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क्या है चावल घोटाले का ‘सीएम मैडम’ कनेक्शन?


नई दिल्ली,(एजेंसी)21 जुलाई। छत्तीसगढ में चाउर बाबा के नाम से मशहूर रमन सिंह के खिलाफ चावल घोटाले को लेकर आज विधानसभा में खूब हंगामा हुआ। रमन सिंह ने 1 रुपये किलो चावल देकर गरीब जनता का दिल जीत लिया था। आज चाउर वाले बाबा घोटाले में घिरे हैं। एक डायरी ने छत्तीसगढ़ के पीडीएस घोटाले से मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके परिवार को शक के घेरे में खड़ा कर दिया है। क्या है चावल घोटाले का सीएम मैडम कनेक्शन?

छत्तीसगढ़ के गरीबों को आठ साल से 1 रुपये किलो चावल खिलाने वाले मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह पर चावल घोटाले का आरोप लगा है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री रमन सिंह की पत्नी और साली पर भी चावल घोटाले का आरोप लगाया है।

आखिर घोटाले के आरोपों से क्यों घिरा है मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनका परिवार?

इस सवाल का संबंध जुड़ा है एंटी करप्शन ब्यूरो के दस्तावेज डी-11 से. डी 11 वो दस्तावेज है जिसे एंटी करप्शन ब्यूरो ने घोटाले के आरोपी गिरिश शर्मा से बरामद किया था। कहा जा रहा है कि ये वो रिकॉर्ड है जिसे नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी गिरिश शर्मा से छापेमारी के दौरान एसीबी ने बरामद किया था। आरोप है कि बरामद दस्तावेज उन लोगों का कच्चा चिट्ठा है जिसमें शिवशंकर भट्ट ने पैसे के लेन-देन का हिसाब रखा है। इस दस्तावेज में कई लोगों के नाम दर्ज हैं लेकिन दो प्रमुख नाम ऐसे हैं जिसने छत्तीसगढ़ के सीएम को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

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एंटी करप्शन ब्यूरो की चार्जशीट के मुताबिक बरामद दस्तावेज में कथित सीएम मैडम का नाम लिखा है। एसीबी के दस्तावेज डी-11 में साफ ये लिखा है कि चंद्राकर जी ने जो सीएम मैडम को दिया था उसे बारीक को दिये 3. इस लाइन के सामने भी 3 लाख रुपए लिखे हैं। अब सवाल उठता है कि ये सीएम मैडम हैं कौन। कांग्रेस का आरोप है की सीएम मैडम और कोई नहीं बल्कि मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की पत्नी वीणा सिंह ही हैं।

जिस बरामद दस्तावेज के हवाले सीएम पत्नी को पैसे देने की बात कही जा रही है उसकी एंट्री 5 दिसंबर 2014 की है। मुख्यमंत्री रमन सिंह कांग्रेस के आरोप को झूठा बता रहे हैं क्योंकि उस दरम्यान उनकी पत्नी गंभीर रूप से बीमार थीं।

इस पर डॉ रमन सिंह ने कहा कि जिस समय मेरी पत्नी को पैसे देना का जिक्र किया गया उस समय मेरी पत्नी बीमार थी, जुलाई से दिसम्बर तक आईसीयू में थी और उनसे डॉक्टरों के आलावा कोई नहीं मिल सकता था। मेरी पत्नी पिछले 16 साल से विधान सभा नहीं देखी और वो राजनीति से परे है।

आखिर बरामद दस्तावेज में जिस सीएम मैडम का जिक्र है उसकी सच्चाई क्या है ये जानने पहुंचा एसीबी यानी एंटी करप्शन ब्यूरो के पास।

एसीबी चीफ मुकेश गुप्ता ने कैमरे पर बात करने से तो इंकार कर दिया लेकिन उन्होंने हमें बताया की सीएम मैडम का अर्थ सीएम की पत्नी नहीं बल्कि सीएम मतलब नान का अधिकारी चिंतामणि चंद्राकर है और सीएम मैडम मतलब चंद्राकर की पत्नी है। जब मुकेश गुप्ता से ऐश्वर्या रेसीडेन्सी और इस डी-11 पन्नों में दर्ज़ अन्य लोगों के बारे मे पूछा तो उन्होंने कहा कि जांच जारी है।

बरामद दस्तावेज में एक और कथित एंट्री है जिसे कांग्रेस और उनके परिवार से जोड़ के देख रही है। ये एंट्री है ऐश्वर्या रेजीडेंसी की। एसीबी ने कोर्ट में जो चार्जशीट पेश की है उसकी डी 11 पन्ने पर ऐश्वर्या रेजीडेंसी का जिक्र है। ऐश्वर्या रेजीडेंसी के सामने 3 लाख रुपए लिखा हुआ है। कांग्रेस का आरोप है की यह 3 लाख रुपए ऐश्वर्या रेसीडेन्सी में मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की साली के पास पहुंचा है। कहा जाता है कि मुख्यमंत्री की साली ऐश्वर्या रेसीडेन्सी में रहती हैं। एसीबी ने अपनी चार्जशीट में ऐश्वर्या रेजीडेंसी और 3 लाख रुपए का जिक्र तो किया है लेकिन किसे पैसा दिया गया है इसका जिक्र नहीं है। आखिर कांग्रेस किस आधार पर इसे सीएम से जोड़ रही है?

चालान के डी-11 पन्ने पर एक जगह पर शिवशंकर भट्ट ने ऐश्वर्या रेजीडेंसी का जिक्र किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है की ऐश्वर्या रेजीडेंसी में सीएम की साली रहती है। सीएम ने कहा ऐश्वर्या रेजीडेंसी में केवल मेरी ही शाली नहीं रहती। कांग्रेस केवल झूठे आरोप लगा रही है।

क्या है कथित डायरी की कहानी?
इस पूरे मामले ने ज़ोर तब पकड़ा जब कांग्रेस ने एक कथित डायरी पेश की। कांग्रेस के मुताबिक इस डायरी में कई लोगों के नाम कोड में हैं। कांग्रेस का दावा है कि इस डायरी में सीएम हाउस, सीएम के ससुराल के लोग, सीएम के कूक समहित कई बड़े लोगों के नाम शामिल हैं।

कांग्रेस के इस गंभीर आरोप को मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने साबित करने की चुनौती दी है। सीएम डॉ रमन सिंह ने इन आरोपों को कांग्रेस की राजनीतिक साज़िश करार देते हुए कहा की कांग्रेस झूठे आरोप लगा रही है अगर उनके पास कोई दस्तावेज़ है तो उसे पेश करें या अदालत जाएं।

कांग्रेस जिस डायरी के हवाले से सीएम पर घोटाले का आरोप लगा रही है आखिर उसकी सच्चाई क्या है? क्या डायरी है भी या नहीं या अगर डायरी है तो उसमें कांग्रेस के पेश किये गए पन्ने मौजूद हैं या नहीं। इस सवाल का जवाब ढूंढने में एंटी करप्शन ब्यूरो जुटी हुई है। लेकिन एसीबी का कहना है कि प्राथमिक जांच में कांग्रेस के पेश किये गए किसी भी ऐसे पन्ने बरामद नहीं हुए हैं।

एसीबी ने अपनी चार्जशीट में एक महरून कलर की डायरी का जिक्र किया है। अबतक बीजेपी इस तरह की किसी भी डायरी के होने से इंकार करती रही। लेकिन एसीबी के इस चालान ने बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दीं।

जिस डायरी के हवाले से मुख्यंत्री और परिवार शक के घेरे में है उस डायरी की सच्चाई क्या है ये एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच के बाद ही पता चलेगा।


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