Wednesday , 27 October 2021
Home >> U.P. >> पंचायत चुनाव से पहले कसी जाएंगी अपराधियों की नकेल

पंचायत चुनाव से पहले कसी जाएंगी अपराधियों की नकेल


लखनऊ,(एजेंसी)21 जुलाई।आने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर आज योजना भवन में प्रमुख सचिव गृह, राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त, पुलिस महानिदेशक, अपर महानिदेशक (अपराध) और पुलिस महानिरीक्षकों ने चुनावी तैयारियों को लेकर विचार-विमर्श किया। इस बैठक में पुुलिस महानिरीक्षकों से कहा गया कि वे प्रत्याशियों के बैकग्राउण्ड के बारे में पता करें और हालात को समझकर बताएं कि कहां और कितनी फोर्स की जरूरत पड़ेगी। इसके साथ-साथ मतदाताओं में भी यह आत्मविश्वास पैदा करें कि वे सुरक्षा के माहौल में वोट देने जा सकेंगे।

सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे खुद मौके पर जाएं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के बारे में न सिर्फ पता करें बल्कि उन लोगों को चिन्हित करें जो चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे लोगों के विरुद्ध गुण्डा एक्ट, गैंगस्टर,एनएसए और 107/16 की कार्रवाई करें ताकि चुनाव के समय किसी किस्म की दिक्कतें न आएं।

jag-deb-300x128

आज की बैठक में महानिदेशक प्रासीक्यूशन और सरकारी वकील को भी बुलाया गया था ताकि चुनाव की तैयारियों के दौरान जिन अपराधियों को गिरफ्तार किया जाए उनकी कोर्ट में इस तरह से पैरवी हो कि उन्हें सीखचों के पीछे भेजा जा सके। बैठक में तय किया गया कि इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश में आठ फोरेंसिक लैबोरेट्रीज शुरू की जाएंगी। इसके अलावा हर जिले को एक-एक मोबाइल फोरेंसिक लैब उपलब्ध करायी जाएगी।

चुनाव के दौरान अवैध शराब की पहुंच को रोका जाएगा। अवैध शस्त्रों के निर्माण पर रोक लगायी जाएगी। कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए हर संभव उपाय किये जाएंगे। वांछित अपराधियों की चुनाव पूर्व गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पण्डा ने बताया कि संवेदनशील जिलों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हम पूरी तरह से एलर्ट हैंं। पिछले दिनों जो छोटी- छोटी घटनाएं हुई हैं उन्हें साम्प्रदायिक उन्माद नहीं कहा जा सकता। उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जिन वजहों से हालात बिगड़े उन्हें चिन्हित कर लिया गया है और भविष्य में उसकी पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी।

पुलिस महानिदेशक जगमोहन यादव ने बताया कि पंचायत चुनाव एमपी और एमएलए चुनाव से ज्यादा संवेदनशील होता है। उन्होंने बताया कि जिलों के अधिकारियों को इस मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं। जेल से हो रहे अपराधों की रोकथाम के सवाल पर उन्होंने बताया कि अब तक जेल से हो रहे अपराधों पर लगाम लगाने में एक कानूनी बाध्यता थी जिसे अब दूर कर लिया गया है। अब ऐसे अपराधियों को दूर की जेलों में स्थानान्तरित किया जा सकेगा। इसके अलावा न सुधरने वाले अपराधियों को जेल की तन्हाई बैरकों में शिफ्ट करवाया जा सकता है। इस सम्बन्ध में जेल अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


Check Also

यूपी के फिरोजाबाद में कोरोना के साथ वायरल फीवर और डेंगू का बढ़ता जा रहा कहर, फिर सामने आए इतने केस

यूपी के फिरोजाबाद में वायरल फीवर और डेंगू का कहर और भी तेजी से बढ़ता …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *