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उत्तर प्रदेश का भारी भरकम बजट पेश


akhilesh

लखनऊ,एजेंसी-20 जून। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को विधानमंडल सत्र उत्तर प्रदेश का भारी भरकम बजट पेश किया। अखिलेश यादव ने आज वित्तीय वर्ष 2014-15 में दो लाख 74,704 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इस बजट में सरकार का ज्यादा जोर सड़क, सेतु, ऊर्जा पर सिंचाई पर है। अखिलेश ने आज विधानसभा में जीरो टैक्स व जीरो घाटे का बजट पेश किया। इस दौरान बीजेपी ने वाकआउट किया।
बजट पेश करने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि हमने राजकीय कोष घाटा पर नियंत्रण का प्रयास किया है। अखिलेश यादव ने इस बार बजट में लोकलुभावन योजना बेरोजगारी भत्ता, कन्या विद्याधन तथा लैपटॉप वितरण को परे रखा है। इस बार बजट में बीते वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। सड़कों, पुलों के लिए 15 हजार एक सौ करोड़ और माध्यमिक शिक्षा के लिए सात हजार 880 करोड़ रुपए का बजट। बजट बीते आठ वर्ष की तुलना में सबसे भारी भरकम है। सरकार का दावा है कि इस बजट में 75 प्रतिशत गांव व किसान के हित का ध्यान रखा गया है। सरकार का जोर इस बार ई-लाइब्रेरी पर भी है। सूबे में बिजली की हालत सुधारने के लिए 23,928 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बजट में बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है। बजट में कुल 2,70,573 करोड़ रुपये की प्राप्तियां अनुमानित हैं। लोकलेखा से 4,570 करोड रुपये के समायोजन के बाद 438 करोड रुपये की बचत दिखायी गयी है। बीते वर्ष का प्रारम्भिक शेष 4,590 करोड़ रुपये था। इसमें 438 करोड़ रुपये जोड़कर यह राशि 5,028 हो गयी है। इसमें 4,132 करोड़ रुपये घाटे का अनुमान है।
अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था के मामले में लगातार किरकिरी झेल रही सरकार को राहत देने के मकसद से प्रदेश पुलिस के आधुनिकीकरण का भी ध्यान रखा है। इसके लिए 12,400 करोड़ रुपये रखे गए हैं। लखनऊ में कैंसर इंस्टिट्यूट के लिए 78 करोड़ रुपए का प्रावधान किया। सरकार इटावा, लखनऊ, वाराणसी और कानपुर में डेयरी प्लांट्स भी लगाएगी। अखिलेश यादव ने बेसिक शिक्षा के लिए 29,380 करोड़ रुपए दिए। राज्य में सिंचाई व्यवस्था के लिए 7,587 करोड़ रुपए दिए गए।
सरकार इस बार समाजवादी पेंशन योजना शुरू करेगी। इसमें 242 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। सरकार का दावा है इससे 40 लाख परिवारों को फायदा पहुंचेगा। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे प्रॉजेक्ट के लिए 3820 करोड़ रुपए दिए गए। राच्य में सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए 15000 करोड़ रुपए दिए गए। को-ऑपरेटिव चीनी मिलों के लिए 400 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। पावर सेक्टर के लिए सरकार ने 24,000 करोड़ रुपए दिए।
लोहिया ग्राम योजना के लिए 1500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। अखिलेश ने प्रदेश में तीन नए सैनिक स्कूल खोलने का भी ऐलान किया। बजट में गन्ना मूल्य भुगतान के लिए चार सौ करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। गांवों में शौचालय बनाने के लिए 359 करोड़ रुपए तथा मुफ्त बैटरी चालित रिक्शा के लिए तीन सौ करोड़ रुपए का इंतजाम किया गया है।
इससे पहले विपक्षी दलों बसपा व भाजपा ने आज लगातार दूसरे दिन भी बजट से पहले सदन की कार्यवाही को बाधित किया। भाजपा ने तो मुख्यमंत्री के बजट भाषण का भी बहिष्कार कर दिया। पहले सत्र को आधा घंटा और फिर 12:20 बजे तक के लिए स्थगित किया गया।
सहकारी बैंकों की माली हालत सुधारने के लिए 610 करोड़ तथा पंचायती राज विभाग के लिए 661 करोड़ रुपए का बजट। स्वास्थ्य के लिए दो हजार 513 करोड़ रुपए का बजट। आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए 42 करोड़, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए 68 करोड़, झांसी मेडिकल कॉलेज के लिए 60 करोड़ रुपए का बजट। गोरखपुर में बच्चों के लिए 500 बेड का अस्पताल।
लोहिया इंस्टीट्यूट के लिए 400 करोड़, एसजीपीजीआई के लिए 368 करोड़ रुपए का बजट। लखनऊ और आगरा में आईटी सिटी बनेगी, अरबी-फारसी मदरसा के लिए 240 करोड़ का बजट। लखनऊ में कैंसर इंस्टिट्यूट के निर्माण के लिए 184 करोड़ रुपए का बजट। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, इटावा में 5 लाख लीटर की क्षमता के लगेंगे डेरी प्लांट। उच्च शिक्षा के लिए दो हजार 269 करोड़ का बजट।
लोहिया गांवों के लिए पंद्रह सौ करोड़, इंदिरा आवासों के लिए 18 सौ करोड़ रुपए का बजट। राम मनोहर लोहिया ग्राम विकास के लिए 800 करोड़ रुपए का बजट। भूमि सेना योजना के लिए सौ करोड़ और लखनऊ से आगरा छह लेन के लिए तीन हजार 280 करोड़ का बजट। लखनऊ मेट्रो संचानल के लिए 95 करोड़ रुपए का बजट। ग्रामीण पेय जल के लिए एक हजार 598 करोड़ रुपए का बजट। पूर्वाचल विकास के लिए 291 करोड़ और बुंदेलखंड विकास के लिए 758 करोड़ रुपए का बजट। कृषि संबंधित सेवाओं के लिए सात हजार 625 करोड़ रुपए का बजट।
शिक्षा में विकास के लिए 41 हजार 538 करोड़ रुपए का बजट। चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए 14 हजार 377 करोड़ रुपए का बजट। अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, विकलांग, अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग के गरीबों के कल्याण के लिए 25 हजार 522 करोड़ रुपए का बजट।
गाजियाबाद मेट्रो रेल के लिए एक हजार 838 करोड़ रुपए का बजट। गन्ने के औसत उपज और चीनी उत्पादन वृद्दि के लिए 350 करोड़ रुपए का बजट। सहकारी गन्ना समितियों के लिए 252 करोड़ रुपए का बजट।
बजट में खास- कानून-व्यवस्था के मामले में लगातार किरकिरी झेल रही सरकार को राहत देने के मकसद से प्रदेश पुलिस के आधुनिकीकरण का भी ध्यान रखा है। इसके लिए 12,400 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
-लखनऊ में कैंसर इंस्टीट्यूट के लिए 78 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार इटावा, लखनऊ, वाराणसी और कानपुर में डेयरी प्लांट्स भी लगाएगी।
-बेसिक शिक्षा के लिए 29,380 करोड़ रुपये।
-राज्य में सिंचाई व्यवस्था के लिए 7,587 करोड़ रुपये का प्रावधान।
-सरकार इस बार समाजवादी पेंशन योजना शुरू करेगी। इसमें 242 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सरकार का दावा है इससे 40 लाख परिवारों को फायदा पहुंचेगा।
-लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट के लिए 3820 करोड़ रुपये।
-राज्य में सड़क और पुलों के निर्माण के लिए 15000 करोड़ रुपये।
-को-ऑपरेटिव चीनी मिलों के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान।
-पॉवर सेक्टर के लिए 24,000 करोड़ रुपये।
-लोहिया ग्राम योजना के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान।
-प्रदेश में तीन नए सैनिक स्कूल खोलने का भी एलान।
– गन्ना मूल्य भुगतान के लिए चार सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-गांवों में शौचालय बनाने के लिए 359 करोड़ रुपये तथा मुफ्त बैटरी चालित रिक्शा के लिए तीन सौ करोड़ रुपये का इंतजाम।
-सहकारी बैंकों की माली हालत सुधारने के लिए 610 करोड़, पंचायती राज विभाग के लिए 661 करोड़।
-स्वास्थ्य के लिए 2,513 करोड़, आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए 42 करोड़, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए 68 करोड़, झांसी मेडिकल कॉलेज के लिए 60 करोड़ रुपये का बजट।
-गोरखपुर में बच्चों के लिए 500 बेड का अस्पताल।
-लोहिया इंस्टीट्यूट के लिए 400 करोड़
-एसजीपीजीआई के लिए 368 करोड़ रुपये
-लखनऊ और आगरा में आईटी सिटी बनेगी
-अरबी-फारसी मदरसा के लिए 240 करोड़ का बजट
-लखनऊ में कैंसर इंस्टीट्यूट के निर्माण के लिए 184 करोड़ रुपये का बजट
-लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, इटावा में 5 लाख लीटर की क्षमता के लगेंगे डेरी प्लांट
-उच्च शिक्षा के लिए दो हजार 269 करोड़ का बजट
-लोहिया गांवों के लिए पंद्रह सौ करोड़
-इंदिरा आवास के लिए 18 सौ करोड़ रुपये का बजट
-राम मनोहर लोहिया ग्राम विकास के लिए 800 करोड़ रुपये का बजट
-भूमि सेना योजना के लिए सौ करोड़ और लखनऊ से आगरा छह लेन के लिए तीन हजार 280 करोड़ का बजट
-लखनऊ मेट्रो संचालन के लिए 95 करोड़ रुपये का बजट
-ग्रामीण पेय जल के लिए एक हजार 598 करोड़ रुपये का बजट
-पूर्वाचल विकास के लिए 291 करोड़ और बुंदेलखंड विकास के लिए 758 करोड़ रुपये का बजट
-कृषि संबंधित सेवाओं के लिए सात हजार 625 करोड़ रुपये का बजट
-शिक्षा में विकास के लिए 41 हजार 538 करोड़ रुपये का बजट
-चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए 14 हजार 377 करोड़ रुपये का बजट
-अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, विकलांग, अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग के गरीबों के कल्याण के लिए 25 हजार 522 करोड़ रुपये का बजट
-गाजियाबाद मेट्रो रेल के लिए एक हजार 838 करोड़ रुपये का बजट
-गन्ने की औसत उपज और चीनी उत्पादन वृद्धि के लिए 350 करोड़ रुपये का बजट
-सहकारी गन्ना समितियों के लिए 252 करोड़ रुपये का बजट।


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