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कांग्रेस का चुनावी घोषणापत्र जारी


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नई दिल्ली,एजेंसी-26 मार्च। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2014 के लिए घोषणा पत्र जारी कर दिया है। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि घोषणा पत्र में जनता की बात रखी गई है। घोषणा पत्र में सभी की भावनाओं का ध्यान रखा गया है। घोषणा पत्र के लोगों के सुझाव को शामिल किया गया है।

कांग्रेस ने आज अपने घोषणापत्र में राइट टू हेल्थ यानि स्वास्थ्य का अधिकार देने की बात कही है। लेकिन लोकलुभावन नीतियां यहीं नहीं रुकती हैं। पार्टी ने कहा है कि अगर वो सत्ता में आई तो सबको घर देगी और जब लोग बूढें हो जाएंगे, तो उन्हें पेंशन भी देने की व्यवस्था करेगी। कांग्रेस ने शिक्षा पर ज्यादा खर्च करने और उच्च शिक्षा में एफडीआई लाने की भी बात कही।

कांग्रेस ने आज देश की ग्रोथ को अगले तीन साल में 8 फीसदी लाने का वादा किया है। इसके लिए वो सुधारों पर जोर देगी। खासकर मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में जान डालने के लिए नीतियां बनाएगी। करेंट अकाउंट घाटे से निपटने के लिए लॉन्ग टर्म पॉलिसी बनेगी। एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए इसे सभी तरह के टैक्स से मुक्त कर दिया जाएगा। कांग्रेस ने अगले एक साल में जीएसटी और डायरेक्ट टैक्स कोड को लागू करने का वादा भी किया है।

कांग्रेस ने देश में देश के कारोबारी माहौल में सुधार का वादा किया है। पार्टी के घोषणापत्र जारी होने के मौके पर उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि घोषणापत्र में बिजनेस से जुड़े लोगों की चिंताओं को भी शामिल किया गया है। कांग्रेस बिजनेस के लिए माहौल बनाएगी और देश में इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाया जाएगा।

वहीं राहुल गांधी को इस बार भी लोकसभा चुनावों में जीत का पूरा भरोसा है। मोदी के नाम पर उन्होंने कहा कि वो लोगों को आपस में लड़ाने की विचारधारा को प्रदर्शित करते हैं और सभी कांग्रेसियों को मिलकर उन्हें हराना है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि 2009 के घोषणा पत्र के 90 फीसदी वादों को पूरा किया गया है। नए तरीके से 2014 का चुनावी घोषणा पत्र तैयार किया गया है। और, घोषणा पत्र में शामिल की गई सभी बातों को पूरा किया जाएगा। कारोबार का माहौल और ग्रोथ को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्यान में रखकर घोषणा पत्र बनाया गया है। राहुल गांधी ने उद्योग जगत को सहूलियत देने का वादा किया है।

वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि घोषणा पत्र में रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया गया है। साथ ही कांग्रेस के ग्रोथ मॉडल से ही गरीबी दूर हो सकती है। ग्रोथ में सभी लोगों को फायदा पहुंचाने पर फोकस होगा। एनडीए सरकार के मुकाबले यूपीए सरकार ने 10 साल में शानदार ग्रोथ दी है। यूपीए सरकार में 14 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आने में कामयाब हुए हैं। यूपीए-1 के कार्यकाल में देश की ग्रोथ 8.48 फीसदी, जबकि यूपीए-2 के कार्यकाल में ग्रोथ 7.3 फीसदी रही।

कांग्रेस ने चुनावी घोषणापत्र में सभी के लिए स्वास्थ्य के अधिकार का वादा किया है। घोषणापत्र जारी करते हुए सोनिया ने सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों का विस्तार देने का भी संकल्प जताया है। भूमिहीन, गरीबों को आवास के अधिकार का संकल्प कांग्रेस के घोषणपत्र में लिया गया है। पिछले 10 सालों में देश में सबसे ज्यादा ग्रोथ देखने को मिली है। मैन्युफैक्चरिंग और ग्रोथ बढ़ाने पर जोर होगा। घोषणा पत्र में कमजोर और गरीबों पर ध्यान दिया गया है। सभी के लिए स्वास्थ्य अधिकार का वादा किया गया है। सामाजिक सुधार और सामाजिक कल्याण पर जोर होगा।

कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में वित्त वर्ष 2017 तक वित्तीय घाटा 3 फीसदी लाने का लक्ष्य है। जीएसटी और डायरेक्ट टैक्स कोड 1 साल में लाने का वादा किया गया है। 5 साल में 10 करोड़ लोगों को स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग दी जाएगी। 3 साल में 8 फीसदी से ज्यादा की ग्रोथ का लक्ष्य है। राइट टू हेल्थ, राइट टू पेंशन और राइट टू हाउसिंग का वादा किया गया है।

कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में 10 साल में इंफ्रा सेक्टर में 1 लाख करोड़ डॉलर का निवेश का वादा किया गया है। 5 साल में सभी नागरिकों के बैंक खाते खुलवाने का वादा किया गया है। महिला आरक्षण बिल को पास कराने का वादा किया गया है। सांप्रदायिक हिंसा बिल को जल्द से जल्द पास कराने का वादा किया गया है।

कांग्रेस के घोषणापत्र में नए वादों में सभी के लिए स्वास्थ्य का अधिकार का वादा, सभी भूमिहीन, गरीब को आवास के अधिकार का वादा, आर्थिक विकास की दर को फिर तेज करने का वादा, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को विस्तार देने का वादा, बीमार, विकलांग को पेंशन का वादा, किसान, कमजोर वर्ग के सशक्तिकरण का वादा किया गया है।


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