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कैबिनेट के फैसले: पांच फीसद तक होगा सिंचित बहुफसली भूमि का अधिग्रहण


लखनऊ,(एजेंसी)22 जुलाई। नये भूमि अधिग्रहण कानून के तहत विकास परियोजनाओं के लिए अब प्रदेश के किसी भी जिले की कुल सिंचित बहुफसली भूमि की पांच फीसद से ज्यादा का अधिग्रहण नहीं किया जा सकेगा। जिले की सभी परियोजनाओं के लिए उसके कुल बोआई क्षेत्रफल की पांच फीसद से ज्यादा कृषि भूमि का अधिग्रहण नहीं हो सकेगा। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।

केंद्र सरकार के भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-10 खाद्य सुरक्षा के लिए किये जाने वाले उपाय से संबंधित है। धारा-10 में कहा गया है कि कहीं भी सिंचित बहुफसली भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा लेकिन अपवाद की स्थिति में उस सीमा के बाद नहीं किया जाएगा जैसा कि राज्य सरकार तय करे।

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लिहाजा राज्य सरकार के लिए ऐसी सीमा तय करना जरूरी है, अपवाद की स्थितियों में जिसके बाद सिंचाई की सुविधा से युक्त बहुफसली भूमि का अर्जन न किया जा सके। लिहाजा 30 दिसंबर, 2014 को कैबिनेट ने प्रदेश के किसी भी जिले में कुल सिंचित व बोआई क्षेत्रफल की 20 प्रतिशत सीमा तक ही सिंचित बहुफसली जमीन के अधिग्रहण का फैसला किया था। किसान संगठनों ने सरकार के इस निर्णय का विरोध किया।

किसानों के विरोध को देखते हुए सरकार ने कैबिनेट के फैसले के बावजूद इसकी अधिसूचना नहीं जारी की। इस बीच 24 मार्च, 2015 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कार्यान्वयन समिति की की बैठक में तय हुआ कि किसी भी जिले में सिंचित बहुफसली भूमि का अर्जन उसके कुल बोआई क्षेत्रफल के अधिकतम पांच फीसद की सीमा तक ही किया जाए। इसी क्रम में कैबिनेट ने मंगलवार को अपने पुराने फैसले को संशोधित करते हुए यह निर्णय लिया है।

सरोजनीनगर बनी तहसील
अखिलेश सरकार ने राजधानी की सदर तहसील का विभाजन करते हुए सरोजनीनगर को नई तहसील बनाने का फैसला किया है। मंगलवार को कैबिनेट ने राजस्व विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए सरोजनीनगर को नई तहसील का दर्जा दे दिया है। यह लखनऊ की पांचवीं तहसील होगी।

तहसील सरोजनीनगर का कुल क्षेत्रफल 22365 हेक्टेयर होगा। इसमें 132 राजस्व गांव शामिल होंगे। सरोजनीनगर तहसील में 57 लेखपाल क्षेत्र होंगे। इसका मुख्यालय बंथरा में होगा। तहसील मुख्यालय के कार्यालय भवन के लिए लखनऊ-कानपुर राजमार्ग पर ग्राम बंथरा में स्वास्थ्य विभाग का एक्सपरिमेंटल टीचिंग सेंटर का भवन उपलब्ध है जो निष्प्रयोज्य है। नये कार्यालय के लिए गांव सभा की जमीन भी उपलब्ध है।

गौरतलब है कि 35768 हेक्टेयर में फैली लखनऊ की सदर तहसील में 324 गांव और 113 लेखपाल क्षेत्र थे। सदर तहसील के अधिकार क्षेत्र में आने वाले गांवों की तहसील मुख्यालय से दूरी औसतन 20 किमी या अधिक है। विकासोन्मुखी गतिविधियों के साथ सदर तहसील में आबादी भी तेजी से बढ़ी है। दूरदराज के गांवों को लोगों को तहसील मुख्यालय तक पहुंचने में 20 से 25 किमी की दूरी तय करनी पड़ती थी।

वहीं घनी आबादी वाली तहसील होने के कारण तहसील दफ्तर में राजस्व कार्यों के जुड़े सभी पटल पर भारी भीड़ बनी रहती है। दूर से आये किसानों को अक्सर लंबे इंतजार के बाद काम के सिलसिले में अगले दिन फिर तहसील दफ्तर आना पड़ता था। लिहाजा जनसामान्य की सुविधा और प्रशासनिक दृष्टिकोण से सरोजनीनगर को नई तहसील का दर्जा देने का फैसला किया गया है। सरोजनीनगर के नई तहसील बनने के बाद अब सदर तहसील का कुल क्षेत्रफल घटकर 13403 हेक्टेयर रह गया है। इसमें अब 192 गांव और 56 लेखपाल क्षेत्र होंगे।


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