हैं। इस पर कुछ प्रधानाचार्य खड़े होकर बोलने लगे। तब सीएम ने भी उन्हें कई बार टोका। मंत्री को जब लगा कि उनका विरोध किया जा रहा है तो वह पाला बदलते हुए कहने लगे कि मैं आपका भाई हूं। फिर बोले कि कुछ लोग कहते हैं कि शिक्षकों में गिरावट आ गई है। मैं तो कहता हूं कि गिरावट तो मम्मी और पापा में भी आ गई है। उन्हें आपे से बाहर होते देख मुख्यमंत्री ने उन्हें कई बार रोका।


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