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नेपाल के मामलों में हस्तक्षेप भारत का काम नहीं : मोदी


Modi_In_Nepal
काठमांडो,एजेंसी-4 अगस्त। भारत की नेपाल के आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप की कोई मंशा नहीं होने के प्रति आश्वस्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि दोनों देशों की बीच की सीमा को सेतु बनना चाहिए न कि अड़चन. साथ ही उन्होंने इस हिमालयी देश के लिए 10 हजार करोड़ का रिण रियायती दर पर देने की घोषणा की.

मोदी पिछले 17 साल में नेपाल की आधिकारिक यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं.

भारत के अपने पड़ोसियों के साथ राजनयिक एवं आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने के प्रयासों के बीच मोदी ने कहा कि वह चाहते हैं कि नेपाल एक विकसित देश बने तथा वह इस देश के हर प्रयास में उसके साथ काम करने को तैयार हैं. मोदी ने नेपाल को ‘‘हिट’’ मंत्र प्रदान किया. हाईवे , आई.टी और ट्रांसवे.

नेपाल के मामलों में भारत के हस्तक्षेप संबंधी आशंकाओं को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘नेपाल सही अथरें में संप्रभु राष्ट्र है. हमारा सदा से ही यह मानना रहा है कि आप जो करते हैं उसमें हस्तक्षेप करना हमारा काम नहीं है लेकिन आपने जो रास्ता चुना है उसमें हम आपको सहयोग देंगे.’’ नेपाल की दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचे मोदी ने नेपाल की संविधान सभा को संबोधित किया. मोदी दूसरे ऐसे विदेशी नेता हैं जिन्हें नेपाल की संसद को संबोधित करने का गौरव प्राप्त हुआ. इससे पहले 1990 में जर्मन चांसलर हेल्मट कोल ने नेपाली संसद को संबोधित किया था.

मोदी ने नेपाल की संविधान सभा को 45 मिनट तक संबोधित किया. उन्होंने अपना भाषण हिन्दी में शुरू करने से पहले कुछ वाक्य नेपाली में बोले जिसके कारण काफी देर तक मेजें थपथपा कर उनकी सराहना की गयी. संविधान सभा को संबोधित करने से कुछ घंटे पहले उन्होंने अपने नेपाली समकक्ष सुशील कोइराला के साथ बातचीत की और इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये.

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में नेपाली भाषा में कहा, ‘‘मैं सवा अरब भारतीयों का प्रेम और शुभकामनाएं लेकर आया हूं.’’ उन्होंने भारत के साथ नेपाल के संबंधों को हिमालय और गंगा जितना प्राचीन बताया और कहा, ‘‘सीमाओं को दोनों पड़ोसियों के बीच सेतु बनना चाहिए, बाधा नहीं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने नेपाल को 10000 करोड़ नेपाली रूपये विभिन्न विकास उद्देश्यों के लिए रियायती दर पर रिण के रूप में उपलब्ध कराने का निर्णय किया है.’’

मोदी ने कहा, ‘‘यह राशि नेपाल को भारत द्वारा पहले से ही मुहैया करायी गयी सहायता के अतिरिक्त होगी.’’ नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार नयी मदद का उपयोग नेपाल की प्राथमिकता के तहत आधारभूत ढांचे के विकास और उर्जा परियोजनाओं के लिए किया जायेगा.

नेपाल के लिए आदर्श विकास फार्मूला की पेशकश करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘मैं नेपाल को हिट करना चाहता हूं.’’ उनकी इस बात की सांसदों ने जमकर सराहना की.

उन्होंने अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि हिट में एच का मतलब है हाईवे :राजमार्ग:, आई का मतलब है आईवेज :सूचना प्रवाह: तथा टी का मतलब है ट्रांसवेज :पारेषण और पारगमन:.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत नेपाली संघीय जनतांत्रिक गणराज्य की भावना का सम्मान करता है. उन्होंने कहा कि नेपाल सही मायनों में एक संप्रभु राष्ट्र है. उन्होंने कहा, ‘‘आपके आंतरिक मामलों में दखल देना हमारा काम नहीं है बल्कि आपने जो रास्ता चुना है हम उसमें आपकी मदद करना चाहते हैं.’’ मोदी ने कहा, ‘‘आपका पड़ोसी देश होने के नाते और एक लोकतांत्रिक देश के रूप में हमारे अनुभव को देखते हुये जिस दिशा में आप बढ़ रहे हैं उससे हमें खुशी महसूस होती है.

हम तो यही चाहते हैं कि नेपाल खूब तरक्की करे और उसकी प्रगति हिमालय जितनी उंचाई तक पहुंचे.’’ भारत की रक्षा सेनाओं में गोरखा सैनिकों के योगदान की प्रशंसा करते हुये मोदी ने कहा कि नेपाली सैनिकों के बलिदान के बिना भारत कोई भी लड़ाई नहीं जीत सका. उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन वीरों को सलाम करता हूं जिन्होंने भारत के लिये अपने प्राण न्यौछावर किये.’’

भारतीय सेना के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशा का हवाला देते हुये मोदी ने कहा, ‘‘कोई भी सैनिक जो यह कहता है कि उसे मौत से डर नहीं लगता, वह या तो झूठ बोलता है या फिर वह गोरखा है.’’ मोदी ने कहा कि वह नेपाल की संविधान सभा को संबोधित करके सम्मानित महसूस कर रहे हैं और यह 1.2 अरब भारतीयों के लिये सम्मान की बात है.

मोदी ने कहा कि बेहतर संपर्क मार्ग निर्माण में भारत नेपाल की मदद करेगा. नेपाल में सूचना हाइवे विकसित करने में भी भारत नेपाल को सहायता देगा ताकि ‘‘नेपाल दुनिया के देशों में पीछे नहीं छूट जाये. नेपाल को भी डिजिटल दुनिया में आगे रहना होगा और पूरी दुनिया के साथ उसका संपर्क स्थापित होना चाहिये.’’ उन्होंने कहा कि नेपाल के पास जलविद्युत क्षेत्र में विकास की व्यापक संभावनायें हैं और इसके लिये भारत बिजली के निर्यात और आयात के लिये पारेषण लाइनों की स्थापना के लिये प्रत्रिबद्ध है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नेपाल से बिजली खरीदना चाहता है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत द्वारा आज नेपाल को उपलब्ध करायी जाने वाली बिजली की मात्रा को दोगुना करना चाहता हूं, इसके लिये हमें जल्द से जल्द ट्रांशमिशन लाइनें बिछानी होंगी.’’ मोदी ने कहा कि नेपाल को ‘हिट’ करने की मेरी भावना के पीछे यह मतलब है और आप भी इससे सहमत होंगे कि यह जल्द ही हिट हो जायेगा.

मोदी ने कहा, ‘‘फिलहाल इस समय हम यहां अंधेरा दूर करेंगे और एक दशक बाद नेपाल हमारी मदद के लिये आगे आयेगा, यह हमारा गठबंधन होगा.’’ उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सीमायें अवरोध नहीं बननी चाहिये बल्कि एक पुल का काम करने वाली होनी चाहिये ताकि दोनों देशों का विकास हो.

मोदी ने कहा कि नेपाल और भारत के रिश्ते उतने ही पुराने हैं जितने कि हिमालय और गंगा. दोनों देशों के बीच नजदीकी सांस्कृतिक रिश्ते हैं.


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