Wednesday , 23 September 2020
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लहर के दावों में कितनी सच्चाई?


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मोहम्मद इरफ़ान शाहिद, लखनऊ/खबर इंडिया नेटवर्क। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा बार बार देश में अपने पक्ष में लहर चलने के दावों के बीच पार्टी के शीर्ष नेता नरेंद्र मोदी के दो स्थानों से चुनाव लड़ने के समाचार से भाजपा समर्थक हैरत मंे हैं।
पार्टी जहाँ एक ओर यूपी में अधिक सीटें जीतने के लिए मोदी को वाराणसी से मैदान में उतार रही है और वहां से वर्त्तमान सांसद मुरली मनोहर जोशी को कानपूर भेजा गया है, वहीँ मोदी गुजरात की वडोदरा सीट से भी प्रत्याशी हैं। इससे यही संकेत मिलता है कि पार्टी मोदी के लिए भी सुरक्षित सीट चाहती है। वडोदरा के पूर्व मेयर बालकृष्ण शुक्ला वहां से मौजूदा सांसद हैं।
लखनऊ विश्विद्द्यालय के छात्र समीर अहमद का कहना है कि ‘मोदी की लहर होती तो बीजेपी मोदी को कहीं से भी प्रत्याशी बना सकती थी, उनको डर है की मोदी कहीं हार न जाये, मोदी की कोई लहर नहीं है’। वहीँ अलीगंज निवासी अभिनव सिंह का कहना है कि , मोदी की लहर सिर्फ टीवी चैनलो पर है, बीजेपी को पता है की मोदी वाराणसी से चुनाव हार सकते हैं’।
भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक का कहना है कि,’ विरोधी पार्टियां हमारे पीएम उम्मीदवार के विरोध में साज़िश न रच सके, इसलिए मोदी को हमने सेफ सीट दी है, बीजेपी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी दो सीटों से चुनाव लड़ाया था’।
वहीँ उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता द्विजेन्द्र त्रिपाठी का कहना है कि,”बीजेपी एक ही आदमी के इशारे पर चल रही है, वो है मोदी जो गोधरा से लेकर गुजरात दंगों का ज़िम्मेदार है और जो पार्टी के घोषित प्रधान मंत्री पद के उम्मीदवार हैं, उन्होंने पार्टी के बड़े नेताओं को किनारे कर दिया है। उन्हें पता है की वो वाराणसी से चुनाव हार रहे हैं विरोधी पार्टीयों को उनके विरुद्ध कोई चाल चलने कि ज़रुरत नहीं है, बीजेपी के नेता खुद ही काफी हैं आपस में विरोध करने के लिए”।


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