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उत्तर प्रदेश में नदियां उफान पर, मंडराया बाढ़ का संकट


लखनऊ,(एजेंसी)21 जुलाई। उत्तर प्रदेश की नदियों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। कई जिलों में रविवार को जहां नदियों का जलस्तर उतार पर था, वहीं सोमवार को एकाएक फिर से बढ़े पानी ने तटवर्ती गांवों को भयभीत कर दिया। बाढ़ में चपेट में आए कई गांवों के लिए नदियों का बढ़ा पानी खतरा बन रहा है। बलिया में गंगा धीरे-धीरे लाल निशान की ओर बढऩे लगी है। पानी सोमवार को भी दो सेंटीमीटर प्रति घंटा के हिसाब से बढ़ता रहा। उधर, घाघरा तुर्तीपार में चेतावनी लेवल से 62 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। सिकंदरपुर क्षेत्र के दियारे में कटान से स्थिति निरंतर भयावह होती जा रही है। यहां पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में चार फीट की वृद्धि हुई है।

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लखीमपुर में मोहाना नदी ने सूरतगंज से तिकुनिया जाने वाला मार्ग पूरी तरह काट दिया है। धौरहरा तहसील के ग्राम भदईपुरवा में घाघरा नदी ने अब तक 72 घर लील लिए हैं। बाराबंकी और गोंडा में घाघरा नदी ने कटान शुरू कर दी है। एल्गिन-ब्रिज चरसड़ी तटबंध में कटान धीरे-धीरे हो रही है। सीतापुर में भी घाघरा तेजी से भूमि कटान कर रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हालात चिंताजनक हैं। वनबसा बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से पीलीभीत में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है और हजारा क्षेत्र के नहरौसा व भरतपुर में तेजी से कटान शुरू हो गई है। अब तक 35 एकड़ कृषि योग्य भूमि कटान की भेंट चढ़ चुकी है।

बदायूं में गंगा का पानी बढऩे से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। गंगा और रामगंगा नदियां उफान पर हैं। एटा में बैराजों से निरंतर पानी छोड़े जाने से गंगा की कटान बढ़ती जा रही है। इसे रोकने के लिए बनाए गए अस्थाई तटबंध भी काम नहीं आ रहे। कछला के पास एक तटबंध बह गया। इसमें बालू भरकर लगाई गई प्लास्टिक की बोरियां पानी में बह गईं। इन बोरियों को एक के ऊपर एक रखकर दीवार बनाई गई थी। इस पर प्रशासन ने जांच बिठा दी है।

उधर, बस्ती में घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेमी नीचे आ गया है, लेकिन इससे तटबंधों पर कटान तेज हो गई है। संतकबीर नगर में राप्ती नदी के जलस्तर में आंशिक कमी आई है। मेहदावल क्षेत्र में बने बंधे में कई जगह दरार देखने को मिली है। देवरिया के बरहज में घाघरा के जलस्तर में मामूली वृद्धि दर्ज की गई। फर्रुखाबाद में गंगा व रामगंगा में पानी फिर बढऩे से तटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों के माथे पर शिकन आ गयी है। गंगा में 10 और रामगंगा में 30 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ गया है।


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