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सुमित्रा महाजन सदस्यों के आचरण से आहत


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नई दिल्ली,एजेंसी-9 जुलाई। लोकसभा में मंगलवार को भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों के बीच हुई अशोभनीय घटना से आहत अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने बुधवार को सभी दलों के नेताओं से अपील की कि वे अपने दलों के सदस्यों को सदन में अमर्यादित आचरण से बचने को कहें।

सदन में आज भी इस विषय पर हंगामा होने और उससे सदन को एक बार स्थगित किए जाने के बाद दोपहर 12 बजे सदन की बैठक शुरू होने पर अध्यक्ष ने कहा कि कल से सभा की कार्यवाही के दौरान, लोकसभा में कुछ सदस्यों द्वारा अमर्यादित आचरण की घटनाएं अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से संसद में जो थोड़ी अव्यवस्था हो रही है, उससे हम सभी आहत हैं।

महाजन ने कहा कि सरकार की बातों से कुछ सदस्य असहमत हो सकते हैं और सदस्यों की कुछ बातों और व्यवहार से दूसरे सदस्य आहत हो सकते हैं। सदस्यों के विचार रखने के अनेक तरीके हैं, लेकिन अगर एक ने सम्मान को ठेस पहुंचाई तो दूसरे सदस्य व्यवस्था बिगाड़ें यह जरूरी नहीं है। यह संसदीय गरिमा के अनुरूप नहीं है।

स्पीकर ने कहा कि पूरे देश की इस बात पर नजर रहती है कि सांसद संसद में किस तरह का आचरण कर रहे हैं। इसलिए मैं सभी दलों के नेताओं से आग्रह करती हूं कि वे अपने दल के सदस्यों को सदन में अमर्यादित आचरण से बचने पर बल दें। मैं सभी नेताओं तथा सदस्यों से अनुरोध करती हूं कि वे इस सदन की कार्यवाही के सुचारु संचालन में अपना सहयोग दें।

गौरतलब है कि कल सदन में रेल बजट पेश किए जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस के सदस्य अन्य विपक्षी सदस्यों के साथ बजट का विरोध कर रहे थे। हंगामे के बीच भाजपा के कुछ सदस्यों और तृणमूल सदस्यों के बीच संघर्ष की नौबत आ गई थी और कथित तौर पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग हुआ था।

सुमित्रा महाजन ने कहा कि जनता ने हमें वोट दिया है जो सदन में नियम तोड़ने या नियमों की अवहेलना के लिए नहीं दिया है बल्कि राष्ट्र एवं जनता की भलाई के लिए नियम एवं कानून बनाने के लिए दिया है। उन्होंने कहा कि जब हम ही (सदस्य) अव्यवस्था फैलाते हैं तो अनेकानेक अवांछित प्रसंग या घटनाएं घटित होती हैं। आरोप, प्रत्यारोप तथा अशोभनीय भाषा का प्रयोग होता है, जिससे हम सब, राष्ट्र की जनता और प्रजातांत्रिक मूल्य आहत होते हैं।

उन्होंने सदस्यों से सदन में पोस्टर नहीं लहराने और नारेबाजी नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा कि सदन में आसन मे समीप धरना देना और सदन के अंदर तथा बाहर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अमर्यादित व्यवहार करना उचित नहीं है।

अध्यक्ष ने कहा कि मेरा सभी सम्माननीय सदस्यों से आग्रह है कि वे इस बात का निश्चय करें कि आसन के पास नहीं आएंगे। किसी भी प्रकार का प्लेकार्ड नहीं दिखाएंगे और सदन में अपनी समस्याओं को अपने ही स्थान से उठाएंगे। हम सदन की गरिमा को कायम रखते हुए सदन चलाएंगे। महाजन ने सदस्यों से कहा कि वे यदि आसन का सम्मान भी नहीं रखना चाहते तो यह और भी गंभीर बात है।


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