Saturday , 19 September 2020
Home >> Exclusive News >> गर्मियों में जल उठती है ‘कंक्रीट की काशी’

गर्मियों में जल उठती है ‘कंक्रीट की काशी’


बनारस,(एजेंसी)08 जून। गर्मी का मौसम आते ही लोग अपने घरों से बाहर निकलना कम कर देते हैं। शाम के समय लोग आसपास के लोग इकट्ठे होकर सुस्ताते है और चौपाल लगाते हैं। अब वो दिन गए, जब सभी घरों में आम और जामुन के पेड़ लगे होते थे। अब तो हरियाली ही बहुत कम देखने को मिलती है। हर तरफ कंक्रीट का जंगल फैलता जा रहा है। पेड़-पौधे कम होते जा रहे हैं।

78156-kashi

किसी समय काशी में चारों तरफ पेड़-पौधे ही नज़र आते थे लेकिन आज इन पेड़-पौधों की जगह मकानों ने ले ली है।

गर्मी के दिनों में जल उठता है कंक्रीट का यह जंगल

महमूरगंज निवासी रमेश अग्रवाल (60 वर्षीय) पेड़ों की कम होती संख्या के बारे में बात करते हुए कहते हैं, “किसी समय काशी में चारों तरफ पेड़-पौधे ही नज़र आते थे लेकिन आज इन पेड़-पौधों की जगह मकानों ने ले ली है। गर्मी के दिनों में कंक्रीट का यह जंगल जल उठता है।

हमारे महमूरगंज इलाके में भी पहले कई पेड़ हुआ करते थे। इसमें साईं मंदिर के पास स्थित पीपल का पेड़ आज भी है लेकिन उसके आसपास जितने पेड़-पौधे थे, उसकी जगह अब अट्टालिकाओं ने ले ली है। पहले सावन में पेड़ों में झूले लगा करते थे पर अब उनकी जगह घरों के पोर्टिको ले रहे है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले पीढ़ी को कुछ पेड़-पौधों के बारे में किताबों में ही पढ़ने को मिलेगा।”

पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की वजह से बढ़ा शहर का तापमान

शहर की सबसे बड़ी दालमंडी मार्केट निवासी इश्तियाक अली (50 वर्षीय) बताते हैं,” मेरे बचपन के समय यहां चारों तरह हरियाली ही देखने को मिलती थी। वक़्त बदला और अब पेड़ों की जगह बड़ी- बड़ी मार्केट आदि ने ले ली। हम पहले जिन पेड़ों के इर्द -गिर्द खेला करते थे, अब उन पेड़ों के बारे में बच्चों को कहानियां सुनाते हैं। पहले गर्मी के दिनों में ज़मीन इतनी जलती नहीं थी लेकिन 10 सालों में शहर के अंदर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की वजह से शहर का तापमान काफी बढ़ गया है। अब इतनी ज़्यादा गर्मी होती है कि दिन के समय हमारा बाहर निकलना ही मुश्किल हो जाता है। हम अगर पेड़-पौधों को यूं ही काटते रहे तो आने वाले समय में तापमान और ज़्यादा बढ़ जाएगा।”

पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से हीट आईलैंड बन रहा है शहर

शहर में बढ़ते तापमान के बारे में बात करते हुए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के जीओफिजिक्स विभाग के प्रोफ़ेसर डॉ एस.एन.पाण्डेय कहते हैं, “काशी में कंक्रीट का जंगल यहां तापमान में बढ़ोतरी का मुख्य कारण है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई इस धार्मिक और शांत शहर को हीटआइलैंड बना रही है। लोग कॉलोनियों के लिए पेड़ों को काट रहे हैं या हम यूं कहें कि विकास के लिए वो अपने आने वाले कल को समाप्त कर रहे हैं। यही कारण है कि बरसात के मौसम में अब सही से बारिश भी नहीं होती है। यदि काशी को जलने से बचाना है तो हमें काशी में चारों तरफ वृक्षारोपण करना होगा।”


Check Also

देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं: CM योगी

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी और …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *