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सोनिया, मनमोहन ने किया नटवर के दावे का खंडन


Manmohan Singh-Sonia Gandhi
नई दिल्ली,एजेंसी-1 अगस्त। कांग्रेस पर गिरे पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह के ताजा तरीन ‘पुस्तक बम’ के आरोपों का कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह दोनों ने गुरुवार को खंडन किया।

नटवर ने अपनी किताब ‘वन लाइफ इज नॉट एनफ’ में दावा किया है कि सोनिया सरकारी फाइलें देखती थीं। सोनिया ने कहा कि ‘हर किसी को सच से अवगत’ कराने के लिए वे खुद एक किताब लिखना चाहती हैं। उनके सुर में सुर मिलाते हुए मनमोहन सिंह ने कहा है कि ‘निजी स्तर के संवादों का लाभ लेने के लिए दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।’

सोनिया ने समाचार चैनल एनडीटीवी से कहा, “मैं अपनी खुद की किताब लिखूंगी और तब सबको सच्चाई पता चलेगी।”

उन्होंने कहा, “सच को सामने लाने का एक ही तरीका है कि मैं खुद किताब लिखूं। मैं इसे लेकर काफी गंभीर हूं।”

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में विदेश मंत्री रहे नटवर सिंह ने एक साक्षात्कार में सोनिया पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार न करने का फैसला अपनी ‘अंतर्रात्मा’ की आवाज पर नहीं किया था, जैसा कि दावा किया गया था।

उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके बेटे राहुल गांधी के विरोध पर लिया गया था जो कथित रूप से अपने पिता राजीव गांधी और दादी इंदिरा गांधी की प्रधानमंत्री रहते हुई हत्या से चिंतित थे।

नटवर ने यह दावा भी किया कि सोनिया की सरकारी फाइलों तक पहुंच थी और उन तक नौकरशाह पुलक चटर्जी लेकर आते थे।

मनमोहन सिंह ने इस आरोप का खंडन किया और कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय से सोनिया गांधी के कार्यालय तक कोई भी फाइल नहीं भेजी जाती थी।

उन्होंने कहा, “निजी संवाद का लाभ के लिए दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।”

सोनिया ने कहा कि वह इस तरह के हमलों की आदी हैं। उन्होंने कहा, “मुझे अब तकलीफ नहीं होती। मैंने अपनी सास को गोलियों से छलनी होते देखा, अपने पति की मौत देखी, अब मुझे इस तरह की घटनाओं से तकलीफ नहीं होती। उनको यही सब करते रहने दीजिए, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनको खुशी मिलती है, तो यह सब करते रहें।”

नटवर सिंह (83) को वोल्कर रिपोर्ट में नाम आने के बाद 2005 में कांग्रेस नीत संप्रग सरकार से इस्तीफा देना पड़ा था।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मंत्री पद को ध्यान में रखते हुए जिन संवेदनशील मुद्दों को उनके साथ साझा किया गया था नटवर सिंह अब व्यावसायिक हित साधने के लिए उन्हें सनसनीखेज बनाकर पेश कर रहे हैं।

सिंघवी ने संवाददाताओं से कहा, “पुस्तक जारी होने से पहले नटवर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों का हम खंडन कर चुके हैं। किताब की व्यावसायिक सफलता के लिए यह सनसनी पैदा करना आवश्यक है।”

उन्होंने कहा कि यह भी ध्यान में रखा जाना चाहिए कि नटवर सिंह की कांग्रेस से किस तरह विदायी हुई थी और अब उनका बेटा राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का विधायक है।


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