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कोबरापोस्ट का खुलासा : लाखों की रिश्वत लेकर नौकरी दे रही है अखिलेश सरकार


Sapa
नई दिल्ली,एजेंसी-9 मई। खोजी न्यूजपोर्टल कोबरापोस्ट ने इस बार समाजवादी पार्टी (सपा) की उत्तर प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार के एक बडे मामले में राज्य में ग्राम विकास अधिकारी के करीब तीन हजार पदों पर नियुक्तियों के लिये हर उम्मीदवार से आठ से 13 लाख रुपए की रिश्वत लिये जाने का खुलासा किया है।
कोबरापोस्ट ने कई मंत्रियों सहित सपा के एक दर्जन नेताओं से बातचीत के स्टिंग आपरेशन के जरिये इस पूरे गडबडझाले को सामने लाते हुए कहा कि रिश्वतखोरी का आधार तैयार करने के लिये नियुक्ति प्रक्रिया में विचित्र तरह के प्रावधान किये गये। वर्ष 2013..14 के दौरान के इस मामल में जिला स्तर पर होने वाली नियुक्तियों के लिये जिला अधिकारी को ..ऊपर.. से नाम भेजे गये।
न्यूजपोर्टल के संपादक अनिरुद्ध बहल ने आज यहां भारतीय प्रेस क्लब में एक संवाददाता सम्मेलन मे यह वीडियों प्रेजेन्टेशन में इस स्टिंग आपरेशन रिपोर्ट को सार्वजनिक किया। कोबरापोस्ट ने याद दिलाया कि सपा की पूर्ववर्ती सरकार के समय में भी प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पी.ए.सी.) में लगभग 22 हजार जवानों की भर्ती भी इसी तर्ज की गई थी। बाद में आयी बहुजन समाज पार्टी की मायावती सरकार ने इनमें से लगभग 18 हजार नियुक्तियों को रद्द कर दिया था और इस प्रक्रिया में शामिल कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। उत्तर प्रदेश के पडोसी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ऐसे ही एक भर्ती कांड में जेल की सजा भुगत रहे हैं।
न्यूजपोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के ग्राम विकास विभाग में ग्राम विकास अधिकारियों के 3000 पदों पर भर्ती के लिए 23 जुलाई 2013 को विज्ञापन जारी किया गया था। आवेदकों को 21 जनवरी 2014 तक आवेदन करना था। सूत्रों के अनुसार भर्ती के लिये तय किये गये नियमों के अनुसार जिला स्तर पर होने वाली इन भर्तियों में उन्हीं लोगों का चयन का प्रावधान किया गया जिनके नाम जिला अधिकारी को ऊपर से भ्ोजी जाने वाली सूची में हो। जाहिर है इस सूची में उन्हीं लोगों का नाम शामिल होगा जिन लोगों ने रिश्वत की राशि ऊपर पहुंचा दी हो। लेकिन दिखावे के लिये लिखित परीक्षा और इंटरव्यू कराया जाएगा।
कोबरापोस्ट के संवाददाता मोहम्मद हिजबुल्लाह ने इस तहकीकात के दौरान राज्य के 12 लोगों से बातचीत की जो राज्य के शासन प्रशासन और समाजवादी पार्टी में अच्छा प्रभाव रखते हैं। इनमें राज्य के श्रम और रोजगार विभाग में सलाहकार हाजी मोहम्मद अब्बास. उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष श्रीप्रकाश राय. राज्य आवश्यक वस्तु निगम के चेयरमैन हाजी इकराम कुरैशी. सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री शाकिर अली. पूर्व राज्यमंत्री आनंदसेन यादव. सपा विधायक चंद्रा रावत. सपा विधायक शारदा प्रताप शुक्ला. सपा के राज्य कार्यकारणी सदस्य राम प्रकाश यादव. सपा के युवा मोर्चा के सचिव सतीश यादव. सपा के संभल जिला सचिव उरमान सिंह यादव.उत्तर प्रदेश नव निर्माण सेना के अध्यक्ष अमित अग्रवाल उर् अमित जानी तथा लखनऊ के पूर्व पार्षाद अय्याज अहमद शामिल हैं। यह दावा किया गया है कि इन नेताओं की सपा और सत्ता के शीर्ष नेतृत्व से सीधी सांठगांठ है।
रिपोर्ट के अनुसार इन लोगों ने दावा किया कि भर्ती के लिए लोगों से आठ से लेकर 13 लाख तक की रिश्वत मांगी जा रही थी तथा कई जगह उम्मीदवारों से रिश्वत का आधा हिस्सा टोकन मनी के रूप में पहले मांगा गया। न्यूजपोर्टल ने यह भी दावा किया कि पंचायती राज विभाग में भी इसी तर्ज पर नियुक्तियां हो रहीं हैं। जबकि पुलिस विभाग में करीब पांच हजार भर्तियां करने की घोषणा की गई है।


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