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कुछ अच्छा कुछ बुरा रहा सपा सरकार का दूसरा वर्ष


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लखनऊ,खबर इंडिया नेटवर्क – 15 मार्च । सपा सरकार का दूसरा वर्ष खट्टे-मीठा तजुर्बा देने वाला रहा। दंगों की विभीषिका, सपाइयों की गुंडई परेशानी का सबब रही। तो, अस्पतालों में मुफ्तजांच, एक्स-रे, मेट्रो, आइटी सिटी अवस्थापना की सुविधाओं शुरुआत कुछ राहत देती नजर आयी। चुनावी आचार संहिता के चलते सरकार दो वर्ष जश्न नहीं कर सकेगी लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी सरकार की उपलब्धियां बताने मीडिया से मुखाबित होंगे।
राच्य में 15 मार्च 2012 को सत्तारुढ़ हुई समाजवादी सरकार आज अपने कार्यकाल का अपना दूसरा वर्ष पूरा करेगी। पहले वर्ष में उसने लैपटाप वितरण, बेरोजगारी भत्ता, हमारी बेटी-उसका कल जैसी लुभावनी योजनाएं शुरू कर विकासोन्मुख होने का संदेश देने का प्रयास किया लेकिन दूसरे वर्ष में कदम रखते ही उसकी रफ्तार मध्यम पढऩे लगी। सरकार की कई योजनाओं पर नौकरशाही ने पेंच फंसा दिया। हाइस्कूल पास बच्चों को टेबलेट देने का वायदा पूरा नहीं हुआ। सपा की गरीबों को साड़ी-कंबल वितरित करने की बड़ी लोकलुभावन योजना को पंचायती राज मंत्री बलराम यादव और उनके महकमे के अधिकारी धरातल पर उतार नहीं पाये। जबकि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पहल पर वित्त विभाग ने योजना के लिए 800 करोड़ रुपए आवंटित कर दिये थे।
सपा के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी कहते हैं कि महज दो साल में मेट्रो, आइटी सिटी, नए बिजली कारखानों का काम शुरू हुआ है। कौशल विकास कार्यक्त्रम से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने च्विकास पुरुष’ होने की बात सच साबित की है। उनके इस दावे से इतर राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता अनिल दुबे कहते हैं कि सरकार जनता को सुरक्षा और विकास देने में नाकाम रही है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल कहते हैं कि समाजवादी सरकार जनअपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी। दंगों और गुंडई के चलते लोगों का सरकार से विश्वास उठ गया है।


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