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उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में बनी रहेगी पुरानी आरक्षण व्यवस्था


लखनऊ,(एजेंसी)11 अगस्त। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण की पुरानी व्यवस्था बनी रहेगी। आज शासनादेश जारी कर दिया गया। जिलों में 12 सितंबर तक आरक्षण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा और लागू चल रही आरक्षण नीति एवं चक्रानुक्रम व्यवस्था प्रभावी होगी। आरक्षण की यह प्रक्रिया दो हफ्ते से लंबित थी लेकिन इसे जस का तस लागू किया गया। इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सका।

ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के स्थान और पदों के आरक्षण और आवंटन के सिलसिले में प्रमुख सचिव पंचायती राज चंचल कुमार तिवारी ने आज देर शाम शासनादेश जारी किया। निदेशक पंचायती राज और सभी जिलाधिकारियों को प्रेषित इस आदेश के मुताबिक अनुसूचित जन जाति और अनुसूचित जातियों के लिये प्रदेश में आरक्षित किये जाने वाले कुल पदों का निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर होगा।

11_08_2015-election

जिला और खंड विकासवार आरक्षित किये जाने वाले पदों की गणना और आवंटन प्रत्येक वर्ग के लिये आरक्षित किये जाने वाले प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों वार्ड की संगणना तथा उनका आवंटन, पिछड़े वर्गों के व्यक्तियों की संख्या के अवधारण हेतु कराये गये त्वरित सर्वेक्षण, 2015 और जनगणना वर्ष 2011 के आधार पर प्रत्येक स्तर की पंचायत और उनके प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल जनसंख्या, अनुसूचित जन जाति और अनुसूचित जातियों की संख्या तथा पिछड़े वर्गों की जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर किया जायेगा।

पंचायतों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़े वर्ग के लिए जनसंख्या के अनुसार आरक्षण व्यवस्था है। वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक अनुसूचित वर्ग की आबादी 20.69 प्रतिशत तथा अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 0.56 प्रतिशत है। त्वरित सर्वेक्षण में वर्ष 2015 के आधार पर प्रदेश की ग्रामीण जनसंख्या में पिछड़े वर्गों की जनसंख्या का प्रतिशत 53.33 है।

पंचायतों का आरक्षण नए सिरे से
वर्ष 2010 के पंचायत चुनाव के बाद पहली बार गठित ग्राम पंचायतों में आरक्षित पदों के आवंटन में पूर्ववर्ती निर्वाचनों के स्टेटस को संज्ञान में नहीं लिया जायेगा और पदों के आवंटन के लिये बनाये गये अनुपातिक जनसंख्या के अवरोही क्रम में उनका नये सिरे से आरक्षण व आवंटन होगा।

आपत्ति निस्तारण के लिये समिति
पदों के आरक्षण का प्रस्ताव जन साधारण की सूचना के लिये ग्राम पंचायत कार्यालय, क्षेत्र पंचायत कार्यालय, जिला पंचायत कार्यालय और जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में सूचना पट पर लगातार तीन दिन तक प्रदर्शित किया जायेगा। इस अवधि में प्रस्ताव के विरुद्ध आयी आपत्ति को सम्मिलित करते हुए प्रकाशन की तिथि से सात दिवस के अंदर प्रस्तावित आरक्षण के विरुद्ध आपत्ति ब्लाक, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय डीएम दफ्तर में की जा सकेगी।

आपत्तियों का निस्तारण डीएम की अध्यक्षता में बनी समिति दो दिन के अंदर करेगी। इसमें सीडीओ और अपर मुख्य अधिकारी सदस्य जबकि जिला पंचायत राज अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। आपत्ति निस्तारण के बाद डीएम सूची को अंतिम रूप देते हुए सूचना पटों पर दो दिनों तक सूची का प्रदर्शन करेंगे।

एक नजर : आंकड़े
– प्रदेश में कुल ग्राम पंचायतों की संख्या – 59163
– क्षेत्र पंचायतों की संख्या – 821
– जिला पंचायतों की संख्या- 75


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