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आमजन के लिए खुलेगा कोठी हयात बख्श बाग


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लखनऊ,एजेंसी-4 मार्च। उत्तर प्रदेश का राजभवन पहले कोठी हयात बख्श के नाम से जाना जाता था। यह नवाब सआदत अली खान के कार्यकाल में बना था , यानी यह भवन लगभग 200 वर्ष पुराना है। मेजर जनरल क्लाड मार्टिन ने इस भवन का पुनर्निर्माण कराया था और इसे अपना आवास बनाया था। आजादी के पहले भी यह भवन अवध प्रांत के राज्यपाल का सरकारी आवास था। इस भवन के सामने का खूबसूरत बाग अब आमजन के लिए खोला जाएगा। (08:43)
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बी.एल. जोशी ने फूलों के मौसम में राजभवन के बाग को आम लोगों, विशेषकर छात्र-छात्राओं के लिए 5 से 12 मार्च तक प्रतिदिन अपराह्न् तीन बजे से शाम पांच बजे खोले जाने के निर्देश दिए हैं।

राजभवन भ्रमण के समय आम जनता को राजभवन के इतिहास के साथ ही धन्वंतरि वाटिका, राजभवन द्वारा प्रकाशित ‘आयुर्वेद और स्वास्थ्य’, ‘आयुर्वेद अमृतानाम’ एवं ‘शतायु की ओर’ पुस्तकें देखने-पढ़ने का मौका भी मिलेगा।

आजादी के बाद यह भवन राजभवन के नाम से जाना जाता है और यह उत्तर प्रदेश के राज्यपाल का सरकारी आवास है। राजभवन के मुख्य प्रांगण में सफेद संगमरमर की एक बारादरी निर्मित है तथा भवन के सामने लॉन में उत्तर प्रदेश सरकार की सील के आकार का एक सुंदर फव्वारा भी स्थित है। यहां एक कैक्टस हाउस है तथा विभिन्न प्रकार के दुर्लभ औषधीय पौधों की एक वाटिका है, जिसे धन्वंतरि वाटिका कहते हैं।

गांधी सभागार के पीछे विभिन्न रंगों एवं प्रजातियों के गुलाब की सुंदर वाटिका है जो गुलाब वाटिका कहलाती है। राजभवन में रुद्राक्ष, कल्पवृक्ष, सीता-अशोक, कृष्णवट तथा चंदन के दुर्लभ वृक्ष भी लगे हैं। राजभवन के कुछ चिह्न्ति स्थलों पर संगमरमर की खूबसूरत मूर्तियां भी स्थापित हैं।

दर्शक या आगंतुक विशेष जानकारी के लिए दूरभाष संख्या 0522-2620494-95, एक्सटेंशन 201 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि राजभवन गार्डन के भ्रमण के समय अपना फोटो युक्त पहचानपत्र अवश्य साथ लाएं, क्योंकि सुरक्षा की दृष्टि से ऐसा करना आवश्यक है।


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