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अब तक 5 हजार भारतीय इराक से स्वदेश लौटे : सुषमा


Sushma
नई दिल्ली,एजेंसी-5 अगस्त। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को कहा कि हिंसाग्रस्त इराक से लगभग 5 हजार भारतीयों को वापस स्वदेश लाया जा चुका है। साथ ही उन्होंने सांसदों से पश्चिम एशिया के देशों में फंसे लोगों के बारे में उड़ रही अफवाहों पर विश्वास न करने का आग्रह किया। राज्यसभा में एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर स्पष्टीकरण देते हुए सुषमा ने सदस्यों से इराक और लीबिया में अपने जानने वाले वैसे लोगों को विश्वास दिलाने का आग्रह किया, जो वापस स्वदेश लौटना चाहते हैं।
इराक के हिंसाग्रस्त इलाकों में फंसे भारतीयों का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि इराक में 15-22 हजार भारतीय सुरक्षित जोन में हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस्लामिक स्टेट और इराक और सीरिया (आईएसआईएस) द्वारा अपहृत 41 भारतीय सकुशल हैं।
इराक में आईएसआईएस द्वारा अपहृत भारतीयों की हत्या पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए सुषमा ने राज्यसभा में कहा, “कई तरह के अफवाह सामने आ रहे हैं। मैं सदस्यों से आग्रह करती हूं कि वे इस पर विश्वास नहीं करें। अपहृत सभी भारतीय सकुशल हैं।”
उन्होंने कहा, “मैं उनके लौटने की उसी तरह प्रतीक्षा कर रही हूं, जैसे एक मां अपने बच्चे के लौटने की करती है। हमने हर किसी से मदद मांगी। मदद के लिए कोई कोना नहीं छोड़ा।”
सुषमा ने कहा कि हर भारतीय को छुड़ाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
मंत्री द्वारा जारी एक लिखित बयान के मुताबिक, बीते दो अगस्त तक 4,900 भारतीयों को वापस स्वदेश लाया जा चुका है।
उन्होंने कहा, “आंकड़ों में बदलाव होता रहता है। लगभग पांच हजार भारतीयों को वापस लाया जा चुका है।”
उन्होंने कहा, “कई लोग वापस लौटना ही नहीं चाहते। बगदाद में रह रहे सभी लोगों को लौटने के लिए कहा जा रहा है। उसी तरह लीबिया में स्थितियां ऐसी हैं कि अब हम अपने लोगों को वापस ला सकते हैं।”
सुषमा ने कहा, “हम उन्हें वापस आने को राजी कर रहे हैं। यदि वे आने के लिए सहमत नहीं होते, तो हम उनसे यह बात लिखित में लेंगे कि वे नहीं लौटना चाहते हैं।”
उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी उन्हें वापस भारत लौटने के लिए राजी करने की कोशिशों में लगे हैं।
“शिविर बनाए जा चुके हैं। अधिकारी कंपनियों में जाकर भारतीयों को वापस लौटने के लिए राजी करने के काम में लगे हैं।”
मंत्री ने उस खबर का भी खंडन किया, जिसमें कहा गया है कि केरल के एक बड़े व्यापारी ने इराक से भारतीय नर्सो को वापस स्वदेश लाने में सहायता की।
राज्यसभा के उपसभापति पी.जे.कुरियन ने हालांकि सोमवार को कार्यवाही के दौरान नियमों में छूट दी। मंत्री के बयान के तुरंत बाद सभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी सदस्यों को मंत्री से स्पष्टीकरण मांगने की इजाजत दी, लेकिन कहा कि इसे एक मिसाल के तौर पर न लिया जाए।


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