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Delhi में राष्ट्रपति शासन लागू


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नई दिल्ली,एजेंसी-17 फरवरी। दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लागू होगा और विधानसभा निलंबित रहेगी। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को इस संबंध में उप राज्यपाल नजीब जंग की सिफारिश को मान लिया। जंग ने आप सरकार की इस सिफारिश को नामंजूर कर दिया है कि विधानसभा भंग की जानी चाहिए।

राष्ट्रपति की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद केन्द्रीय मंत्रिमंडल का फैसला लागू होगा। इसके बाद इस फैसले का समर्थन संसद को करना होगा। संविधान के अनुच्छेद-356 के तहत एक प्रस्ताव के जरिए ऐसा होगा। केन्द्र सरकार को भेजी रिपोर्ट में जंग ने 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा को भंग करने का समर्थन नहीं किया। अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व वाले प्रदेश मंत्रिपरिषद ने शुक्रवार रात एक बैठक कर विधानसभा भंग करने की सिफारिश की थी। इसके बाद ही मुख्यमंत्री केजरीवाल और मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों ने इस्तीफे दे दिए।

उप राजयपाल के इस कदम से किसी भी राजनीतिक दल या गठबंधन के लिए भविष्य में सरकार बनाने का विकल्प उपलब्ध रहेगा। इस बीच, सूत्रों ने बताया कि जंग ने केन्द्र को सूचित किया था कि राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए क्योंकि इस समय कोई भी पार्टी वैकल्पिक सरकार के गठन की स्थिति में नहीं है।

सूत्रों ने बताया कि उप राज्यपाल की सिफारिश पर अंतिम फैसला केन्द्र सरकार को ही करना था। गृह मंत्रालय के अधिकारियों का कहना था कि वे कानून मंत्रालय की राय लेंगे और अंतिम फैसले से पहले सभी तथ्यों को केन्द्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष रखेंगे। पिछले साल के अंत में हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिल पाया था। केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी ने दिसंबर में कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई थी।

आप सरकार ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। दिल्ली विधानसभा में जन लोकपाल विधेयक को लेकर मिली हार के कारण केजरीवाल और मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों ने इस्तीफा दिया।

उप राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट के साथ ही केजरीवाल का इस्तीफा भी भेजा। इस्तीफे के पत्र को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पास भेजा जाएगा। केजरीवाल की सरकार 49 दिन चली और उसे कांग्रेस का समर्थन था। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्राकृतिक गैस से जुडे एक मामले में उद्योगपति मुकेश अंबानी के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार से छुटकारा पाने के लिए भाजपा और कांग्रेस ने आपस में हाथ मिला लिया।

केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में शनिवार देर शाम उनके आवास पर हुई। केजरीवाल सरकार के इस्तीफे के बाद विधानसभा में सबसे बडी पार्टी भाजपा द्वारा सरकार बनाने से इंकार किए जाने के बाद ही कयास लगाए जा रहे थे कि दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है।


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